चीन ने बनाई हाइपरसोनिक मिसाइल, US-इंडिया के लिए खतरा

चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने नवंबर में हाइपरसोनिक ग्लाइडेड व्हीकल मिसाइल के दो टेस्ट किए. इस मिसाइल को  DF-17 के नाम से भी जाना जाता है. यह 7,680 मील प्रति घंटे की गति तय करने में सक्षम है. राजनयिक ने बताया कि मिसाइलों ने लगभग 1,400 किलोमीटर की दूरी तय की.

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चीनी आर्मी चीनी आर्मी

केशवानंद धर दुबे

  • नई दिल्ली,
  • 03 जनवरी 2018,
  • अपडेटेड 8:43 AM IST

चीनी सैन्य विश्लेषकों ने दावा किया है कि चीन ने नई हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल DF-17 बनाई है. ये मिसाइल अमेरिकी और भारत रक्षा प्रणालियों को तबाह करने की सक्षम है.

नवंबर 2017 में किए गए दो टेस्ट

साउथ चाइना के मॉर्निंग पोस्ट न्यूजपेपर ने जापान की मैग्जीन डिप्लोमैट में रिपोर्ट आने के बाद ये दावा किया है कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने नवंबर 2017 में हाइपरसोनिक ग्लाइडेड व्हीकल (HGV)  मिसाइल के दो टेस्ट किए. इस मिसाइल को  DF-17 के नाम से भी जाना जाता है. यह 7,680 मील प्रति घंटे की गति तय करने में सक्षम है. राजनयिक ने बताया कि  इस दौरान मिसाइलों ने लगभग 1,400 किलोमीटर की दूरी तय की.

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वहीं विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने जवाब देने से मना कर दिया. उन्होंने कहा कि इस बारे में डिफेंस मिनिस्ट्री से सवाल करना चाहिए.

क्या है HGV?

रिपोर्ट के मुताबिक, HGV रॉकेट से लॉन्च की जाती हैं. इसे आसानी से मूव किया जा सकता हैं. साथ ही ये पृथ्वी के वातावरण को बेहद तेज रफ्तार से पार कर सकती हैं. पारंपरिक बैलिस्टिक प्रणाली की तुलना में HGV में कहीं ज्यादा रफ्तार से चलने में सक्षम होती है. इस कम ऊंचाई वाले इलाके और सकने वाले क्षेत्रों में भी चलाया जा सकता हैं.

HGV पारंपरिक बैलिस्टिक मिसाइलों की तुलना में अधिक तेज

बीजिंग स्थित सैन्य विश्लेषक झोउ चेंमिंग ने कहा कि HGV प्रौद्योगिकी दुनिया की तीन बड़ी परमाणु शक्तियों के बीच परमाणु रणनीति का हिस्सा बन गई है. चीन, अमेरिका और रूस पारंपरिक बैलिस्टिक मिसाइलों की तुलना में HGV अधिक तेज है. साथ ही इसे रोक पाना भी मुश्किल है. उन्होंने बताया कि अमेरिका, जापान और भारत को HGV प्रौद्योगिकी के इस डेवलपमेंट को लेकर चिंतित होना चाहिए, क्योंकि यह जापान में सैन्य ठिकानों के साथ भारत और अमेरिका में परमाणु रिएक्टरों को लक्षित कर सकती है.

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