6 महीने बाद भी इंसाफ अधूरा: SIT रिपोर्ट पर क्यों लगा पर्दा? नोएडा मर्डर-गड्ढा मामले में 6 महीने बाद युवराज ने पिता उठाए तीखे सवाल

नोएडा सेक्टर-150 में पानी से भरे गड्ढे में डूबकर सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के छह महीने बाद उनके पिता ने उत्तर प्रदेश सरकार से दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है. उनका आरोप है कि एसआईटी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई और अब तक मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है.

Advertisement
युवराज के पिता ने एसआईटी रिपोर्ट पर उठाए सवाल. (File Photo: ITG) युवराज के पिता ने एसआईटी रिपोर्ट पर उठाए सवाल. (File Photo: ITG)

aajtak.in

  • नोएडा,
  • 14 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 7:08 PM IST

नोएडा सेक्टर-150 में पानी से भरे गड्ढे में डूबकर 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के छह महीने बाद एक बार फिर यह मामला चर्चा में आ गया है. युवराज के पिता राजकुमार मेहता ने उत्तर प्रदेश सरकार से मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. मंगलवार को ब्रिटेन से लौटने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए राजकुमार मेहता ने कहा कि छह महीने बीत जाने के बावजूद मामले में कोई ठोस कार्रवाई होती नजर नहीं आ रही है.

Advertisement

युवराज मेहता की मौत 16 और 17 जनवरी की दरमियानी रात हुई थी. आरोप है कि नोएडा में कार चलाते समय उनका वाहन अनियंत्रित होकर पानी से भरे एक गड्ढे में जा गिरा. इस हादसे में उनकी मौत हो गई थी. इस घटना के बाद मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल यानी एसआईटी का गठन किया गया था.

एसआईटी रिपोर्ट पर उठाए सवाल

राजकुमार मेहता का कहना है कि एसआईटी अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप चुकी है, लेकिन उसे अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि जिन अधिकारियों को इस मामले में निलंबित किया गया था, उन्हें फिर से बहाल कर दिया गया है. साथ ही, जिन बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई हुई थी, वे भी जमानत पर बाहर हैं.

उन्होंने कहा कि उन्हें यह तक नहीं पता कि एसआईटी रिपोर्ट के आधार पर आखिर क्या कार्रवाई की गई है. राजकुमार मेहता ने दावा किया कि हादसे के बाद उनका बेटा करीब डेढ़ घंटे तक पानी में डूबी कार की छत पर बैठा मदद की गुहार लगाता रहा, लेकिन समय रहते बचाव दल मौके पर नहीं पहुंच सका.

Advertisement

उन्होंने आरोप लगाया कि घटनास्थल पर न तो कोई बैरिकेडिंग थी, न चेतावनी देने वाले बोर्ड लगे थे और न ही बचाव कार्य के लिए लाइफ जैकेट जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध थीं. उनका कहना है कि अगर समय पर राहत और बचाव की व्यवस्था होती तो शायद उनके बेटे की जान बचाई जा सकती थी.

राजकुमार मेहता ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी इच्छा यही है कि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े. उन्होंने सरकार से अपील की कि मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी और निर्णायक कार्रवाई की जाए, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.

घटनास्थल पर पहुंचकर भावुक हुए पिता

राजकुमार मेहता ने बताया कि वह हाल ही में उस जगह पर भी गए थे, जहां उनके बेटे की मौत हुई थी. हालांकि, भावनात्मक रूप से टूट जाने के कारण वह वहां ज्यादा देर तक नहीं रुक सके. उन्होंने कहा कि बेटे की यादें आज भी उन्हें अंदर तक झकझोर देती हैं. अब उन्हें सिर्फ इस बात का इंतजार है कि जांच पूरी पारदर्शिता से हो और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए.
 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »