कानपुर में एनकाउंटर से पहले नाले में पलटी कार... फिर चलीं गोलियां, पुलिस ने गौ-तस्करों को पकड़ा

यूपी के कानपुर में हाइवे पर पुलिस चेकिंग चल रही थी. तभी एक संदिग्ध कार को रुकने का इशारा किया गया. कार रुकी नहीं, भागी... कुछ दूर जाकर नाले में पलट गई. पुलिस का दावा है कि इसके बाद कार सवारों ने फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी. पुलिस का कहना है कि दोनों कथित गौ-तस्करी से जुड़े हैं और उनसे पूछताछ जारी है.

Advertisement
मुठभेड़ के दौरान गौ-तस्कर पकड़े गए. (Photo: ITG) मुठभेड़ के दौरान गौ-तस्कर पकड़े गए. (Photo: ITG)

रंजय सिंह

  • कानपुर,
  • 16 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 9:59 AM IST

कानपुर में देर रात एक फिल्मी सीन जैसा घटनाक्रम देखने को मिला. पुलिस ने हाइवे पर एक संदिग्ध कार को रुकने का इशारा किया, लेकिन कार नहीं रुकी. कुछ दूर भागने के बाद वाहन नाले में जा गिरा. पुलिस का दावा है कि इसके बाद कार में सवार लोगों ने फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.

Advertisement

घटना चौबेपुर थाना क्षेत्र की है. पुलिस के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से इलाके में कथित गौ-तस्करी की सूचना मिल रही थी. इसी बीच मुखबिर से खबर मिली कि दो संदिग्ध हाइवे किनारे किसी वारदात की फिराक में हैं. सूचना के आधार पर पुलिस ने इलाके में चेकिंग शुरू की.

इसी दौरान एक कार वहां से गुजरती दिखाई दी. पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक वाहन लेकर भाग निकला. पीछा करने के दौरान कार अनियंत्रित होकर नाले में गिर गई. पुलिस का आरोप है कि वाहन से उतरते ही दोनों संदिग्धों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी. इसके बाद पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी.

यह भी पढ़ें: भरत तिवारी एनकाउंटर के बाद पुराने केस की गूंज, मुजफ्फरपुर कथित फर्जी मुठभेड़ मामले में कोर्ट की सुनवाई शुरू

Advertisement

घायल आरोपियों की पहचान शाहनवाज (चमनगंज) और मुबीन (कर्नलगंज) के रूप में हुई है. दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस का कहना है कि शुरुआती पूछताछ में दोनों ने कथित गौ-तस्करी से जुड़े होने की बात बताई है.

पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास से दो देसी तमंचे, कथित तौर पर गोवंश काटने में इस्तेमाल होने वाले चाकू और एक कार बरामद की गई है. साथ ही दोनों का आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि दोनों पहले भी जेल जा चुके हैं.

डीसीपी काशिम आब्दी ने बताया कि पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी, जिसके बाद चेकिंग अभियान चलाया गया. संदिग्ध वाहन को रोकने की कोशिश की गई, लेकिन वह भाग निकला पीछा करने के दौरान वाहन नाले में गिर गया और पुलिस पर फायरिंग की गई.

जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपियों को घायल हालत में गिरफ्तार किया गया. मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है. अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों आरोपी किसी बड़े गिरोह का हिस्सा हैं या नहीं. साथ ही उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और नेटवर्क की भी जांच की जा रही है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »