8 दिन की छुट्टी मांगी तो मैनेजर ने कहा- 'खूब घूमो-फिरो', भारतीय महिला ने बताया न्यूजीलैंड का वर्क कल्चर

न्यूजीलैंड में काम कर रही एक भारतीय महिला ने वहां के वर्क कल्चर का अनुभव सोशल मीडिया पर साझा किया. महिला ने बताया कि जब उसने अपनी बहन के साथ घूमने के लिए 8 दिन की छुट्टी मांगी तो मैनेजर ने बिना किसी परेशानी के छुट्टी मंजूर कर दी और कहा कि जाओ मजे करो.

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निष्ठा का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों ने इस पर जमकर प्रतिक्रिया दी. ( Photo: ITG) निष्ठा का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों ने इस पर जमकर प्रतिक्रिया दी. ( Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 23 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 10:37 AM IST

नौकरी करने वाले लोगों के लिए छुट्टी लेना कई बार किसी मुश्किल काम से कम नहीं होता. खासकर भारत में लंबे समय की छुट्टी मांगने से पहले कर्मचारी कई बार सोचते हैं कि बॉस क्या कहेंगे, छुट्टी मंजूर होगी या नहीं और काम का क्या होगा. लेकिन न्यूजीलैंड में रहने वाली एक भारतीय महिला का अनुभव बिल्कुल अलग रहा. उसने सोशल मीडिया पर बताया कि जब उसने अपने मैनेजर से 8 दिन की छुट्टी मांगी तो उसे किसी तरह के सवाल-जवाब या परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा.

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बल्कि मैनेजर ने खुशी से छुट्टी मंजूर कर दी और कहा कि अपनी यात्रा का आनंद लो. यह अनुभव सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है. महिला ने न्यूजीलैंड और भारत के वर्क कल्चर के बीच अंतर को लेकर अपना अनुभव लोगों के साथ साझा किया. 

बहन के साथ घूमने के लिए चाहिए थी 8 दिन की छुट्टी
महिला का नाम निष्ठा चौधरी है. वह न्यूजीलैंड में रहती और काम करती हैं. उन्होंने बताया कि वह अपनी बहन के साथ 8 दिन की यात्रा पर जाने वाली थीं. इसके लिए उन्होंने अपने मैनेजर से छुट्टी मांगी. निष्ठा के मुताबिक, जब उन्होंने मैनेजर को बताया कि उन्हें 8 दिन की छुट्टी चाहिए, तो मैनेजर ने पहले उनसे पूछा कि वे कहां जा रही हैं. यात्रा के बारे में जानने के बाद मैनेजर का जवाब बेहद सामान्य और सकारात्मक था. उन्होंने खुशी जताई और कहा कि यात्रा का आनंद लेना. निष्ठा को सबसे ज्यादा हैरानी इस बात की हुई कि उनकी छुट्टी को लेकर कोई लंबी पूछताछ नहीं हुई. न ही उनसे यह कहा गया कि इतने दिन की छुट्टी क्यों चाहिए या काम का क्या होगा.

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बहन को भी मिला ऐसा ही जवाब
निष्ठा ने बताया कि उनकी बहन ने भी अपनी नौकरी में छुट्टी मांगी थी. वहां भी उन्हें लगभग ऐसा ही अनुभव हुआ. उनकी बहन के मैनेजर ने भी आराम से छुट्टी के लिए हामी भर दी. मैनेजर का कहना था कि उस समय वैसे भी काम ज्यादा नहीं था, इसलिए वह आराम से यात्रा पर जा सकती हैं. दोनों बहनों को अपने मैनेजरों से इतनी आसानी से छुट्टी मिलने का अनुभव काफी अलग लगा. जब निष्ठा ने भारत में रहने वाले अपने परिवार और रिश्तेदारों को इस बारे में बताया तो वे काफी हैरान रह गए. उनके रिश्तेदारों को यह जानकर आश्चर्य हुआ कि 8 दिन की छुट्टी इतनी आसानी से मंजूर हो गई. निष्ठा ने बताया कि उनके परिवार के एक सदस्य ने हाल ही में एक बड़ी कंपनी में नौकरी शुरू की है. उसने कहा कि उसे अभी तक एक दिन की भी छुट्टी नहीं मिली है और कई बार सप्ताहांत में भी काम करना पड़ता है.

यही बात निष्ठा के अनुभव को लोगों के लिए खास बनाती है. छुट्टी लेना केवल आराम करने का मौका नहीं है, बल्कि यह भी दिखाता है कि कंपनी अपने कर्मचारियों की निजी जिंदगी को कितना महत्व देती है. निष्ठा ने बताया कि न्यूजीलैंड में जब भी उन्हें छुट्टी की जरूरत पड़ी, आमतौर पर उनका अनुरोध आसानी से मंजूर हो गया. चाहे वे बीमार हों, किसी ग्रेजुएशन समारोह में जाना हो या किसी दोस्त की बर्थडे पार्टी में शामिल होना हो, उनके मैनेजर ने उनकी जरूरत को समझा. उनका कहना है कि उनके ऑफिस में लोगों को यह समझा जाता है कि काम के अलावा कर्मचारियों की अपनी निजी जिंदगी भी होती है. हर इंसान को परिवार, दोस्तों, सेहत और अपनी खुशियों के लिए समय चाहिए. निष्ठा का अनुभव यही दिखाता है कि अच्छा वर्क कल्चर केवल बड़ी सैलरी या शानदार ऑफिस से नहीं बनता. कर्मचारियों को सम्मान देना और उनकी निजी जरूरतों को समझना भी उतना ही जरूरी है. 

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सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
निष्ठा का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों ने इस पर जमकर प्रतिक्रिया दी. कई यूजर्स ने न्यूजीलैंड के वर्क कल्चर की तारीफ करते हुए कहा कि असली वर्क-लाइफ बैलेंस यही होता है. कुछ लोगों ने भारत में अपने अनुभव भी साझा किए. एक यूजर ने मजाकिया अंदाज में लिखा कि भारत में छुट्टी मांगना कई बार इंटरव्यू देने जैसा महसूस होता है. वहीं दूसरे लोगों ने कहा कि हर कार्यस्थल पर कर्मचारियों की निजी जिंदगी और मानसिक शांति को महत्व मिलना चाहिए. हालांकि, यह अनुभव एक व्यक्ति के अपने कार्यस्थल का है और हर कंपनी या देश में सभी कर्मचारियों का अनुभव एक जैसा नहीं होता. फिर भी इस वीडियो ने वर्क-लाइफ बैलेंस और कर्मचारियों को मिलने वाली छुट्टियों को लेकर एक बड़ी चर्चा जरूर शुरू कर दी है. 

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