इजरायल-ईरान के बीच संघर्ष थमा, तनाव नहीं... नेतन्याहू बोले- हमला हुआ तो देंगे करारा जवाब

ईरान और इजरायल के बीच तनाव कम होने के संकेतों के बीच प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल संघर्ष विराम जैसी स्थिति है, लेकिन किसी भी नए हमले का जवाब पूरी ताकत से दिया जाएगा. नेतन्याहू ने ईरान और हिज्बुल्लाह को कमजोर पड़ चुका बताते हुए इजरायल की सैन्य सफलता का दावा किया.

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इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू. (Photo: Reuters) इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू. (Photo: Reuters)

aajtak.in

  • तेल अवीवी,
  • 08 जून 2026,
  • अपडेटेड 11:10 PM IST

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को ईरान के साथ फिलहाल संघर्ष विराम की बात स्वीकार की, लेकिन साथ ही चेतावनी दी कि भविष्य में किसी भी हमले का जवाब पूरी ताकत से दिया जाएगा. नेतन्याहू ने देश के नाम एक वीडियो संदेश जारी करते हुए कहा कि एक साल पहले इजरायल ने ईरान की परमाणु हथियार हासिल करने की योजना को रोकने के लिए 'ऑपरेशन राइजिंग लायन' शुरू किया था.

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उन्होंने दावा किया कि इजरायल ने इस खतरे को विफल किया और ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को भी खत्म कर दिया. बेंजामिन नेतन्याहू ने दोहराया कि इजरायल किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा. उन्होंने कहा कि इसी दृढ़ता के साथ इजरायल ने हिज्बुल्लाह के खिलाफ भी कार्रवाई की. उनके मुताबिक, हिज्बुल्लाह हजारों लड़ाकों के साथ गैलीली क्षेत्र में घुसपैठ की योजना बना रहा था और साथ ही 1.5 लाख मिसाइलों और रॉकेटों से इजरायल के शहरों को निशाना बनाने की तैयारी कर रहा था.

नेतन्याहू ने दावा किया कि इजरायल ने इस खतरे को भी नाकाम किया और हिज्बुल्लाह प्रमुख हसन नसरल्लाह को मार गिराया. प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि इजरायली सेना (IDF) हिज्बुल्लाह के बुनियादी ढांचे को लगातार नष्ट कर रही है. उन्होंने लेबनान के ब्यूफोर्ट रिज क्षेत्र में मौजूद हिज्बुल्लाह के विशाल भूमिगत ठिकानों को ध्वस्त करने का भी दावा किया. नेतन्याहू ने कहा कि ईरान और हिज्बुल्लाह पहले से कहीं ज्यादा कमजोर हो चुके हैं, जबकि इजरायल पहले से अधिक मजबूत हुआ है.

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इजरायल को है आत्मरक्षा का पूरा अधिकार

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि दोनों के खिलाफ लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है. इजरायली प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछले 24 घंटों में ईरान और हिज्बुल्लाह ने इजरायल पर नए तरीके से दबाव बनाने की कोशिश की. उनके अनुसार, दोनों पक्षों को लगा कि वे लेबनान और ईरान से इजरायल पर हमला करेंगे और इजरायल जवाब नहीं देगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. नेतन्याहू ने कहा कि हिज्बुल्लाह द्वारा इजरायली क्षेत्र में हमले के बाद उन्होंने बेरूत में आतंकी ठिकानों और हिज्बुल्लाह के सदस्यों को निशाना बनाने का आदेश दिया. 

इसी तरह ईरान के हमले के बाद इजरायली सेना को ईरान के सैन्य और आर्थिक ठिकानों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए. उन्होंने कहा कि फिलहाल इजरायल ने जवाबी कार्रवाई रोक रखी है क्योंकि तेहरान में हमले के बाद ईरान ने भी हमले बंद कर दिए हैं. लेकिन यदि ईरान ने दोबारा हमला किया तो इजरायल 'अत्यधिक और निर्णायक शक्ति' के साथ जवाब देगा. नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल को आत्मरक्षा का पूरा अधिकार है और वह आवश्यकता के अनुसार इसका इस्तेमाल करता रहेगा. उन्होंने यह भी बताया कि इस मुद्दे पर उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत हुई है.

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ट्रंप ने नेतन्याहू से की संयम बरतने की अपील

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू से ईरान के हालिया मिसाइल हमलों के जवाब में सैन्य कार्रवाई न करने का आग्रह किया था. ट्रंप का कहना था कि इससे तीन महीने से जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए चल रही शांति वार्ता प्रभावित हो सकती है. अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, रविवार को ईरान द्वारा इजरायल पर मिसाइलें दागे जाने के बाद ट्रंप ने नेतन्याहू से बातचीत की और दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ने से रोकने की कोशिश की.

फॉक्स न्यूज से बातचीत में ट्रंप ने कहा, 'हम समझौते के बेहद करीब हैं. मेरा मानना है कि इस सप्ताह सोमवार, मंगलवार या बुधवार तक कोई समझौता हो सकता है, लेकिन इसी बीच यह घटना हो गई.' इससे पहले ईरान ने भी सोमवार को घोषणा की कि वह इजरायल के खिलाफ अपना सैन्य अभियान समाप्त कर रहा है. साथ ही चेतावनी दी कि इजरायल द्वारा, विशेष रूप से लेबनान में, किसी भी प्रकार के और हमले से ईरान द्वारा कड़ी प्रतिक्रिया दी जा सकती है. अमेरिका और इजरायल का ईरान के साथ संघर्ष को लेकर दुनिया की निगाहें अब संभावित शांति समझौते और इन देशों की अगली रणनीति पर टिकी हुई हैं.

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