रिकॉर्ड पावर सप्लाई के दावे के बीच कई जिलों में बत्ती गुल... UP के 22 जिलों का रियलिटी चेक, दावों की खुली पोल

उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है. सरकार 24 घंटे बिजली सप्लाई और रिकॉर्ड 31,824 मेगावाट आपूर्ति का दावा कर रही है, लेकिन कई जिलों में घंटों कटौती, ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज से लोग परेशान हैं. आजतक की 22 जिलों की ग्राउंड रिपोर्ट में बिजली व्यवस्था की अलग-अलग तस्वीर सामने आई है.

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भीषण गर्मी में बिजली संकट से बेहाल यूपी. (Photo: PTI) भीषण गर्मी में बिजली संकट से बेहाल यूपी. (Photo: PTI)

उत्तर प्रदेश इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है. कई जिलों में तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच चुका है. ऐसे में बिजली लोगों की सबसे बड़ी जरूरत बन गई है, लेकिन प्रदेश के कई हिस्सों में बिजली संकट लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ा रहा है. सरकार और बिजली विभाग लगातार दावा कर रहे हैं कि शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे और ग्रामीण इलाकों में तय मानकों के अनुसार बिजली आपूर्ति की जा रही है. ऊर्जा मंत्री एके. शर्मा ने रिकॉर्ड 31,824 मेगावाट बिजली सप्लाई का दावा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश देश में सबसे ज्यादा बिजली देने वाला राज्य बन गया है. इसके बावजूद जमीनी हालात कई जगह अलग कहानी बयां कर रहे हैं.

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ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि प्रदेश में महाआपूर्ति की जा रही है और ग्रामीण क्षेत्रों में भी 22 से साढ़े 22 घंटे बिजली दी जा रही है. उन्होंने कहा कि तकनीकी, प्राकृतिक और मानवजनित कारणों से कहीं-कहीं स्थानीय बाधाएं आ रही हैं, जिन्हें दूर करने के लिए बिजलीकर्मी लगातार काम कर रहे हैं.

वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिजली संकट पर विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि ऊर्जा संकट पर सवाल वही लोग उठा रहे हैं, जिनके समय में बिजली के तारों पर लोग कपड़े सुखाते थे. उन्होंने कहा कि पहले सप्ताह के हिसाब से बिजली मिलती थी, लेकिन अब पूरे प्रदेश में बिजली दी जा रही है. मुख्यमंत्री ने माना कि पावर स्टेशनों पर शटडाउन और तकनीकी दिक्कतें सामने आ रही हैं, लेकिन सरकार लगातार हालात की समीक्षा कर रही है और समाधान निकाला जाएगा.

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31,824 MW की पीक सप्लाई कर उत्तर प्रदेश ने इतिहास रच दिया है, यह प्रदेश और देश में अब तक की सर्वाधिक है।

तकनीकी/प्राकृतिक या मानवजनित कारणों से आ रहे स्थानिक व्यवधानों को हल करने के लिए हमारे विद्युतकर्मी दिन-रात निष्ठापूर्वक लगे हुए हैं।

आपका सहयोग प्रार्थनीय है।… https://t.co/J2ly3J4PRd

— A K Sharma (@aksharmaBharat) May 26, 2026

 

लखनऊ में चिकनकरी कारोबार पर असर

राजधानी लखनऊ में बिजली संकट का असर मशहूर चिकनकारी उद्योग पर भी देखने को मिला. पुराने लखनऊ के कारीगरों ने बताया कि कई इलाकों में 5 से 6 घंटे तक बिजली गायब रहती है. बिजली कटने से कढ़ाई का काम प्रभावित हो रहा है. कारीगरों का कहना है कि पसीने की वजह से बारीक कढ़ाई करना मुश्किल हो जाता है. कारोबारी संजोग गर्ग ने बताया कि बिजली संकट के कारण माल सप्लाई में करीब 20 प्रतिशत तक देरी हो रही है. हालांकि कुछ क्षेत्रों में पहले की तुलना में स्थिति बेहतर हुई है.

