ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामेनेई के जनाजे में रहस्यमयी नकाबपोश शख्स ने दुनियाभर में सुर्खियां बटोर थीं. इस नकाबपोश को लेकर अटकलें लगाई जा रही थी कि यह शख्स मोजतबा खामेनेई हो सकते हैं. लेकिन अब इस रहस्य से पर्दा उठ गया है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, खामेनेई के अंतिम संस्कार में पहुंचा यह शख्स मोजतबा नहीं बल्कि आयतुल्ला का सबसे पड़ा पोता मोहम्मद जवाद खामेनेई था.
बता दें कि आयतुल्ला खामेनेई के जनाजे की नमाज के दौरान काले नकाब और बेसबॉल कैप पहने एक शख्स को देखा गया था. इसके बाद से दुनियाभर में तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही थी. लेकिन अब स्पष्ट कर दिया या है कि यह शख्स आयतुल्ला खामेनेई के सबसे बड़े बेटे मुस्तफा के बेटे मोहम्मद जवाद थे.
खामेनेई को इमाम रजा की दरगाह परिसर में बने मकबरे में दफनाया गया. नौवीं शताब्दी में बने इस धार्मिक स्थल को शिया मुसलमानों का सबसे पवित्र तीर्थ माना जाता है, जहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. खामेनेई का जन्म भी मशहद में हुआ था और उन्होंने शुरुआती धार्मिक शिक्षा यहीं प्राप्त की थी.
28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में आयतुल्ला खामेनेई समेत उनके परिवार के कई सदस्यों की मौत हो गई थी. इस हमले में जवाद खामेनेई को भी चोटें आई थीं. उनका चेहरे पर गंभीर चोटें आई थीं. इन्हीं चोटों की वजह से जवाद ने अपना चेहरा पूरी तरह से ढका हुआ था.
मोजतबा को लेकर भी इसी तरह की अटकलें लगती रही हैं. मोजतबा को 28 फरवरी के बाद से सार्वजनिक तौर पर नहीं देखा गया है. उन्होंने ना तो कोई भाषण दिया है और ना ही कोई वीडियो संदेश जारी किया है. उनके संदेशों को अक्सर सरकार या सरकारी मीडिया की ओर से पढ़ा जाता है.
न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मोजतबा खामेनेई एयर स्ट्राइक में गंभीर रूप से घायल हो गए थे. फिलहाल वो छिपकर अपना इलाज करा रहे हैं. पहले खबर आई थी कि मोजतबा का एक पैर काटना पड़ा है. लेकिन बाद में दावा किया गया कि उनके एक पैर का तीन बार ऑपरेशन हो चुका है. उनका आर्टिफिशियल पैर (Prosthetic) लगाया जाना बाकी है. रिपोर्ट की मानें तो मोजतबा खामेनेई के चेहरे और होंठ भी गंभीर रूप से जल गए हैं, जिससे उन्हें बोलने में काफी मुश्किल हो रही है. उनके हाथ की भी सर्जरी हुई है और वो धीरे-धीरे ठीक हो रहे हैं. लेकिन उन्हें प्लास्टिक सर्जरी की भी जरूरत पड़ सकती है.
इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ गया है. अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने कुवैत, बहरीन और कतर में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है. तीन सप्ताह पहले दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम और परमाणु वार्ता को लेकर एक समझौता हुआ था, लेकिन ताजा सैन्य कार्रवाई से उस पर संकट गहरा गया है.
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