क्या पहाड़ों में रहना वाकई सस्ता होता है? यह सवाल अक्सर उन लोगों के मन में आता है, जो WFH (वर्क फ्रॉम होम) की वजह से बड़े शहरों को छोड़कर शांत जगहों पर बसने का सपना देखते हैं. हाल ही में एक कॉर्पोरेट कर्मचारी ने मनाली में अपने मंथली एक्सपेंसेज का खुलासा किया, जिसके बाद इंटरनेट पर चर्चा छिड़ गई.
इंस्टाग्राम यूजर अजय शर्मा ने एक वीडियो में बताया कि वह रिमोट जॉब करते हैं और मनाली में अकेले रहते हैं. उन्होंने वीडियो की शुरुआत इस सवाल से की कि एक कॉर्पोरेट रिमोट कर्मचारी को पहाड़ों में अकेले रहने के लिए हर महीने कितना खर्च करना पड़ता है.
किराए में ही वाई-फाई और बिजली
अजय ने बताया कि वह मनाली में 1BHK फ्लैट में रहते हैं, जिसका किराया 14,000 रुपये प्रति माह है. इस किराए में वाई-फाई और बिजली का खर्च भी शामिल है. उन्होंने कहा कि घर से काम करने के लिए अच्छी इंटरनेट सुविधा जरूरी होती है, इसलिए यह व्यवस्था उनके लिए काफी सुविधाजनक है.
खाने पर कितना खर्च?
अजय फिटनेस को लेकर काफी सजग हैं और ज्यादातर खाना घर पर ही बनाते हैं. उन्होंने बताया कि किराने के सामान पर उनका मासिक खर्च करीब 3,500 रुपये आता है.हालांकि, कभी-कभी जब खाना बनाने का मन नहीं होता, तो वह बाहर से खाना भी ऑर्डर कर लेते हैं. इस पर उनका लगभग 500 रुपये प्रति सप्ताह खर्च होता है.
जिम और ट्रांसपोर्ट का खर्च
अजय ने बताया कि उन्होंने डिस्काउंट के साथ जिम की सदस्यता ली हुई है, जिस पर हर महीने 1,500 रुपये खर्च होते हैं.वहीं, आने-जाने के लिए वह ज्यादातर पैदल चलना पसंद करते हैं. इससे उनका डेली स्टेप काउंट भी पूरा हो जाता है और ट्रांसपोर्ट पर लगभग कोई खर्च नहीं होता.
देखें वीडियो
कुल कितना आता है खर्च?
सभी खर्चों को जोड़ने के बाद अजय ने बताया कि मनाली में उनका कुल मासिक खर्च लगभग 21,000 रुपये बैठता है. इस आंकड़े ने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच लिया.
सोशल मीडिया पर क्या बोले लोग?
वीडियो वायरल होने के बाद कई लोगों ने इसकी तुलना गुरुग्राम, बेंगलुरु और दिल्ली जैसे बड़े शहरों से की.एक यूजर ने लिखा, "गुरुग्राम की जिंदगी से तो यह काफी सस्ता है."वहीं, एक अन्य यूजर ने सवाल किया, "क्या पहाड़ों और शांत इलाकों में नौकरी मिलना आसान है? ऐसा सिर्फ आईटी सेक्टर के लोगों या वर्क फ्रॉम होम करने वालों के लिए ही संभव है."
एक अन्य यूजर ने लिखा, "सरकार अपना ज्यादातर इंफ्रास्ट्रक्चर कुछ चुनिंदा शहरों तक सीमित कर देती है. ये शहर भीड़, प्रदूषण और महंगे किराए की समस्या से जूझते हैं. ऐसे में छोटे शहरों में भी रोजगार के अवसर बढ़ाए जाने चाहिए."दूसरे यूजर ने कहा, "असली लग्जरी महंगी चीजों में नहीं, बल्कि ऐसी शांत जिंदगी में है."वहीं, एक अन्य यूजर ने लिखा, "आप मेरी ड्रीम लाइफ जी रहे हैं."
हालांकि, कुछ लोगों को मनाली का किराया अपेक्षा से ज्यादा लगा. एक यूजर ने लिखा, "14 हजार रुपये में 1BHK तो कई मेट्रो शहरों में भी मिल जाता है."
एक अन्य व्यक्ति ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि धर्मशाला में उन्हें सिर्फ 4,000 रुपये महीने में वाई-फाई और शानदार पहाड़ी नजारों वाला कमरा मिल जाता है.
वर्क फ्रॉम होम के दौर में यह वीडियो दिखाता है कि लोग अब सिर्फ सैलरी नहीं, बल्कि जीवन की गुणवत्ता को भी प्राथमिकता देने लगे हैं. यही वजह है कि पहाड़ों में बसने का सपना पहले से कहीं ज्यादा लोकप्रिय होता जा रहा है.
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