4 दिन काम, 2 महीने छुट्टी! पूर्व अमेजन कर्मचारी की कॉर्पोरेट मजदूर जनता पार्टी वायरल

गुरुग्राम के एक पूर्व अमेज़न कर्मचारी ने सोशल मीडिया पर कॉर्पोरेट मजदूर जनता पार्टी नाम की मजाकिया पार्टी शुरू करने का ऐलान किया है. चार दिन का वर्क वीक, दो महीने की छुट्टी और लंबी मीटिंग पर बैन जैसे वादों वाला यह पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है. लोग इसे कॉर्पोरेट कर्मचारियों की असली परेशानियों से जोड़कर देख रहे हैं.

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लोग इसे कॉर्पोरेट कर्मचारियों की असली परेशानियों से जोड़कर देख रहे हैं. ( Photo: AI) लोग इसे कॉर्पोरेट कर्मचारियों की असली परेशानियों से जोड़कर देख रहे हैं. ( Photo: AI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 27 मई 2026,
  • अपडेटेड 10:19 AM IST

आज के समय में कॉर्पोरेट नौकरी करने वाले लोगों पर काम का दबाव कितना बढ़ गया है, यह किसी से छिपा नहीं है. लंबे वर्किंग आवर्स, लगातार मीटिंग, नौकरी जाने का डर और ऑफिस का तनाव अब आम बात बन चुकी है. इसी बीच गुरुग्राम के रहने वाले अमेजन के एक पूर्व कर्मचारी ने सोशल मीडिया पर ऐसा मजाकिया लेकिन सोचने पर मजबूर कर देने वाला पोस्ट शेयर किया, जो तेजी से वायरल हो गया.

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दरअसल, शुभम कुमार मित्तल नाम के इस शख्स ने लिंक्डइन पर कॉर्पोरेट मजदूर जनता पार्टी यानी सीएमजेपी नाम की एक मजाकिया राजनीतिक पार्टी शुरू करने का ऐलान किया. शुभम पहले करीब 5 साल तक अमेजन में प्रोडक्ट मैनेजर के तौर पर काम कर चुके हैं. अब वह एक दूसरी कंपनी में बिजनेस डेवलपमेंट और स्ट्रैटेजी का काम संभाल रहे हैं. उन्होंने अपनी पोस्ट में कॉर्पोरेट दुनिया की परेशानियों, छंटनी, एचआर के व्यवहार और लगातार होने वाली मीटिंग पर मजाकिया अंदाज में निशाना साधा.

कर्मचारियों के लिए दो महीने की छुट्टी की मांग
उन्होंने लिखा कि इंस्टाग्राम पर कॉकरोच जनता पार्टी के वायरल होने के बाद उन्होंने भी अपनी पार्टी शुरू करने का फैसला किया. इसके बाद उन्होंने अपनी पार्टी का ऐसा घोषणापत्र शेयर किया जिसे पढ़कर लोग हंसने भी लगे और उससे जुड़ी बातों से खुद को जोड़ भी पाए. शुभम ने अपनी पार्टी के वादों में चार दिन का वर्क वीक रखने की बात कही. उनका कहना था कि पांच दिन तक लगातार काम करने का दिखावा करना बहुत मुश्किल है. उन्होंने मजाक में यह भी कहा कि ऑफिस में जल्दी कॉल कर लें? जैसे मैसेज को वर्क प्लेस पर मानसिक उत्पीड़न माना जाना चाहिए.

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छंटनी से बचने वालों को पेंशन देने का सुझाव
उन्होंने एक और मजेदार बात लिखी कि 50 से ज्यादा स्लाइड वाली पॉवरपॉइंट प्रेजेंटेशन को असंवैधानिक घोषित कर देना चाहिए. इसके अलावा जो कर्मचारी तीन बार छंटनी से बच जाएं, उन्हें स्वतंत्रता सेनानी पेंशन दी जानी चाहिए. पोस्ट में उन्होंने यह भी कहा कि कर्मचारियों को कॉर्पोरेट ट्रॉमा से उबरने के लिए हर साल दो महीने की गर्मियों की छुट्टी मिलनी चाहिए. वहीं एमएस टीम्स पर अवे स्टेटस को कर्मचारियों का मौलिक अधिकार बना देना चाहिए.

कॉर्पोरेट कर्मचारियों ने पोस्ट से खुद को किया रिलेट
उन्होंने एचआर पर भी तंज कसा. शुभम ने लिखा कि अगर एचआर यह कहे कि हम एक परिवार हैं, तो इसे इमोशनली दबाव माना जाना चाहिए. साथ ही उन्होंने मजाक में कहा कि कर्मचारियों की सीटीसी और हाथ में मिलने वाली सैलरी के अंतर की जांच सीबीआई से करानी चाहिए. सोशल मीडिया पर यह पोस्ट तेजी से वायरल हो गई. हजारों लोगों ने इस पर प्रतिक्रिया दी. कई कॉर्पोरेट कर्मचारियों ने कहा कि यह मजाक जरूर है, लेकिन इसमें सच्चाई भी छिपी हुई है. लोगों ने कहा कि ऑफिस की जिंदगी में ऐसी परेशानियां अब आम हो चुकी हैं.

एक यूजर ने मजाक में लिखा कि जो मीटिंग ईमेल से हो सकती थी, उस पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगना चाहिए. वहीं दूसरे ने कहा कि यह घोषणापत्र असली राजनीतिक पार्टियों से ज्यादा समझदारी वाला लग रहा है. दरअसल, शुभम की यह पोस्ट हाल ही में वायरल हुई कॉकरोच जनता पार्टी से प्रेरित थी. यह एक व्यंग्यात्मक ऑनलाइन आंदोलन है, जो सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहा था.  हालांकि यह पूरी तरह मजाकिया अंदाज में लिखा गया पोस्ट था, लेकिन इसने कॉर्पोरेट नौकरी करने वाले लाखों लोगों की परेशानियों को सामने ला दिया. यही वजह है कि लोग इस पोस्ट को सिर्फ मजाक नहीं, बल्कि आज की कॉर्पोरेट जिंदगी की सच्चाई भी बता रहे हैं.

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