जॉब पोर्टल से खरीदते थे बेरोजगारों का डेटा, फिर नौकरी का झांसा देकर करते थे ठगी... गाजियाबाद से 20 आरोपी गिरफ्तार

गाजियाबाद पुलिस ने नौकरी दिलाने के नाम पर साइबर ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है. राजेंद्र नगर स्थित फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी कर 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. आरोप है कि गिरोह जॉब पोर्टलों से बेरोजगारों का डेटा खरीदकर उनसे रजिस्ट्रेशन और इंटरव्यू फीस के नाम पर ठगी करता था.

Advertisement
NCRP पर दर्ज थीं 24 शिकायतें.(Photo: Mayank Gaur/ITG) NCRP पर दर्ज थीं 24 शिकायतें.(Photo: Mayank Gaur/ITG)

मयंक गौड़

  • गाजियाबाद,
  • 15 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 10:46 PM IST

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में नौकरी दिलाने के नाम पर साइबर ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का खुलासा हुआ है. पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद की स्वाट टीम, क्राइम ब्रांच और साहिबाबाद थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में राजेंद्र नगर स्थित दुर्गा इंडस्ट्रियल एरिया में चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी की गई. इस कार्रवाई में 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.

Advertisement

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने बेरोजगार युवक-युवतियों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे रजिस्ट्रेशन, प्रोसेसिंग फीस, इंटरव्यू और अन्य शुल्क के नाम पर बड़ी रकम वसूली. गिरोह कथित तौर पर जॉब पोर्टलों से लोगों का डेटा खरीदकर उन्हें फोन करता था और आकर्षक नौकरी का लालच देकर अपने जाल में फंसाता था.

यह भी पढ़ें: 'समय पर मदद मिलती तो बेटा जिंदा होता' गाजियाबाद में पिंक बूथ के बाहर राजकुमार की मौत पर बिलख पड़ा परिवार

छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 12 लैपटॉप, 37 मोबाइल फोन, 47 सिम कार्ड, डेबिट और क्रेडिट कार्ड, बैंकिंग दस्तावेज, फर्जी पहचान पत्र, पेन ड्राइव, प्रिंटर और एक ऑडी कार समेत साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाला भारी मात्रा में सामान बरामद किया है.

मखाना कारोबार की आड़ में चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर

Advertisement

पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह का मुख्य आरोपी अभिषेक जैन 'जैनसन इंटरनेशनल' के नाम से मखाना कारोबार की आड़ में इस फर्जी कॉल सेंटर का संचालन कर रहा था. आरोप है कि उसकी पत्नी हिना पंवार, रिश्तेदारों और अन्य साथियों की मदद से पूरे नेटवर्क को संचालित किया जा रहा था.

पुलिस के मुताबिक, हिना पंवार, पीयूष जैन और आंचल जैन कॉल सेंटर के संचालन में सक्रिय भूमिका निभाते थे. वहीं सलीम नाम का आरोपी फर्जी पहचान पत्रों के आधार पर की-पैड मोबाइल और सिम कार्ड उपलब्ध कराता था, जिनका इस्तेमाल कथित साइबर ठगी में किया जाता था.

कॉल सेंटर में काम करने वाले अन्य युवक और युवतियां बेरोजगारों को फोन कर नौकरी का झांसा देती थीं. इसके बाद उनसे रजिस्ट्रेशन, प्रोसेसिंग फीस और इंटरव्यू चार्ज के नाम पर पैसे वसूले जाते थे. पुलिस ने इस मामले में 3 पुरुष और 17 महिलाओं समेत कुल 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

NCRP पर दर्ज थीं 24 शिकायतें, नेटवर्क की जांच जारी

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि इस फर्जी कॉल सेंटर के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर अब तक 24 शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं. इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि गिरोह लंबे समय से इस तरह की कथित ठगी में शामिल था.

Advertisement

अब पुलिस आरोपियों के बैंक खातों, वित्तीय लेनदेन, डिजिटल रिकॉर्ड और पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है. यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे तथा ठगी की रकम किन-किन खातों में भेजी जाती थी.

पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है. अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान जो भी नए तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. साथ ही लोगों से अपील की गई है कि नौकरी के नाम पर किसी भी अनजान व्यक्ति या संस्था को पैसे देने से पहले उसकी पूरी जांच जरूर करें.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »