पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले के आसनसोल में गुरुवार शाम को सियासी विवाद खड़ा हो गया, जब तृणमूल कांग्रेस नेता और जामुरिया पंचायत समिति के लोक निर्माण विभागाध्यक्ष (कर्मध्यक्ष) उदीप सिंह के कब्जे वाले ECL क्वार्टर से बड़ी मात्रा में राहत सामग्री और राशन का सामान कथित तौर पर बरामद किया गया.
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, विधानसभा चुनावों के बाद सरकार बदलने पर उदीप सिंह ने कथित तौर पर जामुरिया के परासिया इलाके में मौजूद दो ECL क्वार्टर खाली कर दिए थे और अपने परिवार के साथ इलाका छोड़ दिया था.
बीजेपी नेताओं ने दावा किया कि उन्हें जानकारी मिली थी कि उनके कब्जे वाले क्वार्टरों में से एक में सरकारी राहत सामग्री का बड़ा स्टॉक रखा हुआ था.
क्वार्टर खुलने पर क्या मिला?
बीजेपी कार्यकर्ता कोयला खदान के अधिकारियों के पास पहुंचे. इसके बाद, गुरुवार शाम को कोयला खदान प्रबंधन के अधिकारियों, जमुुरिया पुलिस स्टेशन के तहत आने वाली केंद्रा पुलिस चौकी के कर्मचारियों, केंद्रीय बलों और स्थानीय निवासियों की मौजूदगी में बंद क्वार्टर को खोला गया.
बीजेपी नेताओं और स्थानीय निवासियों का आरोप है कि क्वार्टर के अंदर से सैकड़ों कंबल, तिरपाल, कपड़े और राशन का सामान बरामद किया गया. इसमें गरीब और जरूरतमंद लोगों में बांटने के लिए चावल और गेहूं शामिल थे.
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इस बरामदगी से स्थानीय निवासियों में नाराज़गी फैल गई. कई लोगों ने मामले की गहन जांच और उदीप सिंह की गिरफ्तारी की मांग की. बताया जा रहा है कि पुलिस ने क्वार्टर से बरामद सामान को जब्त कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है.
अनिल गिरी