दुनियाभर में आज यानी 21 जून को 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस बेहद उत्साह के साथ मनाया जा रहा है, लेकिन पश्चिम बंगाल के जलदापाड़ा से सामने आई एक तस्वीर सबसे ज्यादा चर्चा में है. जलदापाड़ा वाइल्डलाइफ डिवीजन में तोर्षा नदी के किनारे वन विभाग के कर्मचारियों ने योगाभ्यास किया. इस दौरान कुछ दूरी पर हाथियों का झुंड भी नजर आया. घास के मैदान में योग कर रहे लोगों और पास खड़े हाथियों का यह दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किया जा रहा है.
पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने इस आयोजन की तस्वीरें साझा करते हुए इस बात पर जोर दिया कि पर्यावरण को बचाना भी धरती के लिए एक तरह का योग ही है. जलदापाड़ा के इस खास नजारे को विभाग ने 'वन अर्थ, वन हेल्थ, वन हर्ड' के अनोखे संदेश के साथ जोड़ा है, जो दिखाता है कि प्रकृति का संरक्षण और हमारा बेहतर स्वास्थ्य एक-दूसरे से कितने गहरे जुड़े हैं.
इस बार भारत समेत दुनिया भर में करीब 2,500 स्थानों पर योग दिवस से जुड़े बड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए. देश का मुख्य राष्ट्रीय कार्यक्रम कोलकाता के रेड रोड पर हुआ. यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हजारों लोगों के साथ सामूहिक योग सत्र का नेतृत्व किया. सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग योग करने के लिए पहुंचे और कॉमन योग प्रोटोकॉल का पालन किया.
साल 2026 में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम 'योगा फॉर हेल्दी एजिंग' यानी 'स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग' रखी गई है. यह थीम बढ़ती उम्र में भी शरीर को फिट, दिमाग को शांत और दिल को मजबूत रखने में योग की भूमिका को बताती है. डॉक्टरों का भी मानना है कि योग एक ऐसी दवा है, जो बीमारी आने से पहले ही शरीर को अंदर से फौलाद बना देती है. यही वजह है कि आज के शिविरों में युवाओं से ज्यादा बुजुर्ग पूरे जोश के साथ प्राणायाम करते दिखे.
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