'नाकारा कोर्ट चीन जैसे देशों को फायदा...', टैरिफ को लेकर ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट पर फिर निकाली भड़ास

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने यह बयान सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ से जुड़े फैसले पर नाराजगी जताने के लिए दिया है. उनका मानना है कि कोर्ट के इस फैसले से उनके कुछ अधिकार सीमित हुए हैं, विशेष रूप से विदेशी देशों पर लाइसेंस फीस लगाना.

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सुप्रीम कोर्ट पर फिर भड़के ट्रंप (Photo: Reuters) सुप्रीम कोर्ट पर फिर भड़के ट्रंप (Photo: Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 23 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:02 PM IST

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप टैरिफ को लेकर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बौखलाए हुए हैं. यही वजह है कि वह यदा-कदा कोर्ट पर निशाना साधते रहे हैं. 

ट्रंप ने अब एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने अनजाने और अनिच्छा से देश के राष्ट्रपति के रूप में मुझे पहले से कहीं अधिक शक्तियां और अधिकार दिए हैं. कोर्ट ने अपने उस हास्यास्पद और मूर्खतापूर्ण विभाजनकारी फैसले के जरिए ऐसा किया है. 

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ट्रंप ने कहा कि अब मैं लाइसेंस का उपयोग करके विदेशी देशों के साथ बिल्कुल कड़े कदम उठा सकता हूं, विशेष रूप से उन देशों के खिलाफ, जो दशकों से अमेरिका को लूटते रहे हैं लेकिन हैरानी की बात यह है कि इस फैसले के अनुसार मैं उन पर लाइसेंस शुल्क नहीं लगा सकता जबकि हर लाइसेंस के साथ शुल्क जुड़ा होता है, फिर अमेरिका ऐसा क्यों नहीं कर सकता? लाइसेंस तो शुल्क लेने के लिए ही होता है! फैसले में इसका कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है, लेकिन मुझे इसका जवाब पता है!

उन्होंने कहा कि अदालत ने अन्य सभी टैरिफ को भी मंजूरी दे दी है और ऐसे टैरिफ बहुत हैं. अब उन्हें पहले की तुलना में कहीं अधिक ताकतवर और आक्रामक तरीके से कानूनी निश्चितता के साथ लागू किया जा सकता है. हमारे असक्षम (Incompetent) सुप्रीम कोर्ट ने गलत लोगों के लिए बहुत बड़ा काम कर दिया है, और इसके लिए उन्हें शर्मिंदा होना चाहिए.

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ट्रंप ने कहा कि आगे चलकर कोर्ट शायद चीन और अन्य देशों के पक्ष में भी फैसला दे दें तो हैरानी की बात नहीं होगी. वे यह भी कह सकते हैं कि 14वां संशोधन गुलामों के बच्चों की सुरक्षा के लिए नहीं लिखा गया था  जबकि यह बिल्कुल उसी उद्देश्य से तैयार किया गया था, जैसा कि इसके निर्माण, पेश किए जाने और अनुमोदन के सटीक समय से साबित होता है, जो गृहयुद्ध की समाप्ति के साथ पूरी तरह मेल खाता है. इससे बेहतर प्रमाण और क्या हो सकता है? लेकिन सुप्रीम कोर्ट किसी न किसी तरह गलत निष्कर्ष पर पहुंचेगा. ऐसा निष्कर्ष जो फिर से चीन और अन्य देशों को खुश और समृद्ध करेगा. सुप्रीम कोर्ट को ऐसे फैसले लेने दीजिए जो हमारे राष्ट्र के भविष्य के लिए इतने हानिकारक और विनाशकारी हों,  मुझे अपना काम करना है.

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