मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रावस्ती में ₹396 करोड़ से अधिक लागत की 83 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया. उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है, जिससे प्रदेश में बेटी और व्यापारी दोनों सुरक्षित हैं. उन्होंने बलरामपुर में पकड़े गए छांगुर पर हुई बुलडोजर कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि अपराधियों के लिए अब केवल जेल या जहन्नुम ही दो जगह बची हैं. सीएम योगी ने निष्पक्ष भर्तियों का जिक्र करते हुए बताया कि यूपी में बिना किसी सिफारिश और वसूली के 9 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है.
नौकरियों में सैफई सिंडिकेट और पर्ची-खर्ची का अंत
सीएम योगी ने पिछली सरकारों पर हमला बोलते हुए कहा कि 2017 से पहले भर्तियों के नाम पर चाचा-भतीजे की जोड़ी वसूली पर निकल पड़ती थी. सैफई सिंडिकेट का कब्जा होता था, जहां पर्ची और खर्ची पर नौकरियां मिलती थीं.
उन्होंने कहा कि पहले बबुआ 12 बजे सोकर उठते थे, चच्चू के समझाने पर कुछ समझ नहीं आता था और जिम के बाद महफिल जमते ही योजनाओं का बंटाधार हो जाता था. आज पारदर्शी व्यवस्था के चलते श्रावस्ती के युवाओं को भी सीधे नियुक्ति पत्र मिल रहे हैं.
छांगुर पर निशाना वहीं, धर्मांतरण रैकेट चलाने के आरोप में गिरफ्तार छांगुर को लेकर सीएम योगी ने कहा कि 'छांगुर को हम लोगों ने यहीं बलरामपुर में पकड़ा था. कैसे बेवकूफ बनाता था, छद्म वेश में कालनेमि के रूप में रहता था. उसे पकड़ करके जेल के अंदर ठूंसा है. उसको, उसके द्वारा जो अनैतिक और अवैध कार्य किए जा रहे थे, सब पर बुलडोजर चला करके स्वाहा कर दिया है.
अब छांगुर और उसके गुर्गे धराशायी हो चुके हैं. हमने कहा था कि बेटी और व्यापारी की सुरक्षा में जो सेंध लगाएगा तो उसके लिए दो ही जगह होगी. जेल या जहन्नुम.
वन्य जीवों के खतरे और बचाव पर सीएम की अपील
इससे पहले बहराइच में बरसात के मौसम को देखते हुए मुख्यमंत्री ने कतर्निया और आसपास के क्षेत्रों में मगरमच्छ, तेंदुए और बाघ जैसे वन्य जीवों से सतर्क रहने की अपील की. उन्होंने प्रशासन को गश्त बढ़ाने और जिन गरीब परिवारों के घरों में दरवाजे नहीं हैं, उन्हें मकान बनाकर देने के निर्देश दिए. उन्होंने लोगों को रात में सतर्क रहने, संवेदनशील क्षेत्रों में बच्चों को न भेजने और बाहर निकलते समय मजबूत डंडा साथ रखने की सलाह दी ताकि जैव विविधता को नुकसान पहुंचाए बिना इंसानी जान बचाई जा सके.
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