शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती इन दिनों गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने और गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में यात्रा कर रहे हैं. इसी क्रम में वह अलीगढ़ पहुंचे, जहां उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान कई राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर अपनी राय रखी.
अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव को लेकर सोशल मीडिया पर हुई टिप्पणियों और उस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान के संबंध में पूछे गए सवाल पर शंकराचार्य ने कहा कि मुख्यमंत्री ने जो कहा वह सही है, लेकिन उन्हें शुरुआत में ही हस्तक्षेप करना चाहिए था. उनका कहना था कि यदि पहले दिन ही ऐसी टिप्पणियों को रोकने की बात कही जाती तो मामला आगे नहीं बढ़ता.
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि उनकी यात्रा का उद्देश्य गौमाता की रक्षा के लिए जनजागरण करना है. उन्होंने कहा कि अब यह नेता नहीं, बल्कि मतदाता तय करेगा कि वोट किसे दिया जाए. उनके अनुसार, जो दल और नेता गौमाता को माता का दर्जा देने तथा गौ रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की बात करेंगे, जनता उनका समर्थन करेगी. उन्होंने कहा कि एक-एक वोट नेताओं के लिए महत्वपूर्ण होता है और जनता अपनी शर्तों पर मतदान करेगी.
गौ हत्या के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि भारत में गाय को माता का दर्जा प्राप्त है और गाय की हत्या या उसके मांस का व्यापार गलत है. उन्होंने लोगों से गौमाता के प्रति सम्मान का भाव रखने की अपील की.
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में एक भाजपा मंत्री द्वारा लगाए गए जय श्रीराम के नारों को लेकर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि केवल नारे लगाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि गौ रक्षा के लिए वास्तविक प्रयास होने चाहिए. उनके अनुसार, किसी भी व्यक्ति की हिंदू पहचान उसके आचरण और गौमाता के प्रति सम्मान से तय होगी.
अलीगढ़ के नाम को लेकर चलने वाली बहस पर उन्होंने कहा कि ‘अली’ संस्कृत का शब्द है, जिसका अर्थ मित्र या सखी होता है. उन्होंने कहा कि नाम बदलने के बजाय समाज को गौ रक्षा और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए.
2027 के विधानसभा चुनाव में गौमाता बड़ा चुनावी मुद्दा होगा
शंकराचार्य ने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में गौमाता एक बड़ा चुनावी मुद्दा बनेगी. उन्होंने राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे गौमाता को राज्य माता और राष्ट्रमाता का दर्जा देने के लिए स्पष्ट योजना लेकर जनता के बीच आएं.
शिवम सारस्वत