विदेशी तिजोरियों में रखा सोना लाने में जुटा भारत, उधर अमेरिका से 'खेल' गया फ्रांस

फ्रांस के केंद्रीय बैंक ने अमेरिका में रखे अपने सोने को बड़ी ही चालाकी से वापस हासिल कर लिया है. और इस चालाकी के खेल में फ्रांस को 15 अरब डॉलर का भारी मुनाफा भी हुआ है.

Advertisement
फ्रांस ने अमेरिका में रखा अपना सोना बेहद चालाकी से वापस ले लिया है (Photo: Gemini) फ्रांस ने अमेरिका में रखा अपना सोना बेहद चालाकी से वापस ले लिया है (Photo: Gemini)

आजतक इंटरनेशनल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 08 मई 2026,
  • अपडेटेड 6:00 PM IST

हाल ही में खबर आई कि भारत समेत दुनियाभर के देश विदेशों में रखा अपना सोना बहुत तेजी से वापस मंगा रहे हैं. भारत लंदन, न्यूयॉर्क से अपना सोना वापस लाने में सबसे आगे बताया जा रहा है. इस बीच फ्रांस ने भी अमेरिका से अपना सोना 'वापस' ले लिया है. लेकिन उसका तरीका अनूठा है.

फ्रांस के केंद्रीय बैंक (बैंक ऑफ फ्रांस) ने अमेरिका की निगरानी में रखे अपने सोने को बिना किसी विवाद के वापस लाने का एक अनोखा तरीका निकाला है: न्यूयॉर्क में उसे मुनाफे पर बेच दिया और फिर यूरोप में वही सोना दोबारा खरीद लिया.

Advertisement

वित्त वर्ष 2025 के अपने ऐलान में बैंक ऑफ फ्रांस ने एक एक्सेप्शनल आइटम यानी अलग से हुई कमाई का खुलासा किया. इसकी वजह से बैंक का 2.9 अरब यूरो का घाटा बदलकर 8.1 अरब यूरो का सालाना मुनाफा बन गया.

25 मार्च की प्रेस रिलीज में फ्रांसीसी बैंक ने कहा, 'एक विशेष वजह के कारण बैंक की अपनी संपत्तियों से होने वाली आय में 12.2 अरब यूरो की बढ़ोतरी हुई है.'

बैंक ने बताया कि 2025 और 2026 की शुरुआत में तकनीकी नियमों के मुताबिक, उसे अपने रिजर्व के बचे हुए 5% हिस्से में बदलाव करना पड़ा. हालांकि, इस बदलाव से उसके गोल्ड रिजर्व की मात्रा में कोई बदलाव नहीं हुआ. बल्कि उसे फॉरेन एक्सचेंज इनकम से बड़ा मुनाफा हुआ. यह मुनाफा 2025 में कुल 11 अरब यूरो रहा.

अपने सोने को अमेरिका में रख फंसा है जर्मनी, फ्रांस ने कमा लिया मुनाफा
 
फ्रांस ने अपना गोल्ड रिजर्व अमेरिका में रखा था और बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य, जहां अमेरिका मिडिल ईस्ट के युद्ध में फंसा है, वो अपना सोना वापस मांगता तो विवाद तय था. लेकिन फ्रांस ने चतुराई से इसका हल निकाला जो उसके लिए फायदे का सौदा साबित हुआ. 

Advertisement

वहीं, जर्मनी की बात करें तो, उसका काफी सोना अमेरिकी बैंक न्यूयॉर्क फेडरल रिजर्व के पास जमा है जिस पर देश में काफी विवाद होता है. जर्मन सांसदों को ट्रंप प्रशासन पर भरोसा नहीं है और वो चाहते हैं कि उनका सोना वापस देश आ जाए. जर्मनी ने यह मुद्दा कई बार उठाया है लेकिन उसे अपना सोना देश वापस लाने में अब तक सफलता नहीं मिली है. इधर, फ्रांस ने अपने सोने को वापस लेने या ट्रांसफर करने का मुद्दा ही नहीं उठाया.

