इजरायल ने रविवार को लेबनान की राजधानी बेरूत पर बम गिराए. इस हमले में 3 लोग मारे गए और 15 घायल हुए. लेकिन यह हमला ऐसे वक्त हुआ जब अमेरिका और ईरान के बीच एक बड़ी शांति डील लगभग फाइनल स्थिति में है. इस हमले से ईरान इतना गुस्से में आ गया कि डील टूटने की नौबत आ गई. और अब खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कह दिया यह हमला नहीं होना चाहिए था. ट्रंप ने इसे लेकर नाराजगी जाहिर की है. ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने कहा है कि बातचीत ही संकट से निकलने का सबसे बेहतर रास्ता है
इस पूरे मामले में तीन मुख्य पक्ष हैं. पहला - इजरायल. यह देश लेबनान में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर लगातार हमले कर रहा है. दूसरा - हिज्बुल्लाह. यह लेबनान में बैठा एक आतंकी संगठन है. इसका सबसे बड़ा दोस्त और मददगार ईरान है. ईरान इसे पैसे, हथियार और ट्रेनिंग देता है. सीधे कहें तो हिज्बुल्लाह ईरान की तरफ से लड़ता है. तीसरा - ईरान और अमेरिका. ये दोनों देश इस वक्त एक बड़ी शांति डील पर बात कर रहे हैं.
डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा?
यह सब देखकर खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मैदान में आ गए. उन्होंने साफ कहा कि आज सुबह बेरूत पर जो हमला हुआ वह नहीं होना चाहिए था. खासतौर पर उस वक्त जब हम ईरान के साथ शांति डील के इतने करीब थे.
राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी माना कि इजरायल को अपनी रक्षा करने का हक है, लेकिन जिस हमले के जवाब में इजरायल ने यह कदम उठाया वह बहुत छोटा था. उस हमले में कोई मरा नहीं, कोई घायल नहीं हुआ.
राष्ट्रपति ट्रंप ने इजरायल को सीधे कहा - लेबनान में अब कोई हमला नहीं होना चाहिए. और हिज्बुल्लाह को भी कहा - इजरायल पर भी कोई हमला नहीं. ट्रंप ने कहा यह एक लंबी और अच्छी शांति की शुरुआत हो सकती है, इसे बर्बाद मत करो.
डोनाल्ड ट्रंप ने नेतन्याहू की समझ पर उठाए सवाल
राष्ट्रपति ने बताया कि जब उनके सलाहकारों ने उन्हें बेरूत हमले की जानकारी दी तो वह हैरान रह गए. उन्होंने कहा कि यह हमला उस समय हुआ जब दोनों पक्ष समझौते के बेहद करीब थे.
राष्ट्रपति ट्रंप ने माना कि हिज्बुल्लाह की तरफ से पहले हमला हुआ था, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि उस कार्रवाई में न तो कोई बड़ा नुकसान हुआ था और न ही किसी की मौत हुई थी. उनके मुताबिक ऐसे समय में बड़े सैन्य हमले से हालात और जटिल हो सकते हैं. उन्होंने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को अपनी नाराजगी भी जताई. हालांकि ट्रंप का कहना है कि समझौता अभी भी संभव है.
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हमले के बाद ईरान ने क्या कहा?
बेरूत पर हमले के बाद ईरान बहुत गुस्से में आ गया. ईरानी फौज के डिप्टी कमांडर ने कहा - लेबनान में इजरायल के ये काम बिना जवाब नहीं रहेंगे.
ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन का बड़ा बयान, बातचीत ही संकट से निकलने का सबसे बेहतर रास्ता
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा है कि सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि संवाद का रास्ता अपनाया जाना चाहिए. उन्होंने यह भी दावा किया कि देश को “न युद्ध, न शांति” की थकाऊ स्थिति से बाहर निकालने के लिए उन्होंने शीर्ष नेतृत्व से बातचीत की थी और उन्हें सम्मानजनक वार्ता आगे बढ़ाने की अनुमति मिली थी.
रविवार को क्या हुआ?
रविवार को इजरायल ने फिर बेरूत के दाहिया इलाके पर बड़ा हमला किया. 3 लोग मारे गए, 15 घायल हुए. बेरूत के आसमान में धुएं के बड़े बादल दिखे. इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने खुद सोशल मीडिया पर लिखा कि हिज्बुल्लाह ने पहले उत्तरी इजरायल पर हमला किया, इसलिए यह जवाबी कार्रवाई की गई.
एक हफ्ते से क्या चल रहा है?
पिछले कुछ समय से एक सिलसिला चल रहा है. इजरायल बेरूत पर हमला करता है, ईरान उसके जवाब में इजरायल पर हमला करता है. फिर इजरायल जवाब देता है. यह चक्र चलता रहा है. एक हफ्ते पहले भी यही हुआ था. इजरायल ने बेरूत के दाहिया इलाके पर हमला किया, ईरान ने पलटकर इजरायल को निशाना बनाया.
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