रामनगरी के चर्चित चढ़ावा चोरी मामले की जांच में रोजाना नई-नई बातें सामने आ रही है. पुलिस अब बैंक खातों में जमा पैसे, मोबाइल चैट, डिलीट किए गए डेटा, संपत्ति खरीद और आरोपियों के आपसी संबंधों की हर कड़ी जोड़ने में जुट गई है. जांच अधिकारियों का मानना है कि पूरे नेटवर्क का खुलासा बहुत जल्द होगा.
रविवार को अयोध्या जिला जेल की हाई सिक्योरिटी सेल में बंद पांचों आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ की गई. सभी को अलग-अलग बैरकों में रखा गया ताकि वे एक-दूसरे से संपर्क न कर सकें. जेल के इंटरोगेशन रूम में पुलिस ने प्रत्येक आरोपी के लिए अलग प्रश्नावली तैयार की और उनके बयानों का मिलान अन्य साक्ष्यों से शुरू कर दिया.
छह महीने में 10 लाख रुपये की एंट्री
जांच के दौरान सबसे बड़ा सवाल उस रकम को लेकर उठा है, जो लवकुश मिश्रा की पत्नी सुप्रिया मिश्रा के बैंक खाते में पिछले छह महीनों के भीतर जमा हुई. पुलिस को बैंक रिकॉर्ड में 10 लाख रुपये से अधिक की रकम जमा होने की जानकारी मिली है. अब यह पता लगाया जा रहा है कि यह पैसा किस स्रोत से आया और इसका कथित चढ़ावा चोरी से कोई संबंध है या नहीं. पुलिस सुहावल क्षेत्र में खरीदी गई संपत्ति, जेवरात और अन्य निवेश की भी पड़ताल कर रही है. अधिकारियों का प्रयास है कि बैंक खातों और संपत्ति खरीद के दस्तावेजों का मिलान कर पैसों की पूरी श्रृंखला समझी जा सके.
मनीष यादव से तीन लाख रुपये की बरामदगी पर पूछे गए अहम सवाल
पूछताछ के दौरान मनीष यादव से बरामद तीन लाख रुपये को लेकर विस्तार से सवाल किए गए. पुलिस यह जानने में जुटी है कि यह रकम कहां से आई, रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू से उसका क्या संबंध था और क्या कथित चोरी की जानकारी पहले से साझा की गई थी. रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू से पुलिस ने पूछा कि मनीष यादव की नियुक्ति कैसे हुई, गणना कक्ष में काम करने वाले कर्मचारियों से उसकी पहचान कितनी पुरानी थी और गणना ड्यूटी के बाद कर्मचारियों की तलाशी क्यों नहीं ली जाती थी. जांच टीम यह भी पता लगा रही है कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत तो नहीं थी. अनुकल्प मिश्रा से कैश वाउचर बनाने, कथित रकम को छिपाने के तरीकों और लवकुश मिश्रा के साथ उसकी भूमिका को लेकर सवाल किए गए. वहीं करुणेश पांडे से ट्रस्ट में नौकरी मिलने की प्रक्रिया और कथित गतिविधियों के संबंध में जानकारी जुटाई गई.
मोबाइल से रिकवर हुआ एक साल पुराना डिलीट डेटा
पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन का बैकअप हासिल कर लिया है. इसके अलावा करीब एक वर्ष पहले डिलीट किया गया डेटा भी रिकवर कर लिया गया है. नए खरीदे गए मोबाइल फोन का डेटा भी जांच टीम ने सुरक्षित निकाल लिया है. सूत्रों के मुताबिक मोबाइल चैट में दो करोड़ रुपये से अधिक की कथित रकम का उल्लेख मिला है. पुलिस अब इन चैट का बैंक ट्रांजैक्शन और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड से मिलान कर रही है ताकि तथ्यों की पुष्टि की जा सके. रिकवर हुई चैट में फरवरी 2026 के दौरान अनुकल्प मिश्रा और लवकुश मिश्रा के बीच कथित तौर पर हिस्सेदारी को लेकर विवाद का जिक्र मिला है. चैट में कम हिस्सा मिलने की शिकायत और अधिक रकम रखने के आरोप भी सामने आए हैं. पुलिस इन चैट की सत्यता की तकनीकी जांच कर रही है. जांच टीम अब बैंक खातों के लेनदेन, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल चैट, कॉल डिटेल और बरामद नकदी का आपस में मिलान कर रही है. अधिकारियों का मानना है कि इन साक्ष्यों से पूरे घटनाक्रम की समय-रेखा स्पष्ट हो सकेगी.
जल्द मांगी जा सकती है पुलिस कस्टडी रिमांड
सूत्रों के अनुसार पूछताछ में मिले तथ्यों के आधार पर पुलिस जल्द ही आरोपियों की कस्टडी रिमांड के लिए अदालत का रुख कर सकती है. रिमांड मिलने के बाद आमने-सामने पूछताछ और अन्य बरामदगी की कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी. फिलहाल पुलिस पूरे मामले के हर पहलू की जांच कर रही है.
ट्रस्ट की आज होने वाली बैठक पर सबकी नजर
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के बीच सोमवार को होने वाली श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक पर देशभर की नजरें टिकी हैं. बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर अंतिम फैसला हो सकता है. एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट, वित्तीय दस्तावेज, नई प्रशासनिक व्यवस्था और सीईओ की नियुक्ति जैसे अहम मुद्दों पर भी चर्चा होगी.
बैठक के प्रमुख एजेंडे में- चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर फैसला, राम मंदिर चढ़ावा कथित चोरी मामले में SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट पर चर्चा, श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को लेकर भविष्य की व्यवस्थाओं पर चर्चा, वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्यय और लेखा-जोखा की समीक्षा, अन्य प्रशासनिक और संगठनात्मक फैसले शामिल हैं. ट्रस्ट के महासचिव चंपय राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर फैसला सबसे बड़ा मुद्दा हो सकता है. सूत्रों के मुताबिक बैठक में ट्रस्ट के सदस्य SIT रिपोर्ट के प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा करेंगे और आगे की कार्रवाई पर विचार कर सकते हैं.
संतोष शर्मा