गोरखपुर में बेहतर सप्लाई, इटावा में ट्रिपिंग से परेशानी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर में बिजली व्यवस्था अपेक्षाकृत बेहतर दिखी. ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में ज्यादातर समय बिजली मिल रही है, हालांकि बीच-बीच में ट्रिपिंग की शिकायतें सामने आईं. वहीं इटावा में ओवरलोड और ट्रिपिंग लोगों की बड़ी परेशानी बनी हुई है. ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे सप्लाई का दावा किया जा रहा है, लेकिन रात में कटौती लगातार हो रही है. लोगों का कहना है कि बिजली आने-जाने का कोई तय समय नहीं है. हालांकि इस मामले में बिजली विभाग के चीफ इंजीनियर पंकज अग्रवाल नें बताया कि बताया कि गोरखपुर के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रो में 24 घंटे बिजली देने का आदेश है. जिसका अनुपालन किया जा रहा है. यदि कहीं शहरी या ग्रामीण क्षेत्रों में किसी तरह का फाल्ट पाया जाता है,तो उसे तत्काल सही कराया जा रहा है और विद्युत आपूर्ति अनवरत जारी रखा जा रहा है. 

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वहीं, इटावा के विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता ऋषभ देव ने बताया कि गर्मी की बढ़ोतरी के बीच पिछले वर्ष की तुलना में विद्युत मांग जनपद में बढ़ गई है. लोड लगातार बढ़ने के कारण ट्रिपिंग की समस्या आ रही है, फ्यूज उड़ने पर शटडाउन लेना पड़ता है, जिससे ट्रिपिंग बढ़ जाती है. दूसरी समस्या गैस किल्लत के बीच इंडक्शन चूल्हे का प्रयोग बताया जा रहा है, रात में एयर कंडीशन का प्रयोग अधिक होने से असंतुलन पैदा हो गया है. जिससे प्राप्त होने वाली विद्युत के अनुरूप आपूर्ति बेहतर रखने के प्रयास किया जा रहे हैं. हम लोग रात दिन विद्युत चोरी को रोकने के लिए भी निरंतर प्रयास कर रहे हैं. हालांकि ग्रामीण क्षेत्र में 18 घंटे विद्युत सप्लाई है लेकिन विद्युत कटौती रोस्टर टाइम रात्रि में होने की वजह से कुछ लोगों को परेशानी हो सकती है. शहर में 24 घंटे की विद्युत आपूर्ति है लेकिन ट्रिपिंग ओवरलोड की समस्या से शटडाउन होता है. लेकिन फिर भी सप्लाई 24 घंटे अनवरत जारी है.

बांदा, सहारनपुर और चंदौली में हालात गंभीर

बांदा में बिजली संकट को लेकर लोगों का गुस्सा सड़क पर दिखाई दिया. बिजली कटौती से परेशान लोगों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया. स्थानीय लोगों ने अधिकारियों पर फोन न उठाने और शिकायतों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया. चंदौली के ग्रामीण इलाकों में लोगों ने बताया कि 17 से 18 घंटे बिजली मिल रही है, लेकिन लगातार ट्रिपिंग से राहत नहीं मिल रही. रात में बिजली कटते ही लोग उमस और गर्मी से परेशान हो जाते हैं. सहारनपुर में शहर में करीब 6 घंटे और गांवों में 8 से 10 घंटे तक कटौती की शिकायत सामने आई. रात में बिजली गुल होने से छोटे बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है. मामले प्रभारी नोडल अधिकारी और एडीएम कुमार धर्मेंद्र ने बताया कि जहां जहां से शिकायतें या समस्या सामने आ रही हैं, तत्काल सम्बंधित अधिकारियों को समस्याओं के तत्काल निस्तारण के आदेश दिए गए हैं. हमारी प्राथमिकता है कि सरकार के आदेशों का शत प्रतिशत पालन किया जाए.

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देवरिया, बिजनौर और महोबा में जनता परेशान

देवरिया में अघोषित बिजली कटौती और फॉल्ट से लोग परेशान हैं. कई गांवों में घंटों बिजली गुल रहने की शिकायत सामने आई. कुछ इलाकों में ट्रांसफॉर्मर खराब होने के बाद भी समय पर नहीं बदले जा सके. बिजनौर में किसानों ने आरोप लगाया कि बिजली कटौती की वजह से फसलें सूखने लगी हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में कई-कई घंटे बिजली गुल रहने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. महोबा में लोगों का कहना है कि शहर में मुश्किल से 20 से 21 घंटे और गांवों में करीब 14 घंटे बिजली मिल रही है. लोगों की मांग है कि अगर कटौती करनी है तो उसका समय पहले से तय होना चाहिए. जबकि बिजनौर विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता अजय कुमार कैम का दावा है रोस्टर के अनुसार विद्युत आपूर्ति की जा रही है.

