अमेरिकी हमलों से थर्रा उठा ईरान, अब किस ओर जाएगी जंग की दिशा?

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. बड़ी मुश्किल से इस युद्ध को लेकर सीजफायर की बातें सामने आई थीं और एक समझौता भी किया गया था, लेकिन अब दोनों देशों के बीच फिर से युद्ध की स्थिति पैदा हो गई है.

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बुधवार को ट्रंप ने चेतावनी दी कि अमेरिका के हमलों का एक नया दौर आने वाला है. (File Photo) बुधवार को ट्रंप ने चेतावनी दी कि अमेरिका के हमलों का एक नया दौर आने वाला है. (File Photo)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 09 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 9:50 AM IST

अमेरिका‑ईरान के बीच फिर से तनाव बढ़ गया है. हॉर्मुज में तीन कॉमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों के बाद अमेरिका ने ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर हवाई हमले शुरू किए हैं. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्हें लगता है कि ईरान के साथ युद्धविराम खत्म हो गया है, लेकिन यह पक्का नहीं है कि वे अब भी कोई समझौता चाहते हैं या नहीं. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को काम खत्म कर देना चाहिए.

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हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति का कहना है कि लगातार हमलों का मतलब युद्ध में वापसी या लंबे समय तक चलने वाली कार्रवाई नहीं है.

इस बीच ट्रंप के मिले-जुले बयानों और लगातार सैन्य हमलों को मंजूरी देने से भ्रम और अनिश्चितता पैदा हुई है. इससे संघर्ष में आगे क्या होगा, इस पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं. यह स्थिति तब बनी है जब लंबे समय से दुश्मन रहे इन देशों के बीच शुरुआती समझौते तक पहुंचने के लिए मुश्किल कूटनीति के कुछ ही हफ्ते पहले प्रयास हुए थे.

यह भी पढ़ें: 'अश्लीलता नहीं, निडरता से देते हैं जवाब', ट्रंप के बयान पर ईरानी विदेश मंत्री का पलटवार

ट्रंप का कहना है, 'हम शायद फिर जोरदार हमला करेंगे.' वहीं, माना जा रहा है कि बदलते बयानों का यह सिलसिला तेहरान पर दबाव बढ़ाने की रणनीति हो सकता है, ताकि वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल और प्राकृतिक गैस ले जाने वाले जहाजों पर हमले बंद करे और अपने परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिका की मांगों को माने. ट्रंप पहले भी ऐसा करने की कोशिश कर चुके हैं.

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वहीं, बुधवार को ट्रंप ने चेतावनी दी कि अमेरिका के हमलों का एक नया दौर आने वाला है, हालांकि उन्होंने पूर्ण युद्ध में वापसी की संभावनाओं को खारिज करने की भी कोशिश की.

ट्रंप ने कहा था, 'जो कुछ भी होगा, बहुत तेजी से होगा. हम लंबे समय तक इंतजार नहीं करने वाले हैं.'

वहीं पाकिस्तान, जिसकी युद्धविराम कराने में भूमिका मानी गई थी, उसका कहना है कि दोबारा संघर्ष शुरू होना किसी के हित में नहीं है, पाकिस्तान ने दोनों पक्षों से अपने वादों पर कायम रहने का आग्रह किया है.

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