डॉक्टर हिरा राशिद... जिन्होंने अपने खेतों पर बने एयरपोर्ट से पकड़ी पहली फ्लाइट, CM योगी से मिलने पहुंची लखनऊ

कौन हैं डॉ. हिरा राशिद? जेवर एयरपोर्ट से चली पहली फ्लाइट पकड़कर CM योगी आदित्यनाथ से मिलने लखनऊ पहुंचीं NEET 2021 निकालने वाली बेटी. जानिए पूरी इनसाइड स्टोरी...

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CM योगी ने घर पर किया जेवर के किसानों का स्वागत.(Photo:ITG) CM योगी ने घर पर किया जेवर के किसानों का स्वागत.(Photo:ITG)

aajtak.in

  • नोएडा/लखनऊ,
  • 15 जून 2026,
  • अपडेटेड 8:38 PM IST

"माननीय मुख्यमंत्री जी नमस्कार, मेरा नाम डॉ. हिरा राशिद है और मुझे यह कहते हुए बेहद गर्व महसूस हो रहा है कि जिस भूमि पर मेरे पिताजी अन्न उगाते थे, आज उसी भूमि से उड़ान भरकर मैं आपसे मिलने आई हूं." यह भावुक और गर्व से भरे शब्द जेवर इलाके की रहने वाली एक युवा डॉक्टर हिरा राशिद के हैं, जो सोमवार को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से शुरू हुई पहली पैसेंजर फ्लाइट के जरिए लखनऊ पहुंची थीं.

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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के डेवलपमेंट के लिए जिन लगभग 170 गांववालों की जमीन ली गई थी, वे सोमवार को इस नए चालू हुए एयरपोर्ट से पहली पैसेंजर फ्लाइट में सवार होकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने उनके सरकारी आवास पहुंचे. इन यात्रियों में डॉ. हिरा राशिद आकर्षण का केंद्र रहीं, जिन्होंने लखनऊ की अपनी इस हवाई यात्रा को एक सपने के सच होने जैसा बताया.

बिना कोचिंग निकाली NEET परीक्षा 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ बातचीत के दौरान डॉ. हिरा राशिद ने अपने संघर्ष और क्षेत्र में हुए विकास की कहानी साझा की. डॉ. हिरा ने कहा, "एक ऐसा समय था जब हमारे इलाके में इंटरनेट तक नहीं था और पढ़ने की कोई अच्छी सुविधा नहीं थी. स्कूल जाने के लिए बसें भी ठीक से नहीं मिलती थीं. पर जैसे-जैसे हमारे क्षेत्र में विकास हुआ, तरक्की बढ़ी और सुविधाएं आईं. इन सुविधाओं के दम पर ही मैंने बिना किसी कोचिंग के NEET 2021 परीक्षा निकाली. इसके बाद अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से MBBS किया." देखें VIDEO:- 

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डॉ. हिरा राशिद ने इस अभूतपूर्व विकास का पूरा श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह को दिया. उन्होंने सीएम योगी का शुक्रिया अदा करते हुए कहा, "यह सब आपकी वजह से ही मुमकिन हो पाया है, इसलिए मैं आपकी बहुत शुक्रगुजार हूं और चाहती हूं कि आप भविष्य में प्रधानमंत्री के रूप में रहें."

CM योगी ने घर पर किया जेवर के किसानों का स्वागत
सोमवार सुबह नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पैसेंजर सर्विस शुरू होने के बाद सभी ग्रामीण लॉन्च-डे फ्लाइट से लखनऊ पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद अपने घर पर उनका आत्मीय स्वागत किया. मुख्यमंत्री ने इन किसानों का इस ऐतिहासिक सफर का हिस्सा बनने और विकास में सहयोग देने के लिए शुक्रिया अदा किया. बातचीत के दौरान किसानों ने कहा कि हवाई यात्रा करने का उनका सालों पुराना सपना आज पूरा हो गया है और यह अनुभव उनके लिए 'कभी न भूलने वाला' है.

जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह के अनुसार, इस फ्लाइट में यात्रा करने वाले लगभग 99 प्रतिशत किसान ऐसे थे जो अपनी जिंदगी में पहले कभी हवाई जहाज में नहीं बैठे थे. उन्होंने कहा, "जिन किसानों ने अपनी मेहनत से इस जमीन पर खेती की और उसे देश के विकास के लिए छोड़ दिया, आज वही इस जगह से हवाई यात्रा कर रहे हैं. यह भरोसा, भागीदारी और तरक्की का सबसे बड़ा प्रतीक है." यात्रियों में गौतम बुद्ध नगर जिले के जेवर इलाके के गांवों के कई बुजुर्ग किसान और 28 महिलाएं भी शामिल थीं.