हालांकि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड देवरिया के अधीक्षण अभियंता एके सिंह ने बताया कि शहर में तो हमारी लाइट लगभग पूरी चल रही है. रोस्टिंग तो हो नहीं रही है. गांव में जरूर रोस्टिंग हुई है आजकल लेकिन लोकल फाल्ट के अलावा कोई मेजर फाल्ट नहीं आया है. मेरी जानकारी में लोकल फाल्ट तो हो रहे हैं लेकिन ऐसा नहीं की बहुत बड़े क्षेत्र में बिजली एक साथ कट गई हो. इसके अलावा महोबा को लेकर दक्षिणांचल विद्युत वितरण खंड के अधीक्षण अभियंता ए.के. सविता ने बताया कि जल निगम की पाइपलाइन शिफ्टिंग के वक्त ही शटडाउन लिया जाता है, जिसकी सूचना पहले दी जाती है.विभाग के मुताबिक, मुख्यालय में 23 घंटे 50 मिनट और ग्रामीण क्षेत्रों में 16 से 18 घंटे बिजली दी जा रही है.

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झांसी
भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच झांसी में भी अघोषित विद्युत कटौती से जनपदवासी परेशान हैं.स्थानीय क्षेत्रवासियों का कहना है कि मुख्यालय में मुश्किल से करीब 17 से 18 घंटे ही बिजली मिलती है. उस पर कभी-कभी ट्रिप हो जाती है. बिजली के आने जाने का कोई भी निर्धारित समय नहीं है. जबकि सरकार 24 घंटे बिजली देने का दावा करती है. रात के समय हालात और अधिक खराब हो जाते हैं. जैसे ही सोने जाते हैं, तभी बिजली कट हो जाती है. विद्युत विभाग के अधिकारियों को फोन लगाते है तो वह नहीं उठाते हैं.वहीं जब इस मामले में विद्युत विभाग के अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि ओवरलोड के कारण बिजली ट्रिप हो जाती है. हमारे यहां से बिजली पूरी मिलती है. जैसे ही एक या दो बार बारिश हो जायेगी तो समस्या में सुधार हो जायेगा.

प्रतापगढ़-
प्रतापगढ़ में बिजली विभाग के दावों और हकीकत के बीच का अंतर जनता के पसीने से साफ झलक रहा है. दहिलामऊ सब-स्टेशन हो या जिले के अन्य उपकेंद्र, जर्जर इंफ्रास्ट्रक्चर और ओवरलोडिंग के कारण फाल्ट होना अब रोज की बात हो गई है. आलम यह है कि उपभोक्ता बिजली बिल तो समय पर भर रहे हैं, लेकिन उन्हें बिजली बमुश्किल 10 से 15 घंटे ही मिल पा रही है. यहां पर संकट तब और गहरा गया जब गुरुवार रात भुपियामऊ स्थित 220 केवी ट्रांसमिशन परिसर में 33 केवी आपूर्ति के पैनल में लगा प्रेशर करंट ट्रांसफॉर्मर (सीटी) अचानक ब्लास्ट कर गया. इस तकनीकी खराबी ने करीब 13 विद्युत उपकेंद्रों की कमर तोड़ दी. रात 9 बजे से शुरू हुआ बिजली का यह संकट अगले 5 घंटों तक पूरे जिले को अंधेरे में धकेलता रहा.

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भीषण गर्मी के बीच बिजली गुल होने से लोगों का जीना मुहाल हो गया है. हालात की गंभीरता को देखते हुए अब विभाग हरकत में आया है. अधीक्षण अभियंता न केवल पूरी रात कर्मचारियों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं, बल्कि खुद आधी रात को फील्ड पर निकलकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं. बातचीत में उन्होंने बताया कि समस्या को दूर करने के लिए युद्धस्तर पर काम जारी है और रात में बाधित आपूर्ति की भरपाई दिन के समय की जा रही है.

