गाजियाबाद के मधुबन बापूधाम थाना क्षेत्र के संजय नगर सेक्टर-23 स्थित पुलिस पिंक बूथ के बाहर बिहार के सीवान निवासी 22 वर्षीय राजकुमार की अत्यधिक खून बहने से मौत हो गई. ऑटो चालक से किराए के विवाद के बाद जान बचाने के लिए युवक बंद पिंक बूथ की तरफ भागा था. वहां अंदर मौजूद पुलिसकर्मियों को बुलाने के लिए उसने कांच का दरवाजा खटखटाया, जिससे शीशा टूट गया और उसका हाथ गंभीर रूप से कट गया. घायल अवस्था में तड़पते हुए युवक को अस्पताल पहुंचाने में पुलिस द्वारा कथित देरी करने से उसने दम तोड़ दिया.
कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद
मृतक राजकुमार बिहार के सीवान का रहने वाला था. उसका एक ऑटो चालक से किराए को लेकर विवाद हुआ था. खुद को बचाने के मकसद से वह पास के पिंक बूथ की ओर भागा. बूथ बंद होने के कारण उसने अंदर मौजूद पुलिसकर्मियों का ध्यान खींचने के लिए कांच का दरवाजा खटखटाया. इस दौरान शीशा टूट गया और कांच लगने से राजकुमार का हाथ बुरी तरह कट गया, जिससे तेजी से खून बहने लगा.
मदद के लिए तड़पता रहा युवक
परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि घायल राजकुमार करीब 40 मिनट तक लहूलुहान हालत में सड़क पर पड़ा रहा. वह लगातार मदद की गुहार लगाता रहा, लेकिन उसे समय पर चिकित्सीय सहायता नहीं मिली. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में भी युवक अचेत और लहूलुहान हालत में सड़क पर पड़ा दिख रहा है. बाद में पुलिस ने उसे एम्बुलेंस से अस्पताल भेजा, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल
इस दर्दनाक घटना ने पुलिस की आपातकालीन सहायता प्रणाली और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस के अनुसार प्राथमिक जानकारी में युवक के शराब पीने की बात सामने आई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है. इस घटना के बाद इलाके के लोगों में भारी आक्रोश है और वे समय पर मदद न मिलने को लेकर नाराज हैं.
पुलिस का शर्मनाक और अजीबो गरीब बयान
वहीं इस मामले में गाजियाबद पुलिस का शर्मनाक और अजीबो गरीब बयान सामने आया है. अधिकारियों का कहना है कि ऑटो चालक और सवारी दोनों नशे में थे. पैसों का विवाद हुआ तो पुलिस के पिंक बूथ पर पहुंचे थे. इस दौरान ऑटो सवार ने पिंक बूथ पर हाथ मारा, जिससे उसका हाथ कट गया और उसकी मौत हो गई.
ऐसे में सवाल यह है कि नशे की हालत में ही सही मामला सुलझाने पुलिस के पास ही गए थे, तो पुलिस ने क्या किया? पुलिस ने क्या दोनों को हिरासत में लेकर मेडिकल के लिए भेजा? हाथ कट गया तो पुलिस कहां थी? पुलिस अस्पताल क्यों नहीं ले गई? पिंक बूथ पर तैनात पुलिसकर्मी कहां थे? घंटों तड़प तड़प कर एक शख्स ने दम तोड़ा तो पुलिस ने क्या किया?
जांच के आदेश और कार्रवाई की मांग
डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने बताया कि मामले की पूरी जांच के लिए एक टीम का गठन किया गया है. पुलिस की प्रतिक्रिया, मौके पर पहुंचे समय और वायरल वीडियो के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच हो रही है. पीड़ित परिवार ने पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग की है.
मयंक गौड़ / अरविंद ओझा