तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा 11 घंटे की लंबी पूछताछ के बाद कहा कि उन्होंने अपनी पूरी क्षमता से जवाब देने की कोशिश की है. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले एक महीने से विपक्षी ताकतों को डराने-धमकाने की कोशिशें हो रही हैं, जैसे वोटर लिस्ट से नाम हटाना, काउंटिंग एजेंट को बाहर करना और चुनाव के बाद हिंसा भड़काना.
पूछताछ के बाद अभिषेक बनर्जी ने राजनीतिक बदले की भावना और पार्टी को तोड़ने की कोशिशों का आरोप लगाया. अभिषेक बनर्जी ने कहा कि केंद्रीय एजेंसियों के डर से पार्टी को तोड़ने या सांसदों और विधायकों को तोड़ने की कोशिश करने से कोई फायदा नहीं होगा.
उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को डराया-धमकाया नहीं जा सकता. इसके अलावा अभिषेक ने बताया, जब भी उन्हें बुलाया गया, वे पेश हुए. CBI की जांच 2022 में शुरू हुई थी, जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया था उन्हें जमानत मिल चुकी है, फिर भी कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया है.
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उन्होंने यह भी बताया कि उनसे पूछे गए सवालों के जवाब उन्होंने दिए हैं और भविष्य में भी सहयोग करते रहेंगे.
रविवार को सीआईडी ने की थी पूछताछ
बता दें कि इससे पहले रविवार को सीआईडी ने अभिषेक बनर्जी से आठ घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की. पश्चिम बंगाल सीआईडी ने कोलकाता में अभिषेक बनर्जी और पार्टी विधायक कुणाल घोष से लंबी पूछताछ की थी.
यह कार्रवाई विधानसभा में विपक्ष के नेता की नियुक्ति से जुड़े दस्तावेजों पर विधायकों के हस्ताक्षरों में कथित हेराफेरी की जांच के तहत की गई.
पूछताछ के बाद सीआईडी कार्यालय से बाहर आए कुणाल घोष ने बताया कि जांच अधिकारियों ने उनसे और अभिषेक बनर्जी से आमने-सामने बैठाकर सवाल-जवाब किए. घोष ने कहा, मैंने जांच अधिकारियों के सभी सवालों के जवाब दिए हैं और जांच में पूरा सहयोग किया है.
अनिर्बन सिन्हा रॉय