कानपुर 
उत्तर प्रदेश के शहरों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति के दावों के बीच कानपुर से जमीनी हकीकत सामने आई है. कानपुर के 80 फीट रोड इलाके में भीषण गर्मी के दौरान घंटों बिजली गुल रहने से लोग परेशान नजर आए. सुबह से बिजली बाधित रहने के कारण कारोबार और आम जनजीवन दोनों प्रभावित हुए. बैंक्वेट हॉल में लाइट और पंखे बंद होने पर लोग हाथ से पंखा करते दिखाई दिए. होटल और बैंक्वेट संचालकों ने बताया कि उन्हें मजबूरी में जनरेटर चलाना पड़ रहा है, जिससे खर्च बढ़ गया है.

किताबों की दुकानों पर भी बिजली संकट का असर देखने को मिला, जहां दुकानदार बिना बिजली के बैठने को मजबूर रहे. स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि लंबे समय तक बिजली कटौती से आर्थिक नुकसान हो रहा है. लोगों ने बिजली विभाग के अधिकारियों पर समय पर समस्या का समाधान न करने का आरोप लगाया. कानपुर में बिजली विभाग यानी केस्को की एमडी नेहा जैन का कहना है कि बिजली की कोई कमी नहीं है, हर जगह बिजली सप्लाई मिल रही है.

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कहीं अगर कोई किसी तरीके का फाल्ट होता है तो उसे रिपेयर करने में जितना समय लगता है. बस इतनी देर के लिए बिजली काटी जा रही है.

मुजफ्फरनगर 

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में पिछले कुछ दिनों से बिजली की व्यवस्था में खासा सुधार देखने को मिला है. हाल फिलहाल की बात करें तो ग्रामीण क्षेत्रों में तकरीबन 18 से 20 घंटे और शहरी क्षेत्र में 20 से 22 घंटे बिजली उपभोक्ताओं को दी जा रही है. जनपद के अधिकारियों का कहना है कि उनका टारगेट 24 घंटे जनता को बिजली उपलब्ध कराने का है. लेकिन तापमान अधिक होने के चलते विधुत मशीनरी में फाल्ट की घटनाएं अक्सर देखने को मिलती रहती है. जिसके चलते मशीनरी को ठंडा करने के लिए फैन और कूलर की व्यवस्था भी जगह-जगह की गई है. 

विभाग के अधिकारी कहते हैं कि अगर तापमान और बढ़ता है तो पानी के फव्वारों की व्यवस्था भी विद्युत मशीनरी पर की जाएगी. जिससे की मशीन जी को ठंडा रखकर फाल्ट से बचाया जा सके. जनपद के स्थानीय लोगों की माने तो 5 दिन पूर्व दिन में थोड़े बहुत समय के लिए बिजली कटौती देखने को मिल रही थी लेकिन 5 दिन के बाद से व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त दिखाई पड़ रही है.

बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता मनोज कुमार यादव का कहना है कि शहरी क्षेत्र में 23 घंटे से अधिक बिजली सप्लाई की जा रही है और ग्रामीण क्षेत्रों में भी 18 से 20 घंटे बिजली उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराई जा रही है. इनका कहना है कि फाल्ट की वजह से ही विद्युत सप्लाई को रोका जा रहा है अन्यथा इसके अलावा कोई भी कटौती बिजली में नहीं की जा रही है. तापमान अधिक होने के कारण उपकरण गर्म हो जाते हैं और में फाल्ट होने का खतरा बना रहता है. अधिकतर ये देखने को मिलता है इसके लिए भी अब उपकरणों को ठंडा रखने के लिए पंखे और कूलर लगाए गए हैं. कोशिश है कि 24 घंटे उपभोक्ताओं को बिजली उपलब्ध कराई जा सके.

प्रयागराज-
प्रयागराज में करैली, नया पुरवा,धूमनगंज, सुलेम सराय अशोक नगर के अलावा तमाम अन्य जगहों पर बिजली की समस्या से लोग परेशान हैं. रात मे बिजली कट जा रही है. बिजली ना रहने से लोगों को गर्मी से काफ़ी दिक्क़त का सामना करना पड़ रहा है. बिजली विभाग के चीफ इंजीनियर राजेश कुमार के मुताबिक बिजली की कटौती नहीं है. लेकिन गर्मी की वजह से कहीं-कहीं फाल्ट आ जाता है . इस वजह से लाइट कटती है. प्रयागराज में पूरी लाइट मिल रही है. लेकिन ओवरलोड की वजह से कहीं-कहीं दिक्कत आती है, लेकिन 46 डिग्री की पड़ रही इस भीषण गर्मी मे अगर लाइट कट जाती है तो लोग परेशान हो जा रहे हैं.

