सोशल मीडिया पर अक्सर ऐसे वीडियो सामने आते हैं, जो भारत में गिग वर्क से जुड़े लोगों की जिंदगी और उनकी कमाई की कहानी बताते हैं. गिग वर्क ऐसे काम को कहते हैं, जिसमें कोई व्यक्ति किसी कंपनी में स्थायी नौकरी करने के बजाय राइड, डिलीवरी या प्रोजेक्ट के हिसाब से कमाई करता है. भारत में बड़ी संख्या में लोग गिग वर्क से जुड़े हैं और यह उनके लिए रोजगार का एक अहम जरिया बनता जा रहा है.
अब सोशल मीडिया पर ऐसा ही एक वीडियो चर्चा में है, जिसमें एक ऑटो ड्राइवर अपनी कमाई और जिंदगी के सफर के बारे में बताता नजर आ रहा है. खास बात यह है कि यह शख्स पहले एक कंपनी में नौकरी करता था, लेकिन बाद में उसने नौकरी छोड़कर ऑटो चलाना शुरू कर दिया. उसका दावा है कि इस फैसले के बाद उसकी कमाई पहले के मुकाबले बढ़ गई.
ऑटो ड्राइवर की यह कहानी उस वक्त सामने आई, जब Zypp India के फाउंडर और CEO आकाश गुप्ता उसके ऑटो में सफर कर रहे थे. सफर के दौरान दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई तो आकाश गुप्ता ने ड्राइवर से उसकी रोजाना की कमाई के बारे में पूछ लिया. इसके बाद ड्राइवर ने अपनी मौजूदा कमाई से लेकर पुरानी नौकरी तक की कहानी उनके साथ शेयर की.
एक दिन में कितना कमाता है ऑटो ड्राइवर?
बातचीत के दौरान आकाश गुप्ता ने ड्राइवर से पूछा कि वह एक दिन में कितने रुपये कमा लेता है. इस पर ड्राइवर ने बताया कि काम के हिसाब से उसकी रोजाना की कमाई करीब 500 रुपये से 2,000 रुपये के बीच हो जाती है. ड्राइवर के मुताबिक, इस तरह वह महीने में करीब 50 से 60 हजार रुपये तक कमा लेता है. हालांकि उसकी कमाई हर दिन एक जैसी नहीं होती और यह उस दिन मिलने वाले काम पर निर्भर करती है.
ड्राइवर की मौजूदा कमाई इसलिए भी दिलचस्प है, क्योंकि ऑटो चलाना हमेशा से उसका पेशा नहीं था. इससे पहले वह गुरुग्राम की एक कंपनी में नौकरी करता था. बातचीत आगे बढ़ी तो उसने अपनी पुरानी नौकरी और उस समय मिलने वाली सैलरी के बारे में भी बताया.
पहले कंपनी में करता था नौकरी
ड्राइवर के मुताबिक, वह गुरुग्राम की एक कंपनी में सुपरवाइजर के तौर पर काम करता था, जहां उसे करीब 25 हजार रुपये महीने की सैलरी मिलती थी. बाद में उसने वह नौकरी छोड़ दी और ऑटो चलाना शुरू कर दिया. अब उसका दावा है कि ऑटो चलाकर वह महीने में करीब 50 से 60 हजार रुपये तक कमा लेता है.
यानी ड्राइवर के दावे के मुताबिक, उसकी मौजूदा कमाई पुरानी नौकरी की सैलरी के मुकाबले काफी ज्यादा है. हालांकि ऑटो से होने वाली कुल कमाई और वास्तविक बचत में अंतर हो सकता है, क्योंकि इसमें ईंधन, गाड़ी के रखरखाव और दूसरे खर्च भी शामिल होते हैं. इसके बावजूद ड्राइवर अपनी मौजूदा कमाई को लेकर काफी खुश नजर आया.
देखें वीडियो
8 घंटे काम, फिर भी कर लेता है बचत
आकाश गुप्ता के मुताबिक, ड्राइवर करीब आठ घंटे रोजाना काम करता है. अपने रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करने के बाद वह कमाई का एक हिस्सा बचाने में भी कामयाब रहता है. उसकी कहानी ने पारंपरिक नौकरी और गिग वर्क से होने वाली कमाई के अंतर की ओर भी लोगों का ध्यान खींचा है.
हालांकि किसी भी ऑटो ड्राइवर या गिग वर्कर की कमाई को एक पैमाना नहीं माना जा सकता. शहर, काम के घंटे, यात्रियों की संख्या, ईंधन और दूसरे खर्चों के आधार पर कमाई और वास्तविक बचत अलग-अलग हो सकती है. वीडियो में बताई गई कमाई इस ड्राइवर का अपना अनुभव है.
खुद नहीं पढ़ सका, तीन बच्चों को दे रहा शिक्षा
बातचीत सिर्फ ड्राइवर की कमाई तक सीमित नहीं रही. आकाश गुप्ता को उसकी जिंदगी से जुड़ी एक और बात पता चली. ड्राइवर को खुद ज्यादा पढ़ाई करने का मौका नहीं मिल पाया, लेकिन अब वह अपनी मेहनत की कमाई से अपने तीनों बच्चों को पढ़ा रहा है और उनकी शिक्षा का पूरा ध्यान रख रहा है.
एक सामान्य ऑटो राइड से शुरू हुई यह बातचीत आखिर में एक ऐसे शख्स की कहानी सामने लेकर आई, जिसने कंपनी में सुपरवाइजर की नौकरी छोड़कर ऑटो चलाने का फैसला किया. ड्राइवर का दावा है कि अब वह पहले से बेहतर कमाई कर रहा है और साथ ही अपने तीन बच्चों की पढ़ाई की जिम्मेदारी भी उठा रहा है. सोशल मीडिया पर सामने आई उसकी कहानी अब लोगों का ध्यान खींच रही है.
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