गाजियाबाद के मधुबन बापूधाम थाना क्षेत्र के संजयनगर सेक्टर-23 में 12 जुलाई की दोपहर सीवान निवासी 22 वर्षीय राजकुमार की पिंक बूथ के बाहर तड़पकर मौत हो गई. ऑटो चालक राजकुमार का एक सवारी से विवाद हुआ था, जिसकी शिकायत करने वह पास के पिंक बूथ पर पहुंचा था. वहां मौजूद महिला पुलिसकर्मियों ने उसकी बात नहीं सुनी और दरवाजा बंद कर लिया. इस बात पर हताशा में राजकुमार ने बूथ के शीशे वाले दरवाजे पर हाथ मारा, जिससे हाथ कट गया और अत्यधिक रक्तस्राव व समय पर इलाज न मिलने के कारण उसने दम तोड़ दिया.
शिकायत सुनने के बजाय बंद कर लिया दरवाजा
मृतक के पड़ोसी और दोस्त रितेश के अनुसार, राजकुमार गाजियाबाद में ऑटो चलाकर अपने परिवार का पेट पालता था. सवारी से हुए विवाद के बाद वह न्याय की आस में पिंक बूथ पहुंचा था. उसे यह मालूम नहीं था कि यह बूथ केवल महिला पुलिसकर्मियों के लिए है. रितेश का आरोप है कि वहां मौजूद महिला पुलिसकर्मियों ने उसकी फरियाद सुनने के बजाय बूथ का दरवाजा बंद कर लिया.
टूटे शीशे ने ली जान, सड़क पर तड़पता रहा युवक
दरवाजा बंद होने से परेशान होकर राजकुमार ने पहले दीवार और फिर बूथ के शीशे वाले दरवाजे पर अपना हाथ दे मारा. इससे शीशा टूट गया और उसके हाथ में गहरा कट लग गया. परिजनों का आरोप है कि हाथ से लगातार खून बहने के बावजूद वह काफी देर तक सड़क पर तड़पता रहा, लेकिन पुलिस ने उसे तत्काल अस्पताल नहीं पहुंचाया.
गर्भवती पत्नी और बूढ़ी मां का रो-रोकर बुरा हाल
राजकुमार की शादी करीब एक साल पहले ही हुई थी और उसकी पत्नी गर्भवती है. मृतक की मां ने बिलखते हुए आरोप लगाया कि उनके बेटे की मौत पुलिस की घोर लापरवाही का नतीजा है. परिजनों को घटना की सूचना भी काफी देर से मिली. पीड़ित परिवार ने अब पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
मयंक गौड़