फ़िरोज़ाबाद  
फिरोजाबाद के औद्योगिक शहर होने के कारण यहां बिजली व्यवस्था पर विशेष जोर दिया जाता है. लेकिन भीषण गर्मी और बढ़ते बिजली भार के चलते जिले के कई इलाकों में विद्युत आपूर्ति प्रभावित हो रही है. टूंडला, शिकोहाबाद और जसराना सहित ग्रामीण क्षेत्रों में तीन से चार घंटे तक की बिजली कटौती से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. वहीं शहरी इलाके में बिजली व्यवस्था ठीक चल रही है. तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंचने के बाद बिजली की मांग अचानक बढ़ गई है. जिससे ट्रांसफार्मरों पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है और कई स्थानों पर ट्रांसफार्मर फुंकने की घटनाएं सामने आ रही हैं.

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए विद्युत विभाग ने सब स्टेशनों पर ट्रांसफार्मरों को ठंडा बनाए रखने हेतु कूलर लगाने शुरू कर दिए हैं. मुख्य अभियंता गौरव सिंह ने बताया कि ओवरलोडिंग के कारण कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हो रही है, हालांकि विभाग की टीमें तत्काल मरम्मत कर आपूर्ति बहाल करने में जुटी हैं. उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि अनावश्यक बिजली उपयोग से बचें, ताकि सभी क्षेत्रों में बेहतर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके.

अयोध्या
भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच अयोध्या में बिजली व्यवस्था चरमराती नजर आ रही है. शहर के कई इलाकों में लगातार हो रही बिजली कटौती से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि शहरी क्षेत्रों में भी मुश्किल से 14 से 15 घंटे ही बिजली मिल पा रही है. दिन हो या रात, अचानक हो रही कटौती से लोगों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो रही है.

वहीं बिजली विभाग का कहना है कि भीषण गर्मी के चलते बिजली की मांग में तेजी से बढ़ोतरी हुई है, जिसके कारण ओवरलोड की समस्या सामने आ रही है और कई बार सप्लाई बाधित करनी पड़ती है. ग्रामीण क्षेत्रों की बात करें तो वहां हालात और ज्यादा चिंताजनक बने हुए हैं. गांवों में केवल 10 से 12 घंटे ही बिजली मिल रही है और कटौती का कोई निश्चित समय नहीं है. कभी दिन में तो कभी देर रात बिजली गुल हो जाने से ग्रामीणों को उमस और गर्मी के बीच भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता विनय कुमार ने बताया कि अत्यधिक ओवरलोडिंग के कारण कुछ स्थानों पर तकनीकी दिक्कतें सामने आई हैं, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा. उन्होंने कहा कि विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जहां-जहां ट्रांसफार्मरों में खराबी की सूचना मिल रही है, वहां तत्काल मरम्मत कार्य कराया जा रहा है. ग्रामीण क्षेत्रों में भी रात के समय पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराई जा रही है. ताकि लोगों को गर्मी से राहत मिल सके. विभाग की टीमें लगातार फील्ड में रहकर बिजली आपूर्ति सुचारु बनाए रखने में जुटी हुई हैं.


मेरठ 
मेरठ में बिजली का संकट लगातार बना हुआ है. लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री के आदेश के बाद भी बिजली पर कोई फर्क नहीं पड़ा है और बिजली में लगातार कटौती जारी है. बार-बार बिजली में कट लगता है और कई कई घंटे तक बिजली नहीं आती है.

मेरठ के दुकानदार निजाम ने बताया कि इस समय भी इनवर्टर पर पंखा चल रहा है. बिजली गायब है योगी जी के आदेश अच्छे हैं लेकिन अधिकारी उसको फॉलो नहीं कर रहे हैं. राजेंद्र कुमार का कहना है कि 10 से 12 घंटे ही बिजली आ रही है. मुख्यमंत्री के आदेश के बाद कोई फर्क नहीं पड़ा है. वहीं मेरठ के रहने वाले संजीव तोमर का कहना है कि मुख्यमंत्री के आदेश के बाद भी बिजली नहीं आ रही है. पूरी रात बच्चे परेशान रहते हैं सोने में दिक्कत आती है. 10 मिनट आ रही है तो 10 मिनट जा रही है. 

