फटे जूते, एक ही शर्ट में हफ्तों काम, 5 हजार से खड़ा किया करोड़ों का साम्राज्य... लखनऊ के मानवेंद्र सिंह की कहानी

लखनऊ के आशियाना में बीबीए छात्र अक्षत ने 20 फरवरी को अपने पिता मानवेंद्र सिंह की हत्या कर दी. 5 हजार से करोड़ों का साम्राज्य खड़ा करने वाले मानवेंद्र के शव को बेटे ने आरी से काटकर ठिकाने लगाया. पारिवारिक कलह और मां की आत्महत्या का बदला इस खौफनाक वारदात की वजह बना.

Advertisement
लखनऊ के मानवेंद्र सिंह का बेटे ने किया था कत्ल (Photo: ITG) लखनऊ के मानवेंद्र सिंह का बेटे ने किया था कत्ल (Photo: ITG)

अंकित मिश्रा

  • लखनऊ ,
  • 27 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:16 PM IST

लखनऊ के आशियाना थाना क्षेत्र से सामने आए सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है. बीबीए के छात्र अक्षत प्रताप सिंह ने 20 फरवरी की तड़के सुबह अपने ही पिता मानवेंद्र सिंह की लाइसेंसी राइफल से सिर में गोली मारकर हत्या कर दी. शुरुआती जांच में सामने आया है कि वारदात पारिवारिक विवाद और पैसों के लेनदेन को लेकर हुई कहासुनी के बाद अंजाम दी गई. हत्या के बाद आरोपी बेटे ने सबूत मिटाने की साजिश रची. पुलिस के मुताबिक, अक्षत ने शव के टुकड़े किए और उन्हें नादरगंज और ट्रांसपोर्ट नगर के पास अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया. इस जघन्य अपराध को कुछ समय तक परिवार के भीतर ही दबाकर रखा गया. बहन कृति ने भाई को खोने के डर से सच्चाई सामने नहीं आने दी, लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ पूरा मामला उजागर हो गया.

Advertisement

मृतक मानवेंद्र सिंह की कहानी संघर्ष से सफलता तक की रही है. उन्होंने लखनऊ में महज 5 हजार रुपये से काम शुरू किया था. हालात इतने खराब थे कि फटे जूते और एक ही शर्ट में हफ्तों काम करना पड़ता था. एक विवाद के बाद उन्होंने खुद ब्लड सैंपल कलेक्शन का काम शुरू किया और कड़ी मेहनत के बल पर 12 पैथोलॉजी के मालिक बन गए. 

यह भी पढ़ें: क्यों 'कसाई' बना अक्षत? जब सरेंडर की थी तैयारी, फिर कहां से आया लाश को ड्रम में ठिकाने लगाने का आइडिया

करीबी बताते हैं कि उन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति को कभी नहीं छुपाया. एक दौर ऐसा भी था जब उनके पास बोरी भरकर पैसा आता था. मेहनत और महत्वाकांक्षा ने उन्हें उस मुकाम तक पहुंचाया, जहां वे पैसों के गद्दे पर सोने की बात गर्व से करते थे. मानवेंद्र ने 5 हजार रुपये से करोड़ों का साम्राज्य खड़ा किया था. 

Advertisement

 मानवेंद्र सिंह की कहानी

मानवेंद्र ने करीब एक साल पहले शराब का ठेका भी लिया था, जिसके बाद उनकी व्यस्तता और बढ़ गई. मानवेंद्र परिवार के साथ पहले एल्डिको में रहता था, लेकिन सात साल पहले आशियाना में नया घर खरीदा गया. घरेलू कलह के चलते अक्षत की मां ने आत्महत्या कर ली थी. 

करीबी के अनुसार, अक्षत अपने पिता को मां की मौत का जिम्मेदार मानता था. पिता चाहते थे कि बेटा पैथोलॉजी का काम संभाले, जबकि अक्षत होटल व्यवसाय में अपना भविष्य देख रहा था. 

यह भी पढ़ें: 'आज से खूब पार्टी करेंगे...', पिता की हत्या के बाद दोस्त और बहन से क्या बोला 'कातिल' अक्षत? लखनऊ कांड में चौंकाने वाले खुलासे

मानवेंद्र के मित्र अंशुमान दुबे का कहना है कि रिश्तों में कड़वाहट काफी पुरानी थी. अक्षत जब 11 साल का था, तब मां की मौत के बाद ससुराल पक्ष ने मानवेंद्र को दोषी ठहराया और यही धारणा समय के साथ और गहरी होती चली गई.

अक्षत पर पिता के कत्ल का आरोप 

हैरानी की बात यह भी है कि आरोपी अक्षत रामलीला में रावण के साथ-साथ परशुराम का किरदार निभाता रहा है. कॉलोनी और रिश्तेदार उसके अंदाज़ की खूब तारीफ करते थे लेकिन किसी को यह नहीं पता था कि वो खुद एक दिन ऐसा कांड कर देगा.

Advertisement

25 फरवरी को न्यायिक हिरासत में जेल भेजे जाने के बाद अक्षत पूरी रात नहीं सो पाया. जेल सूत्रों के मुताबिक, उसने खाना भी नहीं खाया और बेचैन हालत में रातभर जागता रहा. फिलहाल, पुलिस परिवार के सदस्यों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगाल रही है. 

मानवेंद्र और अक्षत किन-किन लोगों से संपर्क में थे, हत्या के बाद आरोपी ने किससे बात की, इन सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है. वारदात के वक्त घर में मौजूद लोगों के बयान भी दर्ज होंगे, ताकि यह साफ हो सके कि इस हत्याकांड में किसी और की भूमिका तो नहीं है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement