उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के सुरौली गांव के रहने वाले शिवानंद चौरसिया की हाल ही में होर्मुज स्ट्रेट में हुए एक जहाज पर मिसाइल हमले में मौत हो गई. बताया जा रहा है कि शिवानंद जहाज पर काम करते थे और इसी दौरान यह हादसा हुआ. इस घटना को लेकर कांग्रेस नेता अजय कुमार लल्लू ने राहुल गांधी को जानकारी दी. इसके बाद बुधवार को यूथ कांग्रेस के नेता शिवानंद चौरसिया के घर पहुंचे. इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मृतक के भाई राम प्रवेश की फोन पर बात कराई गई.
फोन कॉल के दौरान राहुल गांधी और मृतक के भाई के बीच बातचीत हुई, जिसमें परिवार ने घटना से जुड़ी जानकारी साझा की. राम प्रवेश ने राहुल गांधी को बताया कि उनके भाई जहाज पर काम करते थे और उन पर मिसाइल गिरने से उनकी मौत हो गई. उन्होंने यह भी कहा कि अभी तक उनके भाई का पार्थिव शरीर वापस नहीं आया है. इस पर राहुल गांधी ने पूछा कि क्या बॉडी रिकवर हो गई है या नहीं.
राहुल गांधी ने परिवार से जताई संवेदना और मदद का भरोसा दिया
मृतक के भाई राम प्रवेश ने बताया कि बॉडी अभी तक नहीं मिली है, लेकिन उम्मीद है कि जल्द ही मिल जाएगी और रात तक आने की संभावना है. इसके बाद राहुल गांधी ने परिवार से संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि वह परिवार को पूरा प्यार और समर्थन देना चाहते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि अगर परिवार के लिए किसी भी तरह की मदद की जरूरत हो तो वे बताएं.
राहुल गांधी ने कहा कि वह सरकार तक उनकी बात पहुंचाएंगे और जहां भी पत्र लिखने की जरूरत होगी, वह लिखेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार केंद्र में नहीं है, लेकिन वह इस मामले को आगे जरूर उठाएंगे. इस बातचीत के दौरान मृतक के भाई राम प्रवेश ने परिवार की आर्थिक स्थिति और भविष्य को लेकर चिंता जताई. उन्होंने राहुल गांधी से कहा कि उनकी मांग है कि शिवानंद की पत्नी को नौकरी दी जाए और बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था की जाए.
अभी तक नहीं हुई पार्थिव शरीर की रिकवरी
परिवार ने यह भी मांग की कि आर्थिक सहायता की व्यवस्था की जाए ताकि परिवार का जीवन चल सके. इस पर राहुल गांधी ने कहा कि वो उनकी मांगों को सरकार तक पहुंचाएंगे और जहां भी आवश्यक होगा, पत्राचार करेंगे. यह बातचीत यूथ कांग्रेस के नेताओं की मौजूदगी में कराई गई, जो मृतक के परिवार से मिलने उनके घर पहुंचे थे. शिवानंद चौरसिया की मौत के बाद उनका परिवार गहरे सदमे में है और अब उनकी आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं.
राम प्रताप सिंह