राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में एफआईआर के लिए तहरीर दे दी गई है. अयोध्या के रहने वाले संतोष दुबे नामक शख्स ने एफआईआर के लिए तहरीर दी है. यह तहरीर राम जन्मभूमि कोतवाली में दी गई है. तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर पॉलीग्राफ टेस्ट कराकर जांच करने की मांग की गई है.
तहरीर में राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्रा, राम मंदिर की व्यवस्थापक गोपाल राव और चंपत राय के ड्राइवर रहे राम शंकर यादव उर्फ टीन्नू यादव का भी नाम लिखा गया है. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि मंदिर के चढ़ावे से संबंधित मामले की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए.
निर्माण शुरू हुआ तो जमीन घोटाला किया और अब चढ़ावा
आज तक से बातचीत करते हुए संतोष दुबे ने कहा कि राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के यही चार चोर हैं. जिनके नाम चंपत राय बंसल, अनिल मिश्रा, गोपाल राव और राम शंकर यादव टिन्नू यादव है. एसआईटी बस इन चार को पकड़ ले सब कुछ साफ हो जाएगा.
जब मंदिर निर्माण के लिए अशोक सिंघल ने देश भर से कार सेवकों से ईंट मंगवाई तो कई लोगों ने सोने चांदी और तमाम हीरे जवाहरात जड़ित ईंटें दान की थी. वह कीमती ईंटें गायब हो गईं और आज तक पता नहीं चला. ये सब पुराने चोर हैं. राम मंदिर निर्माण शुरू हुआ तो जमीन खरीदने में घोटाला कर दिया, अब मंदिर बन गया तो चढ़ावा चोरी करने लगे.
दुबे ने कहा कि ट्रस्ट के यह सभी लोग चोर हैं. मेरी प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से मांग है कि इन सभी की संपत्ति की जांच करवाई जाए.
राम मंदिर निर्माण से पहले जो राम शंकर यादव, विनय कटियार चंपत राय का ड्राइवर हुआ करता था और 22000 की ड्राइवरी की नौकरी करता था, वह करोड़ों का मालिक कैसे बन गया? कैसे साधारण से घरवाले अनिल मिश्रा के घर में लिफ्ट लग गई और आलीशान मकान बन गया? राम मंदिर निर्माण के लिए मैंने गोली खाई, आंदोलन किया, मेरे घर की 3 बार कुर्की की गई.
मामले में SIT जांच का आज है दूसरा दिन
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) दूसरे दिन भी जांच में जुटा हुआ है. सोमवार को करीब आठ घंटे तक चली पड़ताल के दौरान टीम ने मंदिर में चढ़ावा एकत्र होने से लेकर उसकी गिनती, पैकिंग और बैंक में जमा होने तक की पूरी प्रक्रिया को विस्तार से समझा. जांच अधिकारियों ने इस दौरान संबंधित दस्तावेजों और व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया.
सूत्रों के मुताबिक पहले दिन की जांच में बीते एक वर्ष के दौरान इस प्रक्रिया से जुड़े कर्मचारियों और अन्य लोगों का विवरण एकत्र किया गया. मंगलवार को एसआईटी राम मंदिर ट्रस्ट के कर्मचारियों, नकदी की गिनती करने वाले कर्मियों, गड्डी बनाने वाले कर्मचारियों और चढ़ावे के प्रबंधन से जुड़े अन्य लोगों से पूछताछ करेगी. जांच टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चढ़ावे के प्रबंधन में कहीं कोई गड़बड़ी या लापरवाही तो नहीं हुई.
संतोष शर्मा