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सरकार ने चप्पल पहनने वाले किसानों को जहाज में बिठाया
हवाई सफर का आनंद लेने वाले अन्य ग्रामीणों ने भी अपनी भावनाएं व्यक्त कीं. किसान धर्मवीर शर्मा ने कहा, "हमारे गांव के इलाके में वर्ल्ड-क्लास इंटरनेशनल एयरपोर्ट होना गर्व की बात है. सरकार ने चप्पल पहनने वाले किसानों को एयरक्राफ्ट में बिठाया है, जिससे यह साबित होता है कि विकास का फायदा आखिरी आदमी तक पहुंच सकता है."

पूनम, जिनकी जमीन एयरपोर्ट के लिए अधिग्रहित की गई थी, उन्होंने पहली बार हवाई जहाज में बैठने पर मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया और कहा कि इस पहल से किसानों का सम्मान बढ़ा है.

किसान हाजी जफर ने बताया कि सरकार ने जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया के दौरान किसानों की पूरी सहमति ली थी और सभी ने अपनी मर्जी से जमीन दी थी. उन्होंने बिना किसी भेदभाव के सरकारी योजनाएं लोगों तक पहुंचने की तारीफ की.

इकबाल कल्लू नाम के किसान ने कहा कि एयरपोर्ट के लिए जमीन खोना अब एक बड़े विकास के सफर का हिस्सा बन गया है, क्योंकि किसानों को सिर्फ मुआवजा देकर छोड़ा नहीं गया, बल्कि इस प्रोजेक्ट में स्टेकहोल्डर बनाया गया है.

महिला यात्री सुमन और मीनू भी बेहद भावुक दिखीं. मीनू ने कहा कि एयरपोर्ट बनने के बाद उन्होंने पहली बार आसमान से अपनी जमीन को देखा, और यह अनुभव शब्दों से परे है.

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बुजुर्गों ने कहा- ऐसा विकास का दौर कभी नहीं देखा
एयरपोर्ट प्रोजेक्ट के लिए अपनी 40 बीघा जमीन देने वाले बुजुर्ग किसान जयवीर ने कहा कि उन्होंने अपनी जिंदगी में कई सरकारें देखी हैं, लेकिन विकास का ऐसा दौर कभी नहीं देखा. वहीं, एक अन्य 65 वर्षीय बुजुर्ग किसान ने, जिन्होंने प्रोजेक्ट के लिए 30 बीघा जमीन दी थी, इलाके को इस तरह बदलते देखकर खुशी जाहिर की. किसान जयकरण सिंह ने भरोसा जताया कि यह एयरपोर्ट आने वाली पीढ़ियों के लिए नए मौके पैदा करेगा.

लखनऊ में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री के साथ उनके सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी, राज्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (सिविल एविएशन) दीपक कुमार, यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) के CEO राकेश सिंह और इंडिगो व नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रतिनिधि शामिल हुए. इंडिगो के ऑनबोर्ड एयरलाइन क्रू ने भी फ्लाइट के अंदर एक खास घोषणा की, जिसमें देश के इस भव्य एयरपोर्ट को बनाने में किसानों के योगदान को सलाम किया गया.

5 रनवे तक बढ़ाया जाएगा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट
एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (सिविल एविएशन) दीपक कुमार ने कहा कि इस पहली फ्लाइट ने एक लंबे समय से देखे जा रहे सपने को हकीकत में बदल दिया है. बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 नवंबर 2021 को इस प्रोजेक्ट की नींव रखी थी और इसी साल 28 मार्च को इसका उद्घाटन किया था.

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वर्तमान में यह एयरपोर्ट एक रनवे और सालाना 1.2 करोड़ पैसेंजर कैपेसिटी के साथ पूरी तरह चालू हो गया है, जिसे भविष्य में सालाना 22.5 करोड़ पैसेंजर की क्षमता के साथ 5 रनवे तक बढ़ाने की योजना है. इस एयरपोर्ट के शुरू होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) में कनेक्टिविटी मजबूत होगी और आर्थिक गतिविधियों को भारी बढ़ावा मिलेगा.

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