उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में अतिक्रमण हटाने पहुंची पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम पर हमला होने का मामला सामने आया है. आरोप है कि कार्रवाई का विरोध कर रहे एक दंपती ने पुलिसकर्मियों और राजस्व कर्मियों के साथ हाथापाई की. इस दौरान दारोगा को जमीन पर पटक दिया गया और उसकी वर्दी भी फाड़ दी गई. महिला लेखपाल के साथ अभद्रता और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. वीडियो में दिखाई दे रहा है कि पुलिस एक शख्स को जबरन गाड़ी में बैठाने का प्रयास कर रही है.
वहीं युवक और उसकी पत्नी इसका विरोध कर रहे हैं. धक्का मुक्की और खींचतान के दौरान दारोगा की वर्दी फट जाती है और वह नीचे गिर जाता है. इसके बाद दारोगा उठता है और गाली देते हुए महिला पर जमकर मुक्के मारता और धमकी देता है. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है.
पुलिस के अनुसार, गिरवां थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने एसडीएम से शिकायत की थी कि सरकारी चक रोड पर कुछ लोगों ने अवैध अतिक्रमण कर रखा है. शिकायत के बाद एसडीएम के निर्देश पर राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम बनाई गई. हल्का लेखपाल, हल्का दरोगा और पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और चक रोड से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की.
पुलिस का कहना है कि कार्रवाई शुरू होते ही रामरतन और उसकी पत्नी ने विरोध शुरू कर दिया. आरोप है कि दोनों ने सरकारी टीम के साथ गाली-गलौज की और महिला लेखपाल के साथ अभद्र व्यवहार किया. स्थिति बिगड़ती देख मौके पर मौजूद उपनिरीक्षक ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए रामरतन को निरोधात्मक कार्रवाई के तहत थाने ले जाने का प्रयास किया.
महिला लेखपाल की शिकायत पर दर्ज हुआ मुकदमा
पुलिस के मुताबिक, पति को हिरासत में लेने की कोशिश होते ही महिला आक्रामक हो गई. आरोप है कि उसने पीछे से उपनिरीक्षक को पकड़कर जमीन पर गिरा दिया. इस दौरान दंपती ने मिलकर दरोगा के साथ मारपीट की और उसकी वर्दी भी फाड़ दी. घटना के दौरान वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरा घटनाक्रम मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया. बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. पुलिस के अनुसार घटना 8 जुलाई 2026 की है, जबकि वीडियो अब सोशल मीडिया पर सामने आया है.
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया. महिला लेखपाल की तहरीर के आधार पर आरोपी दंपती के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस ने रामरतन के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई भी सुनिश्चित की है. साथ ही अन्य आरोपों की जांच जारी है. दूसरी ओर आरोपी दंपती ने पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई करने का आरोप लगाया है.
महिला का कहना है कि टीम ने विपक्षी पक्ष के कहने पर कार्रवाई की. उनका आरोप है कि पुलिस उनके पति को जबरन अपने साथ ले जा रही थी. महिला ने यह भी दावा किया कि उनके साथ भी मारपीट की गई. दंपती ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है. इस पूरे मामले की जांच पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने डिप्टी एसपी को सौंप दी है.
डिप्टी एसपी सौरभ सिंह ने बताया कि सरकारी चक रोड पर अतिक्रमण की शिकायत मिलने के बाद संयुक्त टीम मौके पर पहुंची थी. कार्रवाई के दौरान रामरतन और उसकी पत्नी ने विरोध किया. महिला लेखपाल के साथ अभद्र व्यवहार किया गया और जान से मारने की धमकी भी दी गई.
दंपती ने पुलिस पर लगाए पक्षपात के आरोप
उन्होंने बताया कि जब उपनिरीक्षक ने रामरतन को निरोधात्मक कार्रवाई के लिए थाने ले जाने का प्रयास किया, तब महिला ने पीछे से पकड़कर उन्हें जमीन पर गिरा दिया और वर्दी फाड़ दी. डिप्टी एसपी के अनुसार, महिला लेखपाल की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. साथ ही मामले के अन्य पहलुओं की भी विस्तृत जांच की जा रही है.
सिद्धार्थ गुप्ता