अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप गुरुवार सुबह 6 बजकर 30 मिनट (अमेरिकी समय बुधवार रात 9 बजे) पर देश को संबोधित करने वाले हैं. इससे पहले उन्होंने दावा किया है कि अगर वो एक महान नेता हैं और अगर वो नहीं होते तो न इजरायल होता और न मिडिल-ईस्ट होता. ट्रंप ने ईरान में 'रिजीम चेंज' करने का दावा भी किया है.
ट्रंप ने बुधवार को वॉशिंगटन में ईस्टर के मौके पर ईरान में की गई सैन्य कार्रवाइयों को सराहा. उन्होंने इजरायल की तारीफ की और बताया कि अमेरिका ने ईरान में कई नेतृत्व समूहों का सफाया कर दिया और इसी के चलते रिजीम चेंज हो पाया.
ट्रंप ने कहा, 'हमने पहले शासन को पूरी तरह से हटा दिया... फिर 88 लोगों ने एक नया शासन चुनने के लिए बैठक की और जब वो मतदान कर रहे थे, हमने उन्हें हटा दिया. तो ये दूसरा शासन था और अब हम लोगों के तीसरे समूह से निपट रहे हैं, और वो बहुत कम कट्टरपंथी हैं.'
ट्रंप ने आगे कहा, 'रिजीम चेंज संयोग से हुआ क्योंकि मुझे रिजीम चेंज का आइडिया कभी पसंद नहीं आया. ये बहुत मुश्किल है.' अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान परमाणु समझौते से हटने के अपने फैसले को दोहराया और कासिम सुलेमानी पर अमेरिकी हमले को मिडिल-ईस्ट में अस्तित्वगत खतरों को दूर करने वाला अहम कदम बताया.
'मैं सबको बताऊंगा कि मैं कितना महान हूं'
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'अगर मैं नहीं होता... तो इजरायल नहीं होता. मिडिल-ईस्ट भी नहीं होता. आपके पास परमाणु हथियार होते. इसके बाद ट्रंप ने अपने भाषण में और अधिक जानकारी देने का वादा किया. उन्होंने अपने राष्ट्रपति कार्यकाल की सफलताओं पर जोर देते हुए कहा, 'आज रात, मैं सबको बताऊंगा कि मैं कितना महान हूं. मैंने कितना शानदार काम किया है.'
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जापान, फ्रांस, साउथ कोरिया और चीन को नसीहत
इस दौरान ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलवाने के लिए दूसरे देशों को आगे आने की नसीहत भी दी. उन्होंने कहा कि जापान, फ्रांस, साउथ कोरिया और चीन को जिम्मेदारी उठानी चाहिए.
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