योगी सरकार बदल रही महिलाओं की जिंदगी, तेल मिल से सुधरी आर्थिक स्थिति

यूपी सरकार की मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना ने लखनऊ की वंदना यादव की जिंदगी बदल दी. 5 लाख रुपये की मदद से उन्होंने सरसों तेल की मिल शुरू की, जिससे आज हर महीने 20 से 25 हजार रुपये का मुनाफा कमा रही हैं और दूसरी महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही हैं.

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मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना से बदली लखनऊ के एक महिलओं की किस्मत.(File Photo) मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना से बदली लखनऊ के एक महिलओं की किस्मत.(File Photo)

अंकित मिश्रा

  • लखनऊ,
  • 14 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 5:03 PM IST

उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना कई युवाओं और महिलाओं के लिए नई शुरुआत का जरिया बन रही है. लखनऊ के मोहनलालगंज की रहने वाली वंदना यादव इसकी एक मिसाल हैं. कभी परिवार का खर्च चलाना मुश्किल था, लेकिन सरकार से 5 लाख रुपये की मदद मिलने के बाद उन्होंने सरसों तेल की मिल शुरू की. आज वही कारोबार उन्हें हर महीने 20 से 25 हजार रुपये का मुनाफा दे रहा है.

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वंदना यादव के परिवार की आर्थिक स्थिति पहले अच्छी नहीं थी. उनके पति ड्राइविंग करके घर चलाते थे, लेकिन आमदनी इतनी नहीं थी कि बड़े परिवार की सभी जरूरतें आसानी से पूरी हो सकें. ऐसे में वंदना ने कुछ अलग करने का फैसला किया. जब उन्हें मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना की जानकारी मिली, तो उन्होंने आवेदन किया. मंजूरी मिलने के बाद उन्हें 5 लाख रुपये का लोन और कारोबार शुरू करने के लिए जरूरी मार्गदर्शन मिला.

5 लाख की मदद से खड़ी की सरसों तेल मिल

सरकारी मदद मिलने के बाद वंदना ने साल 2025 में अपने पति के साथ सरसों तेल की मिल शुरू की. यहां शुद्ध सरसों का तेल तैयार किया जाता है. धीरे-धीरे उनके उत्पाद की मांग बढ़ी और अब आसपास के कई गांवों के साथ दूसरे जिलों के बाजारों में भी इसकी सप्लाई होने लगी है. वंदना बताती हैं कि इस कारोबार ने उनके परिवार की आर्थिक तस्वीर पूरी तरह बदल दी है. पहले जहां पैसों की तंगी रहती थी, वहीं अब उन्हें हर महीने 20 से 25 हजार रुपये का मुनाफा हो रहा है.

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वंदना यादव ने 5 लाख रुपये के सरकारी लोन से शुरू की सरसों तेल मिल

वंदना ने सिर्फ अपना कारोबार ही नहीं खड़ा किया, बल्कि अपने पति को भी ड्राइविंग का काम छोड़कर इसी बिजनेस से जोड़ लिया. इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर दूसरे लोगों के लिए भी रोजगार के मौके बने हैं. आज उनका परिवार पूरी तरह इस कारोबार को आगे बढ़ाने में जुटा है.

दूसरी महिलाओं के लिए बनीं मिसाल

ग्रामीण इलाके की एक सामान्य गृहिणी से सफल उद्यमी बनने तक का वंदना यादव का सफर अब दूसरी महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन गया है. उनका कहना है कि सही योजना की जानकारी और मेहनत हो तो कोई भी महिला अपना कारोबार शुरू कर आत्मनिर्भर बन सकती है. यही वजह है कि उनके गांव की कई महिलाएं भी अब स्वरोजगार की ओर कदम बढ़ाने के बारे में सोच रही हैं.
 

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