मेरठ शहर की बात करें तो लगभग तीन से चार घंटे बिजली कट रही है और कहीं-कहीं यह टाइम 6 से 7 घंटे भी हो जाता है. ग्रामीण इलाके की बात करें तो वहां पर भी लगभग 10 से 12 घंटे की कटौती की जा रही है. ग्रामीण क्षेत्र के चीफ गुरजीत सिंह ने बताया कि लगभग सप्लाई पूरी दी जा रही है लोकल फाल्ट से कोई दिक्कत आती है तो उसे भी तुरंत ठीक कराया जाता है. वहीं शहरी क्षेत्र के चीफ रजनीकांत मिश्रा ने बताया कि बिजली प्रॉपर दी जा रही है. कोई फॉल्ट आते हैं तो उनको तुरंत ही ठीक कराया जा रहा है. कहीं कोई फॉल्ट आता है उसकी वजह से कोई परेशानी आ जाती है वर्ना बिजली पूरी सप्लाई की जा रही है.

अलीगढ़ -
अलीगढ़ मे शहर के इलाकों में भी विद्युत विभाग सुचारू रूप से आपूर्ति नहीं कर पा रहा है. भीषण पड़ रही गर्मी में शहर के चारों तरफ़ के इलाकों में लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है. हर बिजली घर से जुड़े फ़ीडरों में विद्युत कटौती किए जाने से लोगों का गुस्सा विद्युत विभाग पर जमकर निकल रहा है. शहरी विद्युत समस्या व उनके निदान के लिए बनाए गए व्हाट्सप्प ग्रुप में विद्युत विभाग के छोटे से लेकर बड़े अधिकारी तक जुड़े हुए हैं. लेकिन अब हालात ये हो गए हैं कि कहीं लो वोल्टेज,कहीं लागतार थोड़ी थोड़ी देर में ट्रिपिंग की समस्या ने लोगों का इस भीषण गर्मी में जीना मुहाल कर दिया है. शहर के विक्रम कॉलोनी फ़ीडर पर 1 घंटे में बीती रात्रि में 10 बार से अधिक लाइट ट्रिप हुई है. तक़रीबन ऐसे ही सब जगह का हाल है.

उधर एक्सईएन शहर प्रणव गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि पर्याप्त विद्युत आपूर्ति हमें मिल रही है. जो ट्रिपिंग की समस्याएं आ रही हैं वो लोकल फ़ॉल्ट की वजह से हो रही हैं. जहां-जहां दिक्कतें आ रही हैं वहां उनका टीम भेजकर निदान कराया जा रहा है. बिजली की मांग पहले की अपेक्षा बढ़ी है लेकिन हमें पर्याप्त विद्युत आपूर्ति मिल रही है.

सीतापुर
लगातार बढ़ती गर्मी के चलते सीतापुर जिले में भी बिजली की समस्या विकराल रूप धारण कर रही है. शहरी इलाकों में 8 से 10 घंटे की कटौती और वोल्टेज की समस्या के चलते हो रही ट्रिपिंग से जहां लोग बेहाल हैं. वही गांव में यह समस्या और भी ज्यादा बढ़ी हुई है. ग्रामीण क्षेत्रों में पावर कट की वजह से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. दिन या रात ट्रिपिंग की वजह से लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में पावर कट हो रहा है. उधर विद्युत विभाग के अधिकारी इस संबंध में कुछ भी स्पष्ट बोलने को तैयार नहीं है. उनका कहना है जितनी आपूर्ति हमको पावर ग्रिड से मिलती है उसमें हम कोई कटौती नहीं कर रहे हैं.

विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता अमित कुमार ने बताया कि विद्युत वितरण खंड क्षेत्र सीतापुर में शहरी क्षेत्र में 24 घंटे और ग्रामीण क्षेत्र में 18 घंटे विद्युत आपूर्ति प्रस्तावित है. लेकिन रोस्टिंग के चलते विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई है. हाल फिलहाल में आए आंधी तूफान की वजह से विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई है. जिसमें शहरी क्षेत्र की काफी आपूर्ति को बहाल कर लिया गया है. ग्रामीण क्षेत्र में पोल वगैरह डैमेज हुए हैं. जल्द ही आपूर्ति बहाल कर ली जाएगी.


