बेंगलुरु में एक दोपहिया वाहन चालक का मामला इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है. वजह है उसके नाम पर दर्ज 100 ट्रैफिक चालान. इन सभी चालानों की कुल राशि 55 हजार रुपये थी, लेकिन कर्नाटक सरकार की विशेष छूट योजना का लाभ मिलने के बाद उसने सिर्फ 27,500 रुपये जमा कर सभी चालान साफ कर दिए. इस अनोखे मामले ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है.
राजाजीनगर ट्रैफिक पुलिस ने इस राइडर की तस्वीर और लंबी चालान रसीद अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर की. पोस्ट के मुताबिक, उसके ज्यादातर चालान बिना हेलमेट वाहन चलाने के कारण कटे थे. तस्वीर सामने आते ही यह मामला इंटरनेट पर वायरल हो गया और लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देने लगे.
दरअसल, कर्नाटक सरकार ने 21 जून से 10 जुलाई तक लंबित ट्रैफिक चालानों पर 50 प्रतिशत की छूट देने की योजना शुरू की है. इस अभियान का मकसद लोगों को पुराने चालानों का निपटारा करने के लिए प्रोत्साहित करना है. राज्यभर में हजारों वाहन मालिक इस योजना का फायदा उठा रहे हैं, लेकिन 100 चालानों वाला यह मामला सबसे ज्यादा चर्चा में आ गया.
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'इससे ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों को बढ़ावा नहीं मिलेगा?'
सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर कई लोगों ने सवाल भी उठाए. एक यूजर ने लिखा कि 55 हजार रुपये का चालान सिर्फ 27,500 रुपये में निपट गया, क्योंकि सरकार ने 50 प्रतिशत की छूट दे दी. आखिर ऐसी योजना का मकसद क्या है? क्या इससे ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों को बढ़ावा नहीं मिलेगा? क्या दूसरे राज्यों में भी ऐसी छूट मिलती है? हमारी अगली पीढ़ी इससे क्या सीखेगी? यूजर की इस टिप्पणी पर भी लोगों के बीच बहस छिड़ गई.
ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, चालान जमा करते समय राइडर ने भविष्य में ट्रैफिक नियमों का पालन करने का भरोसा भी दिया. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे हेलमेट पहनकर ही दोपहिया वाहन चलाएं और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें.
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