'मैंने अपनी आंखों से 14 शव देखे हैं...', लखनऊ अग्निकांड पर बात करते हुए रो पड़े डिप्टी CM ब्रजेश पाठक

Lucknow fire incident: लखनऊ के कोचिंग इंस्टीट्यूट में लगी आग पर आया उपमुख्यमंत्री का बड़ा बयान. घटना के दर्दनाक मंजर को याद कर फफक पड़े ब्रजेश पाठक, कहा- इस दर्द को शब्दों में बयां करना मुश्किल...

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UP के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का छलका दर्द.(Photo:Screengrab) UP के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का छलका दर्द.(Photo:Screengrab)

aajtak.in

  • लखनऊ,
  • 22 जून 2026,
  • अपडेटेड 6:32 PM IST

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के एक कोचिंग इंस्टीट्यूट में लगी भीषण और दर्दनाक आग की घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. इस भयानक अग्निकांड की त्रासदी और इसमें जान गंवाने वाले मासूमों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक बेहद भावुक हो गए.

मीडिया से बात करने के दौरान इस दर्दनाक घटना का जिक्र आते ही डिप्टी CM खुद को संभाल नहीं पाए और कैमरे के सामने ही फफक-फफक कर रो पड़े. देखें VIDEO:- 

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दम घुटने के कारण नहीं बच पाए मासूम बच्चे
डिप्टी CM ने बताया कि घटना के समय यह एक एनिमेशन सेंटर के रूप में संचालित हो रहा था, जहां गर्मी की छुट्टियों के दौरान 15, 16 और 17 साल के बच्चे कार्टून बनाने और एनिमेशन सीखने के लिए आते थे. 

अचानक आग भड़कने के बाद घटना कैसे घटी? इसकी सटीक जानकारी अभी सामने नहीं आई है, लेकिन आग लगते ही बच्चे जान बचाने के लिए पीछे की तरफ भागे. सेंटर के भीतर लकड़ी का बहुत सारा फर्नीचर मौजूद था. आग लगने के कारण लकड़ी के फर्नीचर से इतना घना और जहरीला धुआं निकला कि बच्चे उसकी चपेट में आ गए और धुएं के गुबार के कारण वे बाहर नहीं निकल पाए.

15 शव बाहर निकाले गए, घायलों को भेजा गया KGMC
हादसे के वक्त सेंटर के भीतर कुल कितने बच्चे मौजूद थे, इसका सटीक आंकड़ा अभी स्पष्ट नहीं हो सका है. लेकिन इस भयानक त्रासदी में अब तक 15 बच्चों के शवों को बाहर निकाला जा चुका है, जिनमें से 14 शवों को प्रत्यक्ष रूप से देखा गया है. इसके अलावा, हादसे में झुलसे और घायल हुए बच्चों को तुरंत इलाज के लिए केजीएमसी (KGMC) ट्रॉमा सेंटर भेजा गया है.

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फर्नीचर के धुएं के बीच NDRF और फायर ब्रिगेड का सर्च ऑपरेशन
आग लगने की सूचना के बाद प्रशासन तुरंत एक्शन में आया. फिलहाल घटना स्थल पर बच्चे मौजूद नहीं हैं, लेकिन अंदर अभी भी गहरा धुआं भरा हुआ है. लकड़ी के फर्नीचर के जलने से फैले इस धुएं के कारण अंदर कुछ भी साफ दिखाई नहीं दे रहा है.

इसके बावजूद, फायर ब्रिगेड और NDRF के जवान मुस्तैदी से मौके पर डटे हुए हैं. राहतकर्मी मलबे और सामान को एक-एक करके हटा रहे हैं और सेंटर के एक-एक कमरे को खंगालकर सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं ताकि स्थिति पूरी तरह साफ हो सके.

प्रमुख सचिव गृह और DGP मौके पर 
डिप्टी CM पाठक ने बताया कि इस बेहद गंभीर दुर्घटना के बाद सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं. घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रमुख सचिव गृह और DGP को तुरंत मौके पर बुलाया गया. शासन की ओर से इस पूरी घटना की उच्च स्तरीय जांच के सख्त निर्देश जारी कर दिए गए हैं.

अधिकारियों को साफ निर्देश दिया गया है कि घटना के कारणों की गहराई से जांच की जाए कि यह हादसा कैसे हुआ और भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न घटे, इसे सुनिश्चित करते हुए जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए.

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ में अपने सभी तय कार्यक्रम रद्द करके घटनास्थल पर पहुंच रहे हैं. हमारी प्राथमिकता घायलों को बेहतर से बेहतर इलाज मुहैया कराना है. घटना कैसे और क्यों हुई, इसका पता जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा.

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