राम मंदिर में दान की कथित चोरी के दावों को लेकर विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने अयोध्या पुलिस को पत्र लिखा है. वीएचपी ने पुलिस से मांग की है कि कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और आप (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल सहित कई विपक्षी नेताओं के आरोपों की जांच की जाए. इन आरोपों को साबित करने वाले सबूत मांगे जाएं.
आरएसएस से जुड़ी इस संस्था ने मांग की है कि अगर यह पाया जाता है कि उन्होंने नफरत की भावना पैदा करने और इसे बढ़ावा देने के इरादे से बेबुनियाद आरोप लगाए हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए.
4 जुलाई को मामले के जांच अधिकारी, अयोध्या के डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) आशुतोष तिवारी को लिखे पत्र में, VHP के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि नेताओं ने खास आरोप लगाए हैं जिन्हें टीवी चैनलों, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और अन्य इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से बड़े पैमाने पर फैलाया गया है.
उन्होंने जांच अधिकारी से आग्रह किया कि वे नेताओं को बुलाकर उनके दावों का तथ्यात्मक आधार, जानकारी का स्रोत और उनका समर्थन करने वाले कोई भी दस्तावेज या सामग्री बताने को कहें.
कुमार ने कहा कि नेताओं ने सार्वजनिक रूप से खास आरोप लगाए हैं और यहां तक कि निश्चित आंकड़े भी बताए हैं, जिनमें 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि से जुड़े आरोप भी शामिल हैं.
आलोक कुमार ने कहा कि प्रियंका गांधी ने सवाल उठाया कि क्या केवल जूनियर कर्मचारी ही CCTV कैमरे बंद कर सकते थे और हजारों करोड़ रुपये के चढ़ावे में हेरफेर कर सकते थे, या इसमें प्रभावशाली लोग भी शामिल हैं.
कुमार ने कहा कि केजरीवाल ने आरोप लगाया कि लगभग 200 करोड़ रुपये नकद, और साथ ही भगवान राम की माला, चरण पादुकाएं, हीरे, गहने, चांदी की ईंटें और दीपक कथित तौर पर चोरी हो गए हैं, और उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस, ED और CBI की चुप्पी पर सवाल उठाया.
पत्र में मंदिर में दान किए गए नकद और कीमती सामान की चोरी पर समाजवादी पार्टी के नेता राम गोपाल यादव और AAP सांसद संजय सिंह द्वारा कथित तौर पर दिए गए सार्वजनिक बयानों का भी जिक्र किया गया.
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