जौनपुर 
बिजली को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार का दावा है कि शहरी क्षेत्र में 24 घंटे बिजली की उपलब्धता है तो वहीं ग्रामीण इलाकों में 18 घंटे बिजली की सप्लाई की जा रही है. लेकिन जौनपुर में जमीनी हकीकत इसके परे है. जौनपुर जिला मुख्यालय पर बिजली कटौती देखने को मिल रही है. थोड़ी-थोड़ी देर में बिजली ट्रिप कर जा रही है. वहीं इसके अलावा लो वोल्टेज में बिजली सप्लाई की समस्या सामने आ रही है. जिसके चलते लोग गर्मी से बेहाल हैं. पॉवर कट होने की वजह से बड़ी संख्या में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. जौनपुर में ना सिर्फ शहरी इलाके में बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी बिजली में भारी कटौती देखने को मिल रही है. ग्रामीण इलाकों में 18 घंटे बिजली देने का दावा सिर्फ कागजों तक सिमट कर रह गया है. हमने विद्युत आपूर्ति के संदर्भ में बिजली विभाग के अधिकारियों से उनका पक्ष लेने का प्रयास किया. लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया.

आजमगढ़ -
आजमगढ़ मे बिजली व्यवस्था एक बड़ा मुद्दा बनी हुई है. शहरी क्षेत्रों में जहां 24 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा किया जा रहा है, वहीं ग्रामीण इलाकों में सप्लाई, लो-वोल्टेज और फॉल्ट की समस्या लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है. आजमगढ़ के शहरी इलाकों में सबसे बड़ी समस्या ओवरलोड ट्रांसफॉर्मर, लोकल फॉल्ट, जर्जर लाइनें और अचानक बिजली ट्रिप होने की बताई जा रही है. शाम के समय बिजली की खपत बढ़ने पर कई मोहल्लों में बार-बार कटौती की शिकायतें सामने आती हैं. दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे फीडर, तारों की खराब स्थिति, ट्रांसफॉर्मर जलना और लो-वोल्टेज आम समस्या बनी हुई है, जिससे खेती, पेयजल और घरेलू काम प्रभावित हो रहे हैं.

वाराणसी 
वाराणसी इन दिनों भीषण गर्मी और अघोषित बिजली कटौती की दोहरी मार झेल रहा है. मई 2026 में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के कारण जिले में बिजली की मांग 915 मेगावाट तक पहुंच गई है, जबकि पिछले साल जून में यह आंकड़ा 896 मेगावाट था. शहर के सिगरा और शिवपुर जैसे क्षेत्रों में घंटों ट्रिपिंग की समस्या है, वहीं ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भी गंभीर है. जहां कहीं-कहीं दिनभर तक बिजली गुल रहने से पेयजल संकट गहरा गया है. ओवरलोड के कारण ट्रांसफार्मर जवाब दे रहे हैं. जिससे आपूर्ति में 4 से 8 तक का अंतर बना रहता है. इस संकट ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है और जनता प्रशासन से तत्काल सुधार की मांग कर रही है. 

शहर के लगभग हर हिस्से में ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज की समस्या है. ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी चिंताजनक है, जहां आपूर्ति अक्सर अघोषित रूप से कई कई घंटों तक काट दी जाती है. गांवों में ट्रांसफार्मर जलने की घटनाएं अधिक हो रही हैं और उनके बदलने में भी देरी हो रही है, जिससे पेयजल की गंभीर किल्लत हो गई है.

इनपुट - बांदा से सिद्धार्थ गुप्ता, देवरिया से राम प्रताप, बिजनौर से संजीव शर्मा, महोबा से नाहिद अंसारी, मेरठ से उस्मान चौधरी, झांसी से प्रमोद गौतम, आजमगढ़ से राजीव कुमार, वाराणसी से रोशन जयसवाल, अलीगढ़ से अकरम, प्रतापगढ़ से सुनील, कानपुर से सिमर चावला, मुजफ्फरनगर से संदीप सैनी, जौनपुर से आदित्य भारद्वाज, सीतापुर से अरविंद मोहन, प्रयागराज से पंकज, फिरोजाबाद से सुधीर शर्मा, अयोध्या से मयंक शुक्ला और इटावा से अमित तिवारी)

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