इसके बजाय, बैंक ऑफ फ्रांस ने न्यूयॉर्क में पुराने और कम शुद्धता वाले सोने के बिस्कुट उस समय बेचे जब सोने की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर थीं. फिर उसी रकम से यूरोप में नए स्टैंडर्ड्स के मुताबिक, वजन और शुद्धता वाले सोने के बिस्कुट खरीद लिए. यह खरीद तब की गई जब सोने की कीमतों में गिरावट आई थी. इससे फ्रांस को मुनाफा भी हुआ और सोना भी अधिक शुद्ध मिल गया.

इस बेच-खरीद के खेल में फ्रांस के केंद्रीय बैंक को तीन बड़े फायदे मिले

पहला तो ये कि अमेरिका के साथ उसके रिश्तों में और तनाव नहीं आया. टैरिफ, ग्रीनलैंड, यूक्रेन और अब ईरान के मुद्दे को लेकर अमेरिका-फ्रांस में थोड़ा तनाव है लेकिन फ्रांस की समझदारी ने इस मुद्दे को तनाव की वजह नहीं बनने दिया.

Advertisement

दूसरा ये कि फ्रांस अगर अमेरिका से अपना सोना ले जाता तो उसे सुरक्षा का ख्याल रखना पड़ता और ट्रांसपोर्ट का खर्च भी लगता. लेकिन उसने सोना वापस लाने का झंझट ही नहीं रखा. तीसरा फायदा ये कि पूरे सौदे में फ्रांस को भारी मुनाफा हुआ, जिससे बैंक की वित्तीय स्थिति और मजबूत हो गई.

बैंक ने कहा, 'बैंक ऑफ फ्रांस की कुल शुद्ध संपत्ति अब 283.4 अरब यूरो हो गई है, जो 2024 में 202.7 अरब यूरो थी. इसमें सोने और विदेशी मुद्रा भंडार के पुनर्मूल्यांकन रिजर्व के रूप में 11.4 अरब यूरो शामिल हैं. यह हमारे भविष्य के मौद्रिक खर्चों को पूरा करेगा.'

बैंक ऑफ फ्रांस के गवर्नर फ्रैंकोइस विल्लेरॉय डी गल्हाऊ ने पत्रकारों से कहा कि नए सोने के बिस्कुट न्यूयॉर्क की बजाय पेरिस में रखने का फैसला 'राजनीतिक रूप से प्रेरित नहीं था.'

इन लेनदेन के बाद भी फ्रांस का कुल स्वर्ण भंडार करीब 2,437 टन पर स्थिर रहा है. फ्रांस का सोना पेरिस स्थित बैंक ऑफ फ्रांस की अंडरग्राउंड तिजोरी 'ला सूतेरेन' में रखा गया है.

भारत विदेशों में रखा अपना सोना तेजी से निकाल रहा

भारत के केंद्रीय बैंक रिजर्व बैंक (RBI) ने विदेशों से सोने को देश लाने की प्रक्रिया तेज कर दी है. RBI की रिपोर्ट (अक्टूबर 2025-मार्च 2026) के मुताबिक, भारत के कुल 880.52 टन सोने में से करीब 77% अब देश के अंदर रखा है. यानी लगभग 680 टन भारत में है, जबकि करीब 197.67 टन अभी भी बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ इंटरनेशनल सेटलमेंट्स के पास है. करीब 2.8 टन सोना डिपोजिट के रूप में रखा गया है.

Advertisement

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सिर्फ 6 महीनों में ही RBI ने 104.23 टन सोना वापस मंगा लिया.

इसका एक बड़ा कारण वैश्विक हालात हैं, जैसे, ईरान-अमेरिका युद्ध, रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिमी देशों का अफगानिस्तान की संपत्तियां फ्रीज करना. इन घटनाओं ने केंद्रीय बैंकों को सोचने पर मजबूर किया कि विदेश में रखा पैसा या सोना कभी भी राजनीतिक फैसलों के कारण फंस सकता है. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »