'ममता के अलावा न किसी को जानता हूं, न किसी को मानता हूं...', अभिषेक बनर्जी पर बोले शत्रुघ्न सिन्हा

आसनसोल सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि बागियों की लिस्ट में यूसुफ पठान और सयानी घोष का नाम सुनकर उन्हें ताज्जुब हुआ. बागियों को उन्होंने कहा कि TMC छोड़ने से पहले उन्हें सांसदी से इस्तीफा देना चाहिए और फिर चुनाव जीतना चाहिए.

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शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि वे TMC में सिर्फ ममता का निर्देश लेते हैं.  (Photo: PTI) शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि वे TMC में सिर्फ ममता का निर्देश लेते हैं. (Photo: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 11 जून 2026,
  • अपडेटेड 9:16 PM IST

टीएमसी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने साफ साफ कहा है कि तृणमूल कांग्रेस के तथाकथित बागियों के बीच उनका नाम लिया जाना गलत है. आसनसोल से टीएमसी सांसद ने कहा कि वे पहले भी ममता बनर्जी के साथ थे और आगे भी रहेंगे. आजतक के साथ खास बातचीत में उन्होंने कहा कि उन्होंने न तो किसी पेपर पर हस्ताक्षर किया और न ही हामी भरी है न ही किसी बागी ने उनसे संपर्क किया है. 

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अभिषेक बनर्जी के व्यवहार उनके सीनियर नेताओं के साथ कथित दुर्व्यवहार पर शत्रुघ्न सिन्हा ने स्पष्ट रूप से कहा कि तृणमूल कांग्रेस में उनकी नेता सिर्फ और सिर्फ ममता बनर्जी हैं, इसके अलावा वे न तो किसी को जानते हैं और न ही किसी को मानते हैं. 

ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी से पार्टी सांसद कल्याण बनर्जी की नाराजगी पर शत्रुघ्न सिन्हा ने विस्तार से जवाब दिया. उन्होंने कहा कि कल्याण बनर्जी बहुत बुद्धिमान और अनुभवी नेता हैं, अभिषेक बनर्जी को लेकर उनकी निजी वजहें हो सकती हैं, लेकिन उन्होंने अभिषेक बनर्जी के बारे में कहा है और वे ममता बनर्जी के साथ हैं. ममता जी के विजडम पर उनको पूरा विश्वास है. जैसा ममता कहेंगी, वैसा हो करेंगे. शत्रुघ्न सिन्हा ने कल्याण बनर्जी को देश के चुनिंदा और काबिल सांसदों में से एक बताया. उनकी नाराजगी के प्रोफेशनल कारण हो सकते हैं, हो सकता है उन्हें मान-सम्मान न मिला हो. इसलिए वे नाराज हुए हों. 

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यह भी पढ़ें: ये TMC की 'नई फसल' का विद्रोह है... ममता के 20 बागी सांसदों में 10 पहली बार बने हैं MP

शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि दो चार-बर्तन तो आपस में ढनढनाते ही हैं, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि वे पार्टी छोड़कर जा रहे हैं. 

टीएमसी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि जहां तक अभिषेक बनर्जी का सवाल है तो उनकी नेता सिर्फ और सिर्फ ममता बनर्जी हैं, इसके अलावा वे किसी और को नहीं जानते हैं. शत्रुघ्न सिन्हा ने आगे कहा, "मेरी जो भी सीधी बातचीत होती थी, जो भी निर्देश-आदेश होता था वो ममता जी के तरफ से होता था. जब तक मैं पार्टी में रहूंगा, तब तक मैं ममता बनर्जी की बात सुनूंगा, मैं किसी और को नहीं जानता हूं और न किसी को मैं उस रूप में मानता हूं."

आसनसोल सांसद ने कहा कि बागियों की लिस्ट में यूसुफ पठान और सयानी घोष का नाम सुनकर उन्हें ताज्जुब हुआ, हो सकता है कि वे लोग कुछ डर से गए हों, इनमें से कुछ लोग तो ममता बनर्जी की नकल करते थे. 

टीएमसी सांसद काकोली घोष के बारे में उन्होंने कहा कि वे उन्हें अच्छी तरह से नहीं जानते हैं. लेकिन पार्टी से बगावत करने वाले सांसदों को पहले इस्तीफा देना चाहिए, फिर जिस पार्टी में जाना चाहते हैं वहां जाएं. लेकिन इससे पहले इस्तीफा जरूर दें. 

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शत्रुघ्न सिन्हा से बातचीत के दौरान जब उनसे पूछा गया कि बीजेपी के किस नेता ने उनसे संपर्क किया तो उन्होंने मुस्कुराते हुए इस प्रश्न का जवाब देने से इंकार कर दिया. 

टीएमसी सांसद ने कहा, "वे लोग भी अच्छे लोग हैं, मित्रगण हैं. मैं अपने आप को सर्वदल प्रिय मानता हूं, सभी पार्टी में मेरे दोस्त हैं, भारतीय जनता पार्टी में मेरा लालन-पालन हुआ है, वहीं मेरी ट्रेनिंग हुई है और मैं आगे बढ़ा हूं. इसलिए दिल से मैं उनका बहुत आभारी हूं. उनके लिए मेरे मन में बहुत प्रेम और आदर है."

आखिर में उन्होंने कहा कि उन्हें किसी के निर्णय से कोई फर्क नहीं पड़ता है. वे ममता बनर्जी के साथ थे और आगे भी साथ रहेंगे. 

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