दूसरों के घरों में झाड़ू-पोछा करने वाली 'कलिता दीदी' अब माननीय मंत्री, पति हैं दिहाड़ी मजदूर

Kalita Majhi Maid to Minister: कलिता माजी का 'काम वाली दीदी' से 'माननीय मंत्री' तक का सफर काफी संघर्ष भरा रहा. दूसरों के घरों में कपड़े धोने वाली कलिता के पति दिहाड़ी मजदूर हैं. बेटे ने हाल ही में 12वीं की परीक्षा दी है. भावुक होकर कलिता ने कहा कि यह अवसर सिर्फ मोदी जी ही दे सकते थे.

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आउसग्राम सीट से चुनाव जीतकर कलिता माझी ने पेश की मिसाल.(Photo:ITG) आउसग्राम सीट से चुनाव जीतकर कलिता माझी ने पेश की मिसाल.(Photo:ITG)

सुजाता मेहरा

  • पूर्व बर्धमान,
  • 01 जून 2026,
  • अपडेटेड 7:49 PM IST

पश्चिम बंगाल की सियासत से लोकतंत्र की ताकत को बयां करने वाली एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. कभी दूसरों के घरों में झाड़ू-पोछा और बर्तन मांजने का काम करने वाली कलिता माजी आज अपने संघर्ष और जनसमर्थन के दम पर विधानसभा चुनाव जीतकर मंत्री पद तक पहुंच चुकी हैं. पूर्वी बर्दवान जिले के अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित आउसग्राम विधानसभा क्षेत्र से BJP के टिकट पर मिली इस ऐतिहासिक जीत ने राजनीतिक गलियारों में एक नई मिसाल कायम की है.

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कलिता माझी पूर्व बर्दवान जिले की गुसकरा नगर पालिका के वार्ड नंबर-3 (माझपुकुर पार) की रहने वाली हैं. कलिता का पारिवारिक जीवन बेहद साधारण और तंगहाली से भरा रहा है. उनके पति एक दिहाड़ी मजदूर के रूप में काम करते हैं, जबकि उनके बेटे पार्थ ने इसी साल हायर सेकेंडरी की परीक्षा दी है.

कुछ समय पहले तक कलिता खुद अपने परिवार को सहारा देने के लिए दूसरों के घरों में परिचारिका के रूप में काम करती थीं, जहां वे झाड़ू-पोछा करने और कपड़े धोने का काम संभालती थीं. लेकिन उनकी ईमानदारी और जमीन से जुड़े स्वभाव ने उन्हें पहले जनता का और फिर देश की बड़ी राजनीतिक पार्टी का चहेता बना दिया.

2021 की हार से सीखकर 2026 में किया बड़ा उलटफेर
आउसग्राम विधानसभा सीट बोलपुर लोकसभा के तहत पर कलिता माजी का यह सफर आसान नहीं था. इसके पीछे उनकी पांच साल की कड़ी मेहनत छिपी है.

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दरअसल, BJP ने साल 2021 के विधानसभा चुनाव में भी कलिता माझी को उम्मीदवार बनाकर सबको चौंकाया था. उस चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के अबेदानंद थंडर ने 1 लाख 392 वोट पाकर जीत हासिल की थी. कलिता माझी 88 हजार 577 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रही थीं और उन्हें 11 हजार 815 वोटों से हार का सामना करना पड़ा था.

2026 का चुनाव 
BJP ने साल 2026 में एक बार फिर कलिता माझी पर ही भरोसा जताया और उन्हें दोबारा मैदान में उतारा. इस बार कलिता का मुकाबला तृणमूल के कद्दावर उम्मीदवार, पूर्वी बर्दवान जिला परिषद के अध्यक्ष और पेशे से वकील श्यामाप्रसाद लोहार से था, जबकि सीपीएम (CPIM) की तरफ से चंचल कुमार माझी मैदान में थे.

इस त्रिकोणीय मुकाबले में कलिता माजी ने सबको पछाड़ते हुए 1 लाख 7 हजार 692 वोट हासिल किए और TMC के वकील उम्मीदवार श्यामप्रसन्न लोहार को 12 हजार 535 वोटों के बड़े अंतर से हराकर शानदार जीत दर्ज की.

'सपने में भी नहीं सोचा था...'
मंत्री पद की शपथ लेने के बाद कलिता माजी की आंखें खुशी से छलक उठीं. उन्होंने बेहद सादगी से अपनी पार्टी और शीर्ष नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा, "मुझे न तो यह उम्मीद थी और न ही मैंने कभी सपने में भी सोचा था कि मैं कभी जीवन में इस मुकाम तक पहुंच पाऊंगी. मुझे नहीं पता कि पार्टी ने मुझमें ऐसा क्या देखा कि मुझ पर इतना बड़ा भरोसा किया और विश्वास जताया.

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मैं उस भरोसे पर पूरी तरह खरा उतरने की कोशिश करूंगी. यह मेरे और मेरे समाज के लिए जश्न का मौका है. सिर्फ BJP और मोदी जी ही मुझ जैसी गरीब महिला को यह अवसर दे सकते थे. अब पार्टी का जो भी निर्देश होगा, मैं उसका पूरी तरह पालन करूंगी."

अपनों की जीत पर रो पड़े वे परिवार, जहां कलिता करती थीं काम
कलिता माजी की इस अविश्वसनीय सफलता की खबर जैसे ही उनके इलाके में पहुंची, स्थानीय बीजेपी कार्यकर्ताओं ने मिठाइयां बांटकर जश्न मनाना शुरू कर दिया. देखें  VIDEO:- 

सबसे भावुक कर देने वाला नजारा उन घरों में देखने को मिला, जहां कलिता कुछ समय पहले तक काम करती थीं. वे परिवार कलिता को अपने घर की बेटी की तरह मानते हैं और उनकी कामयाबी देखकर उनकी आंखों से खुशी के आंसू बह निकले. देखें एक VIDEO:- 

इलाके को अब विकास की उम्मीद 
जंगलमहल ऑसग्राम क्षेत्र के निवासियों और कलिता के पड़ोसियों को अब पूरी उम्मीद है कि उनके क्षेत्र का भाग्य बदलेगा. स्थानीय लोगों ने कलिता से मुख्य रूप से तीन मांगें पूरी करने की उम्मद जताई है. पहली यह कि एक सर्वसुविधायुक्त अस्पताल बनाया जाए, जिसकी स्थानीय निवासियों को सबसे ज्यादा जरूरत है. साथ ही लंबे समय से उपेक्षित पड़ी सड़कों को सुधारा जाए और अच्छी कनेक्टिविटी दी जाए. वहीं, आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए क्षेत्र में एक दमकल केंद्र की स्थापना की जाए.

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