जिस दोस्त को किया रेफर, वो इंटरव्यू में हुआ फेल... अब कंपनी बोली- तुम भी दोबारा टेस्ट दो

एक टेक्नीशियन का दावा सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें उसने बताया कि उसकी कंपनी की एचआर टीम उसका दोबारा इंटरव्यू लेना चाहती है. वजह यह है कि उसने जिसको रेफर किया था वह उम्मीदवार एक आसान कोडिंग सवाल भी हल नहीं कर पाया. वायरल ईमेल में भर्ती टीम ने कर्मचारी के निर्णय और मूल्यांकन क्षमता पर सवाल उठाए हैं.

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इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर रेफरल सिस्टम, कर्मचारियों की जिम्मेदारी और कंपनियों के रवैये को लेकर बहस छिड़ गई है. ( Photo: ITG) इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर रेफरल सिस्टम, कर्मचारियों की जिम्मेदारी और कंपनियों के रवैये को लेकर बहस छिड़ गई है. ( Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 जून 2026,
  • अपडेटेड 7:21 AM IST

सोशल मीडिया पर आए दिन नौकरी और इंटरव्यू से जुड़े कई दिलचस्प किस्से वायरल होते रहते हैं. कई बार ये घटनाएं लोगों को हैरान कर देती हैं तो कई बार हंसी का कारण बन जाती हैं. हाल ही में एक ऐसा ही मामला सामने आया, जिसने इंटरनेट पर बड़ी बहस छेड़ दी. एक टेक्नीशियन ने दावा किया कि उसकी कंपनी की एचआर टीम अब उसका दोबारा इंटरव्यू लेना चाहती है. वजह यह बताई गई कि जिस उम्मीदवार को उसने नौकरी के लिए रेफर किया था, वह इंटरव्यू में एक बेहद आसान कोडिंग सवाल भी हल नहीं कर पाया.

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मजेदार कमेंट्स भी आए सामने
यह मामला तब चर्चा में आया जब अदिति नाम की एक यूजर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट शेयर की. उन्होंने अपनी कंपनी से मिले एक ईमेल का स्क्रीनशॉट भी पोस्ट किया. पोस्ट के साथ उन्होंने मजाकिया अंदाज में लिखा, "मैंने अपने दोस्त को नौकरी के लिए रेफर किया था और अब एचआर मेरा ही दोबारा इंटरव्यू लेना चाहता है. ईमेल के स्क्रीनशॉट में जो बात लिखी थी, उसने लोगों को और भी ज्यादा चौंका दिया. ईमेल में कहा गया था कि जिस उम्मीदवार की सिफारिश अदिति ने की थी, वह एक साधारण कोडिंग तक हल नहीं कर पाया. इसके बाद भर्ती टीम ने कहा कि इससे अदिति के निर्णय लेने और उम्मीदवारों का आकलन करने की क्षमता पर सवाल खड़े होते हैं.

कंपनी के फैसले पर उठे सवाल
ईमेल में आगे लिखा गया कि कंपनी अब यह जानना चाहती है कि उम्मीदवार को रेफर करते समय कौन-से मानकों का इस्तेमाल किया गया था. इसी कारण से कंपनी ने अदिति का एक नया तकनीकी इंटरव्यू आयोजित करने का फैसला किया है, ताकि उनकी तकनीकी योग्यता की दोबारा जांच की जा सके. जैसे ही यह पोस्ट वायरल हुई, सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई. कुछ लोगों ने इसे मजेदार बताया तो कुछ ने कंपनी के रवैये पर सवाल उठाए. एक यूजर ने लिखा कि यही कारण है कि कई लोग अनजान लोगों को रेफरल देने से बचते हैं. उनके अनुसार, रेफरल सिर्फ किसी का रिज्यूमे आगे भेजना नहीं होता, बल्कि इसमें आपकी अपनी प्रतिष्ठा भी जुड़ी होती है. अगर उम्मीदवार अच्छा प्रदर्शन नहीं करता तो आपकी साख पर भी असर पड़ सकता है.

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वहीं एक अन्य यूजर ने मजाक करते हुए लिखा कि उम्मीदवार ने इतना खराब इंटरव्यू दिया कि उसका असर रेफर करने वाले कर्मचारी तक पहुंच गया. इस टिप्पणी पर भी काफी लोगों ने हंसते हुए प्रतिक्रिया दी. कुछ लोगों ने कंपनी के फैसले को गलत बताया. उनका कहना था कि अगर कोई कर्मचारी लंबे समय से कंपनी में काम कर रहा है और उसका प्रदर्शन अच्छा है, तो केवल एक उम्मीदवार के खराब इंटरव्यू के आधार पर उसका दोबारा इंटरव्यू लेना उचित नहीं माना जा सकता. ऐसे लोगों का मानना था कि उम्मीदवार की असफलता के लिए रेफर करने वाले कर्मचारी को पूरी तरह जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता.

रेफरल सिस्टम पर छिड़ी बहस
एक यूजर ने तो मजाक में यह भी सुझाव दिया कि कर्मचारी को कंपनी से कहना चाहिए कि वह भी एचआर टीम का इंटरव्यू लेना चाहता है, क्योंकि यदि कंपनी को उसकी तकनीकी क्षमता पर दोबारा शक हो रहा है तो इसका मतलब पहली बार उनका आकलन भी पूरी तरह सही नहीं था. हालांकि कुछ लोगों ने कंपनी के पक्ष में भी राय दी. उनका कहना था कि जब कोई कर्मचारी किसी उम्मीदवार की सिफारिश करता है, तो वह अप्रत्यक्ष रूप से उसकी योग्यता की गारंटी भी देता है. इसलिए कंपनियां रेफरल को गंभीरता से लेती हैं. यह घटना भले ही मजाकिया लग रही हो, लेकिन इसने रेफरल सिस्टम और कर्मचारियों की जिम्मेदारी को लेकर एक नई बहस शुरू कर दी है. 

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