'क्यों न भंग किया जाए बोर्ड', मेयर के इस्तीफे के बाद KMC को बंगाल सरकार का नोटिस

पश्चिम बंगाल सरकार ने कोलकाता नगर निगम को कारण बताओ नोटिस जारी किया है, यह नोटिस कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम के इस्तीफा देने के बाद भेजा गया है.

Advertisement
इस्तीफा देने के बाद  फिरहाद हकीम ने कहा- अब वे पहले की तरह काम नहीं कर पा रहे हैं. (Photo: ITG) इस्तीफा देने के बाद फिरहाद हकीम ने कहा- अब वे पहले की तरह काम नहीं कर पा रहे हैं. (Photo: ITG)

aajtak.in

  • कोलकाता,
  • 06 जून 2026,
  • अपडेटेड 7:58 PM IST

पश्चिम बंगाल सरकार ने कोलकाता नगर निगम (केएमसी) से स्पष्टीकरण मांगा है कि बोर्ड को भंग क्यों नहीं किया जाना चाहिए. सरकार ने टीएमसी नेता फिरहाद हकीम के मेयर पद से इस्तीफा देने के बाद कारण बताओ नोटिस जारी किया है. अर्बन डेवलपमेंट एंड म्यूनिसिपल अफेयर्स डिपार्टमेंट ने कोलकाता नगर निगम अधिनियम, 1980 के प्रावधानों के तहत केएमसी को कारण बताओ नोटिस जारी किया.

Advertisement

इसके तहत तीन दिनों के भीतर यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया गया कि नगर निकाय के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं शुरू की जानी चाहिए.

यह कदम हकीम द्वारा शुक्रवार को मेयर पद से इस्तीफा देने के 24 घंटे से भी कम समय के भीतर उठाया गया, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह अब प्रभावी ढंग से कार्य करने की स्थिति में नहीं हैं और बिना अधिकार के केवल कुर्सी पर बैठे रहना नहीं चाहते हैं.

यह भी पढ़ें: ममता बनर्जी को एक और झटका! फिरहाद हकीम ने कोलकाता मेयर पद से दिया इस्तीफा

नोटिस में बीजेपी सरकार ने तर्क दिया कि नगर निकाय कोलकाता के निवासियों के प्रति अपने दायित्वों को पूरा करने में विफल रहा है और मेयर के इस्तीफे से निगम के सामान्य कामकाज और नागरिक सेवाओं के वितरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है.

Advertisement

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि नोटिस की प्रतियां नगर आयुक्त, नगर सचिव और अन्य संबंधित अधिकारियों को भेजी गई थीं.

नोटिस में कहा गया था कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए, सरकार का यह पता लगाना जरूरी है कि क्या निगम अपने संवैधानिक दायित्वों को पूरा करने में सक्षम है या नहीं.

हालांकि, कोई भी फैसला लेने से पहले, कानून के अनुसार नगर निकाय को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाना अनिवार्य है. नगर निगम को तीन दिनों के भीतर लिखित जवाब प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है.

इस बीच कोलकाता के पूर्व मेयर और वरिष्ठ अधिवक्ता बिकाश रंजन भट्टाचार्य ने तर्क दिया कि सरकार नगर निकाय से स्पष्टीकरण मांग सकती है, लेकिन मेयर के इस्तीफे के कारण निर्वाचित नगर निगम बोर्ड को भंग करने का असीमित अधिकार सरकार के पास नहीं है.

फिरहाद हकीम ने दिया इस्तीफा

बता दें, कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की हार के बाद पार्टी में जारी राजनीतिक हलचल के बीच वरिष्ठ टीएमसी नेता और पूर्व राज्य मंत्री फिरहाद हकीम ने शुक्रवार को मेयर पद छोड़ने का ऐलान किया.

इस्तीफे के बाद हकीम ने कहा कि वह अब पहले की तरह प्रभावी ढंग से अपनी जिम्मेदारियां नहीं निभा पा रहे हैं. उनका मानना है कि ऐसी स्थिति में पद पर बने रहना उस पद की गरिमा के अनुरूप नहीं होता. उन्होंने कहा कि जो भी उनकी जगह यह जिम्मेदारी संभालेगा, उसे उनकी ओर से शुभकामनाएं हैं.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »