दो दिनों तक चली तलाश, सोशल मीडिया पर अपील और परिवार की बेचैनी के बाद आखिरकार हावड़ा की 15 साल की निशानेबाज दमयंती सेन सुरक्षित मिल गई हैं. शनिवार तड़के उन्हें हावड़ा के रामकृष्णपुर घाट इलाके से बरामद किया गया. फिलहाल दमयंती हावड़ा थाने की निगरानी में हैं, जहां औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं. शुरुआती पूछताछ में उन्होंने घर छोड़ने की जो वजह बताई है, उसने इस पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है.
दरअसल, स्थानीय लोगों ने परिवार को सूचना दी कि एक लड़की घाट के पास बैठी है. परिजन मौके पर पहुंचे और उसे सुरक्षित घर ले आए. इसके बाद पुलिस ने आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए दमयंती को अपनी निगरानी में ले लिया. दमयंती के पिता ध्रुवज्योति सेन ने बेटी के मिलने की पुष्टि करते हुए सिर्फ इतना कहा कि मेरी बेटी मिल गई है. फिलहाल मैं इससे ज्यादा कुछ नहीं कह सकता, क्योंकि मैं अभी थाने में हूं.
मध्य हावड़ा के उमाशंकर भट्टाचार्य लेन में रहने वाली 15 साल की दमयंती दो दिन पहले घर से कुछ सामान खरीदने के लिए निकली थीं. लेकिन वापस नहीं लौटीं. उनका मोबाइल फोन भी घर पर ही रह गया था. परिवार ने पहले अपने स्तर पर तलाश की. जब कोई सुराग नहीं मिला तो हावड़ा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई. जांच के दौरान पता चला कि दमयंती को पहले हावड़ा रेलवे स्टेशन, फिर श्रीरामपुर स्टेशन और रथ यात्रा के दौरान देखा गया था. इसके बाद उनका कोई पता नहीं चला.
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हावड़ा सिटी पुलिस के मुताबिक, शुरुआती पूछताछ में दमयंती ने बताया है कि वह खेल और पढ़ाई के बीच बैलेंस बनाने के दबाव की वजह से घर छोड़कर चली गई थीं. पुलिस का कहना है कि घर से निकलने के बाद वह कई जगहों पर गईं और बाद में वापस अपने शहर हावड़ा लौट आईं. हालांकि, पुलिस ने यह भी कहा है कि इन बयानों का वेरिफिकेशन किया जा रहा है, पूरे मामले की जांच जारी है.
क्यों चर्चा में थीं दमयंती?
दमयंती सेन एक प्रतिभाशाली राइफल शूटर हैं. उनके पिता के मुताबिक, उन्हें राष्ट्रीय टीम के ट्रायल में हिस्सा लेने का मौका मिला था और वह नियमित प्रैक्टिस करती थीं. उनके अचानक लापता होने की खबर ने चिंता बढ़ा दी थी. अब दमयंती सुरक्षित मिल गई हैं, परिवार ने राहत की सांस ली है. लेकिन इस मामले ने एक अहम सवाल भी छोड़ दिया है कि क्या कम उम्र में पढ़ाई और अन्य प्रतिस्पर्धा का बढ़ता दबाव बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर असर डाल रहा है?
अनिर्बन सिन्हा रॉय / बैधनाथ झा