सहारनपुर के कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्र सरकार की नीतियों पर बेहद विस्फोटक और तीखा हमला बोला है. उन्होंने 12 जून को दिए अपने बयान में सरकार द्वारा डीजल खरीद पर 200 लीटर की सीमा तय करने के फैसले की कड़े शब्दों में आलोचना की है. मसूद ने इस नीति को देश को कोटा सिस्टम की तरफ धकेलने वाला कदम बताया, जिससे माल ढुलाई महंगी होने के कारण आम जनता पर महंगाई की मार पड़ेगी. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कालाबाजारी रोकने और महंगाई पर नियंत्रण पाने में पूरी तरह अक्षम साबित हुई है.
पीओके पर मजबूत रुख और मायावती पर कटाक्ष
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) के मुद्दे पर कांग्रेस सांसद ने साफ कहा कि वह कश्मीर का हिस्सा है और हमारा अभिन्न अंग है, इसलिए सरकार को इसे वापस लेने के लिए एक स्पष्ट और मजबूत रुख अपनाना चाहिए. वहीं बहुजन समाज पार्टी की रैलियों पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि बसपा अब सीमित हो चुकी है. पार्टी के पास सिर्फ ढाई सौ लोग हैं, जो हर रैली में कभी मंडल प्रभारी, कभी विधानसभा प्रभारी तो कभी ब्लॉक प्रभारी बनकर घूमते रहते हैं.
डीजल की सीमा और महंगाई पर बड़ा वार
सांसद इमरान मसूद ने डीजल खरीद पर लगाई गई 200 लीटर की बाध्यता पर सवाल उठाते हुए कहा कि ट्रक इतनी कम सीमा में नहीं चल सकते. इस फैसले से परिवहन क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित होगा, माल ढुलाई के दाम बढ़ेंगे और हर आवश्यक वस्तु की कीमत आसमान छूने लगेगी. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास महंगाई को नियंत्रित करने का कोई प्रभावी फार्मूला नहीं है और देश को डुबाया जा रहा है, जिससे आम आदमी पूरी तरह से त्राहि-त्राहि कर रहा है.
विदेश नीति और डॉलर के रेट पर कसा तंज
सरकार के विकास के दावों पर कटाक्ष करते हुए मसूद ने कहा कि 58 रुपये का डॉलर आज लगभग 100 रुपये तक पहुंच गया है, जिसे सरकार विकास बता रही है. विदेश नीति पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया में सस्ता तेल उपलब्ध होने के बाद भी भारत महंगा तेल खरीद रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अमेरिका की दादागिरी और दबाव के सामने सरेंडर करके बैठ गई है और गुलामी की जंजीरों में जकड़ चुकी है.
राहुल कुमार