मदरसा, मस्जिद और दुकानें खुद तोड़ने लगे ग्रामीण... संभल में प्रशासन ने दिया था 8 दिन का अल्टीमेटम

यूपी के संभल में साढ़े तीन बीघा सरकारी जमीन पर बनी मस्जिद और मदरसे को कमेटी के लोगों ने खुद ही हटाना शुरू कर दिया है. पिछले दिनों प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर पैमाईश की थी. मस्जिद कमेटी के द्वारा हटाए जा रहे अवैध निर्माण को देखने तहसीलदार और नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे तो कमेटी के लोगों ने जेसीबी की मांग भी की है.

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 प्रशासन ने 8 दिन का दिया था वक्त. (Photo: Screengrab) प्रशासन ने 8 दिन का दिया था वक्त. (Photo: Screengrab)

अभिनव माथुर

  • संभल,
  • 05 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 3:04 PM IST

संभल में प्रशासन के अल्टीमेटम के बाद ग्रामीणों ने खुद सरकारी जमीन पर बने अवैध निर्माण को हटाना शुरू कर दिया है. लोग मस्जिद, मदरसा और दुकानों की दीवारें तोड़ते नजर आए. प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची और जायजा लिया. मामला असमोली थाना क्षेत्र के मुबारकपुर बंद गांव का है, जहां करीब साढ़े तीन बीघा सरकारी जमीन पर मस्जिद, मदरसा, मकान और पांच दुकानों का निर्माण किया गया था.

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हाल ही में प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर पैमाईश की थी, जिसमें सामने आया था कि निर्माण सरकारी जमीन पर अवैध रूप से किया गया है. पैमाईश के बाद प्रशासन ने 8 दिन का अल्टीमेटम दिया था.

प्रशासन ने अवैध निर्माण हटाने को कहा था. समय सीमा खत्म होने से पहले ही मस्जिद और मदरसा कमेटी के लोगों ने निर्माण हटाना शुरू कर दिया. शनिवार को गांव में लोग खुद ही दीवारों को तोड़ते नजर आए. ईंटें एक-एक कर निकाली जा रही थीं और अवैध निर्माण को हटाया जा रहा था.

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इस दौरान प्रशासनिक टीम भी मौके पर पहुंची. तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह और नायब तहसीलदार दीपक जुरैल ने स्थिति का जायजा लिया और काम की प्रगति देखी. मौके पर मौजूद कमेटी के लोगों ने प्रशासन को आश्वासन दिया कि वे जल्द से जल्द पूरा अवैध निर्माण हटा देंगे. साथ ही उन्होंने काम को तेजी से पूरा करने के लिए जेसीबी मशीन की मांग भी की.

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तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि मुबारकपुर बंद गांव में सरकारी भूमि पर अवैध रूप से मस्जिद, मदरसे और मकान बने थे. ग्रामीणों ने खुद अवैध निर्माण को तोड़ना शुरू कर दिया है. इन लोगों के द्वारा जेसीबी की मांग की गई है, वो भी उपलब्ध कराई जाएगी.

प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले पर नजर रखी जा रही है और सुनिश्चित किया जाएगा कि सरकारी जमीन पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त हो. संभल का यह मामला एक उदाहरण बनकर सामने आया है, जहां प्रशासन की सख्ती और स्पष्ट निर्देश के बाद स्थानीय लोगों ने खुद ही अवैध निर्माण हटाने की जिम्मेदारी उठाई.

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