'राजनीतिक विरोधियों को निशाना बना रही सरकार', नेपाल के पूर्व पीएम ओली का आरोप, Gen-Z आंदोलन पर भी साधा निशाना

नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने आरोप लगाया कि वर्तमान प्रशासन आगामी 5 मार्च 2026 के आम चुनावों पर ध्यान नहीं दे रहा और राजनीतिक विरोधियों को निशाना बना रहा है. ओली ने Gen Z विरोध प्रदर्शन, बाहरी ताकतों के हस्तक्षेप और मीडिया की भूमिका पर भी चिंता जताई और स्पष्ट किया कि वे राजनीति छोड़ने या पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने का इरादा नहीं रखते.

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केपी ओली ने स्पष्ट किया कि वह पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफा नहीं देंगे (File Photo: PTI) केपी ओली ने स्पष्ट किया कि वह पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफा नहीं देंगे (File Photo: PTI)

aajtak.in

  • काठमांडू,
  • 20 अक्टूबर 2025,
  • अपडेटेड 6:55 AM IST

नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने आरोप लगाया कि अंतरिम सरकार उन्हें बिना पर्याप्त आधार के गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रशासन आगामी सामान्य चुनावों (5 मार्च 2026) को लेकर गंभीर नहीं है.

समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, केपी ओली ने ये बयान काठमांडू में संपादकों और वरिष्ठ पत्रकारों से अपनी पहली औपचारिक बातचीत के दौरान दिया. उन्होंने कहा कि केयरटेकर सरकार राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने में लगी हुई है, जबकि लोकतांत्रिक व्यवस्था बहाल करने पर ध्यान देना चाहिए.

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ओली ने कहा कि सरकार किसी भी तरह से उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है, जबकि इसके लिए कोई कानूनी आधार नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन सत्ता का दुरुपयोग कर रहा है और व्यक्तिगत प्रतिशोध में लगा हुआ है. उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी भंग हुई प्रतिनिधि सभा की पुनर्स्थापना की मांग करेगी.

पूर्व पीएम ने बताया कि उन्होंने इस्तीफा Gen Z नेतृत्व वाले हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद दिया था. ये प्रदर्शन भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर विवादास्पद प्रतिबंध के खिलाफ थे. ओली ने कहा कि केयरटेकर सरकार संवैधानिक नहीं है और इसे लोकतांत्रिक सिद्धांतों का उल्लंघन करते हुए बनाया गया है. उन्होंने अपनी सुरक्षा हटाए जाने की भी आलोचना की, जबकि उनके अनुसार उनके जीवन पर खतरे अभी भी मौजूद हैं. उन्होंने खुलासा किया कि उनके हटाए जाने के बाद नेपाल सेना ने उन्हें बालुवाटर स्थित प्रधानमंत्री आवास से बचाया.

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 ओली ने कहा कि मैं भीड़ से मुश्किल से बचा, उस दौरान मेरा मोबाइल फोन कई दिनों तक जब्त रखा गया. ओली ने Gen Z आंदोलन पर भी निशाना साधा और कहा कि इसके पीछे बाहरी ताकतों का प्रभाव था. उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध के दौरान हुई आगजनी और तोड़फोड़ बाहरी लोगों ने उकसाई थी. उन्होंने Nepo-babe अभियान को भी स्वीकार नहीं किया, जो युवाओं ने शुरू किया था और जिससे नेपाली लोगों में डर फैल गया.

पूर्व पीएम ने कहा कि वे भ्रष्टाचार विरोधी भावना का समर्थन करते हैं, लेकिन विरोध प्रदर्शनों की विनाशकारी प्रवृत्ति से सहमत नहीं हैं, जिसने प्रधानमंत्री कार्यालय, संसद भवन और सुप्रीम कोर्ट जैसी सरकारी इमारतों को नुकसान पहुंचाया. ओली ने मीडिया पर भी आरोप लगाया कि पत्रकार डर और राजनीतिक दबाव के कारण सही रिपोर्टिंग नहीं कर रहे.

ओली ने स्पष्ट किया कि वे राजनीति छोड़ने या अपने पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने का इरादा नहीं रखते. उन्होंने कहा कि अगर लोग मुझे वोट देंगे, तो मैं सत्ता में लौट सकता हूं. देश और मेरी पार्टी को अभी भी मेरी जरूरत है, और मैं राष्ट्र और समाज के लिए योगदान देने में सक्षम हूं. 

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