वाराणसी जिला अस्पताल की लापरवाही! गर्भवती को भर्ती करने के बजाय भगाया... हॉस्पिटल के बाहर हुई डिलीवरी

वाराणसी के जिला महिला अस्पताल से एक लापरवाही का मामला सामने आया है. यहां प्रसव के लिए गई एक महिला को अस्पताल की स्टाफ नर्स ने खूब दौड़ाया और भर्ती करने के बजाय बीएचयू रेफर कर दिया. लेकिन अस्पताल से निकलते-निकलते महिला का प्रसव हो गया.

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रिजवाना, जिन्होंने भर्ती नहीं करने पर अस्पताल के बाहर बच्चे को दिया जन्म. (Photo: Screengrab) रिजवाना, जिन्होंने भर्ती नहीं करने पर अस्पताल के बाहर बच्चे को दिया जन्म. (Photo: Screengrab)

रोशन जायसवाल

  • वाराणसी,
  • 19 अगस्त 2025,
  • अपडेटेड 11:27 PM IST

वाराणसी के जिला महिला अस्पताल में एक गर्भवती प्रसव के लिए गई थी. लेकिन अस्पताल प्रशासन ने भर्ती करने से मना कर दिया और बगैर जांच किए बीएचयू रेफर कर दिया. हालांकि, गर्भवती वहां से निकल पाती, उससे पहले ही अस्पताल के बाहर उसकी डिलीवरी हो गई. जिसके बाद आनन-फानन में अस्पताल की महिला स्टाफ ने उपचार शुरू करके जच्चा-बच्चा को अस्पताल में भर्ती किया.

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पूरा मामला जिले के कबीर चौरा जिला महिला अस्पताल का है. इस पूरे मामले का वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल की प्रमुख चिकित्सा अधीक्षिका ने जांच बिठा दी है. साथ ही मामले में उन्होंने आरोपी स्टाफ नर्स और डॉक्टर से स्पष्टीकरण भी मांगा है. 

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दरअसल, वाराणसी के कबीर चौरा जिला महिला अस्पताल में मदनपुरा की रहने वाली रिजवाना अपनी सास के साथ बीती रविवार की शाम पहुंची थीं. यहां दर्द की हालत में भी अस्पताल की स्टाफ नर्स ने उन्हें एक स्थान से दूसरे स्थान खूब दौड़ाया और अंत में केस सिरियस कहते हुए बीएचयू रेफर कर दिया. 

ऐसे में थक हार कर गर्भवती अपनी सास के साथ घर लौट गई, लेकिन फिर एक मददगार के बुलावे पर वह अस्पताल पहुंची. लेकिन दूसरी बार भी उसे असंवेदनशील स्टाफ ने अस्पताल में घुसने तक नहीं दिया. जिसके बाद वह घंटों दर्द से तड़पती रही और जब उसे अस्पताल से कोई भी देखने नहीं पहुंचा तो ओपीडी की चौखट के बाहर पथरीले बेंच पर ही उसने अपने तिमादारों और आसपास के लोगों की मदद से एक बच्ची को जन्म दे दिया.

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इस घटना के बाद से अस्पताल की स्टाफ नर्स और डॉक्टर के हाथ पांव फूलने लगे. जिसके बाद जच्चा-बच्चा को अस्पताल में भर्ती किया गया. पीड़िता रिजवाना ने बताया कि जब वह अस्पताल डिलीवरी के लिए पहुंची तो यह कहते हुए उसे भगा दिया गया कि पर्चा यहां का नहीं है. जिसके बाद वह अस्पताल की ही पुरानी बिल्डिंग में पहुंची तो वहां भी उसे भगा दिया गया और बोला गया कि BHU जाओ.

हालांकि, वहां से निकलते- निकलते उसका दर्द बढ़ गया और वहीं पर उसकी डिलीवरी हो गई. जिसके बाद अस्पताल से नर्स आई, तब उसने बच्चे की नार काटी और फिर उसे व उसके बच्चे को अस्पताल में भर्ती किया गया. रिजवाना ने बताया कि वे इस दौरान काफी दर्द में थीं. 

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वहीं, सास सितारा ने बताया कि वह अपनी बहू के साथ जिला महिला अस्पताल पहुंची और हाथ जोड़कर मिन्नत किया कि उनकी बहू को भर्ती कर लिया जाए. लेकिन अस्पताल के स्टाफ नई, पुरानी बिल्डिंग में दौड़ाते रहे. इसी बीच में दोबारा आने पर उनकी बहू को एक बेटी हो गई. उन्होंने बताया की मजबूरी थी, वह कर भी क्या सकती थी? उन्होंने इस बात को भी स्वीकार किया कि उनकी बहू को सीरियस बातकर BHU रेफर किया जा रहा था. 

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मामले में प्रमुख चिकित्सा अधीक्षिका डॉ. नीना वर्मा ने जांच बिठा दी है. साथ ही उन्होंने इस पूरे मामले के लिए गलती भी मानी है. इसके अलावा उन्होंने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों से भी स्पष्टीकरण मांगा है. फिलहाल जच्चा-बच्चा दोनों ही स्वस्थ हैं और अस्पताल में उन्हें भर्ती कर लिया गया है.

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