पश्चिम बंगाल में टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी पर हमले का मामला तूल पकड़ रहा है. राज्य में इसे लेकर सियासत गर्मा गई है और आरोप-प्रत्यारोप के दौर चल रहे हैं. इस मामले को लेकर एक तरफ तो कई बड़े टीएमसी नेताओं ने चुप्पी साध रखी है और अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है तो वहीं, टीएमसी के कार्यकर्ता जगह-जगह धरना प्रदर्शन कर रहे हैं.
नियामतपुर में कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन
इसी सिलसिले में पश्चिम बर्धमान जिले के कुल्टी ब्लॉक के नियामतपुर स्थित न्यू रोड इलाके में कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया. इस दौरान बड़ी संख्या में पार्टी नेता, कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे. बता दें कि अभिषेक बनर्जी डायमंड हार्बर से सांसद भी हैं. प्रदर्शनकारियों ने अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले को लोकतंत्र पर हमला बताते हुए इसके खिलाफ जमकर नारेबाजी की. टीएमसी नेताओं ने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोधी लोकतांत्रिक आवाजों को दबाने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं से भाजपा तृणमूल कांग्रेस को कमजोर नहीं कर सकती.
आसनसोल-बराकर जीटी रोड को किया जाम
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कुछ समय के लिए आसनसोल-बराकर जीटी रोड को जाम कर दिया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ. इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर टायर जलाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया. इसे लेकर पुलिस और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस भी हुई. बाद में कार्यकर्ताओं ने नियामतपुर न्यू रोड से नियामतपुर मोड़ तक विरोध मार्च निकाला और अभिषेक बनर्जी के समर्थन में नारे लगाए. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में भारी संख्या में पुलिस और केंद्रीय बलों की तैनाती की गई थी.
टीएमसी नेताओं का कहना है कि अभिषेक बनर्जी पर हुआ हमला लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और पार्टी इसके विरोध में अपना आंदोलन जारी रखेगी.
टीएमसी के बड़े नेताओं पर कुणाल घोष ने उठाए सवाल
उधर, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के विधायक, प्रवक्ता और राज्य महासचिव कुणाल घोष ने अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले को लेकर अपनी ही पार्टी के कई नेताओं और जनप्रतिनिधियों पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि उन्होंने अन्य राजनीतिक दलों के राष्ट्रीय स्तर के नेताओं को अभिषेक बनर्जी के समर्थन में और हमले के विरोध में पोस्ट करते देखा, लेकिन टीएमसी के कई सांसदों, विधायकों, पार्षदों, पदाधिकारियों और पूर्व पदाधिकारियों की ओर से कोई प्रतिक्रिया नजर नहीं आई.
अनिल गिरी