बीजेपी सांसद संघमित्रा और स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी, MP-MLA कोर्ट में नहीं हुए पेश 

एसीजेएम तृतीय MP-MLA अंबरीश कुमार श्रीवास्तव की कोर्ट ने लखनऊ के रहने वाले पत्रकार दीपक कुमार स्वर्णकार और संघमित्रा मौर्या से संबंधित विवादित प्रकरण में तीन बार समन और दो बार जमानती वारंट जारी किया था. मगर, इसके बाद भी जब वह कोर्ट में हाजिर नहीं हुए, तो उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया गया है.

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स्वामी प्रसाद मौर्य और उनकी बेटी संघमित्रा मौर्य. स्वामी प्रसाद मौर्य और उनकी बेटी संघमित्रा मौर्य.

अंकुर चतुर्वेदी

  • लखनऊ,
  • 04 अप्रैल 2024,
  • अपडेटेड 7:31 PM IST

स्वामी प्रसाद मौर्य और बदायूं से मौजूदा भाजपा सांसद उनकी बेटी संघमित्रा मौर्य की मुश्किलें खत्म होती नहीं दिख रही हैं. लखनऊ के MP-MLA कोर्ट ने दोनों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है. एसीजेएम तृतीय MP-MLA अंबरीश कुमार श्रीवास्तव की कोर्ट ने लखनऊ के रहने वाले पत्रकार दीपक कुमार स्वर्णकार और संघमित्रा मौर्या से संबंधित विवादित प्रकरण में तीन बार समन और दो बार जमानती वारंट जारी किया था. 

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मगर, इसके बाद भी जब वह कोर्ट में हाजिर नहीं हुए, तो गुरुवार 4 अप्रैल को आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया गया है. मामले की अगली सुनवाई 16 अप्रैल को होगी. बताते चलें कि दीपक स्वर्णकार ने अपनी शिकायत में दावा किया था कि वह और संघमित्रा साल 2016 से लिव इन रिलेशन में रह रहे थे. 

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संघमित्रा मौर्य और स्वामी प्रसाद ने उसे बताया था कि संघमित्रा का पहले पति से तलाक हो चुका है. उसने 3 जनवरी 2019 को संघमित्रा से उनके घर में शादी की थी. वादी के मुताबिक संघमित्रा ने 2019 के लोकसभा चुनाव में झूठा शपथपत्र देकर खुद को अविवाहित बताया था, जबकि उनका अपने पहले पति से तलाक मई 2021 में हुआ था. वादी के मुताबिक, 'वर्ष 2021 में जब मैंने विधिविधान से विवाह करने के लिए कहा तो स्वामी प्रसाद मौर्य ने मुझ पर कई बार विभिन्न स्थानों पर उक्त आरोपियों से जानलेवा हमले कराए.'

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मंच पर रोने का वीडियो हुआ था वायरल 

बताते चलें कि यूपी की बदायूं लोकसभा सीट से बीजेपी ने इस बार मौजूदा सांसद संघमित्रा मौर्य का टिकट काट दिया है. उनकी जगह दुर्विजय शाक्य को अपना उम्मीदवार बनाया है. दो अप्रैल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 'प्रबुद्ध सम्मेलन' को संबोधित करने पहुंचे. मगर, सीएम योगी के मंच पर आने से पहले संघमित्रा मौर्य का एक वीडियो चर्चा का विषय बन गया है. इसमें मंच पर बैठीं संघमित्रा मौर्य रोती हुई नजर आ रही हैं.

हालांकि, इस बारे में पूछने पर संघमित्रा मौर्य ने कहा कि मंत्री गुलाबो देवी उन्हें राजा दशरथ की कहानी सुना रही थी, वो कहानी काफी भावुक कर देने वाली थी. इसलिए महिला होने के नाते मेरी आंखों में आंसू आ गए. संघमित्रा मौर्य ने टिकट कटने से नाराजगी की बात को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि मैं पूरी ताकत से दुर्विजय शाक्य का चुनाव प्रचार कर रही हूं. कहीं कोई खटपट नहीं है.

भाजपा और सपा छोड़ी, अपनी पार्टी बनाई 

बता दें कि बीजेपी छोड़ने के बाद स्वामी प्रसाद पार्टी पर काफी हमलावर रहे हैं. उन्होंने हिंदू धर्म और ब्राह्मणों को लेकर कई टिप्पणियां की हैं, जिनसे काफी विवाद हुआ. इन सबके बीच अटकलें लगाई जा रही थीं कि इस बार संघमित्रा का बदायूं से टिकट कट सकता है. आखिर में हुआ भी यही.

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अपने बयानों के कारण चर्चा में रहने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य भाजपा को छोड़कर समाजवादी पार्टी में शामिल हुए थे और हाल ही में उन्होंने सपा की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद 22 फरवरी को अपनी राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी का ऐलान कर दिया. 

इंडिया ब्लॉक में बात न बनने के बाद राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने लोकसभा चुनाव में अकेले मैदान में उतरने का फैसला किया है. उन्होंने दो लोकसभा सीट पर अपनी पार्टी के उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है. साथ ही उन्होंने कहा कि वो जल्द ही अन्य लोकसभा सीटों पर भी अपनी पार्टी के प्रत्याशियों के नाम का ऐलान करेंगे.

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