दिल्ली में जिस सांसद के घर हुई बागियों की मीटिंग, उसने बताई TMC में टूट की कहानी

टीएमसी सांसद शताब्दी रॉय ने भ्रष्टाचार को पार्टी की हार की वजह बताई है. उन्होंने एनडीए का समर्थन कर क्षेत्रीय विकास के लिए काम करने के संकेत दिए.

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टीएमसी के बागी में विधायकों में से एक लीडर शताब्दी रॉय भी हैं. (File Photo: ITG) टीएमसी के बागी में विधायकों में से एक लीडर शताब्दी रॉय भी हैं. (File Photo: ITG)

इंद्रजीत कुंडू

  • कोलकाता,
  • 09 जून 2026,
  • अपडेटेड 6:39 PM IST

टीएमसी सांसद शताब्दी रॉय ने बगावत के सुर तेज कर दिए हैं. शताब्दी रॉय ने खुलकर कहा कि भारी भ्रष्टाचार की वजह से पार्टी की हार हुई है. उन्होंने संकेत दिए कि वे अब एनडीए का समर्थन करेंगी और अपने निर्वाचन क्षेत्र के विकास के लिए मौजूदा सरकार के साथ काम करेंगी.

टीएमसी सांसद शताब्दी रॉय ने दिल्ली में बंगाल के मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद आजतक को दिए एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में अपनी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने बताया कि वे पिछले 17 साल से पार्टी के साथ हैं, लेकिन कई बार पार्टी के अंदर भ्रष्टाचार की समस्या उठाने के बावजूद किसी ने उनकी बात नहीं सुनी और न ही कोई कार्रवाई हुई.

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शताब्दी रॉय का कहना है कि ममता बनर्जी द्वारा किए गए अच्छे कामों का असर 'बेहिसाब भ्रष्टाचार' की वजह से खत्म हो गया. वे हार के बाद ही नहीं, बल्कि अंदरूनी मंचों पर भी लगातार मुद्दे उठाती रही हैं.

ममता बनर्जी से जुड़े सवाल पर क्या बोलीं?

भ्रष्टाचार के आरोपों पर शताब्दी रॉय ने तीखे सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी भारत की इतनी बड़ी राजनेता हैं, फिर उन्हें भ्रष्टाचार के इस स्तर की भनक क्यों नहीं लगी? जब उनके जैसे लोग सतर्क करने की कोशिश करते थे, तो उन्हें क्यों नहीं सुना गया? शताब्दी रॉय ने पार्टी के भविष्य पर कहा कि चुनाव हारने के तुरंत बाद पार्टी का इस तरह टूटना उन्हें हैरान करता है. उन्होंने कहा कि उनकी छवि बेदाग है और उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र में कभी 'कट मनी' नहीं ली है, जिसके लिए वे किसी भी जांच के लिए तैयार हैं.

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यह भी पढ़ें: टीएमसी के 23 सांसद बागी गुट के संपर्क में, पार्टी टूटने की कगार पर, ममता ने बुलाई बड़ी बैठक

शताब्दी रॉय ने भविष्य की रणनीति स्पष्ट करते हुए कहा कि वे अब एनडीए को समर्थन देंगी. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने उन्हें अपने लोगों और निर्वाचन क्षेत्र के लिए काम करने का पूरा आश्वासन दिया है. वे चाहती हैं कि एक अलग गुट के रूप में रहकर वे मौजूदा सरकार की मदद से बंगाल के विकास के लिए काम करें. उन्होंने इस बात का खंडन किया कि फिल्मी सितारों को गंभीर राजनेता नहीं माना जा सकता. उन्होंने कहा कि राजनीति उनके लिए 24x7 का काम है और राजनीति में आने के बाद उन्होंने फिल्मों में काम करना पूरी तरह छोड़ दिया है.

शताब्दी रॉय ने कहा, "मैं दूसरों के बारे में तो नहीं कह सकती, लेकिन अपने बारे में कह सकती हूं कि मैं एनडीए का समर्थन करूंगी. काकोली दी 'चीफ़ व्हिप' होंगी और मैं 'डिप्टी लीडर' बनी रहूंगी. यह कहना सही नहीं है कि फ़िल्मी सितारे गंभीर राजनेता नहीं होते, मैं खुद इसका एक उदाहरण हूं."

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