पिता देता था लादेन को परमाणु बम का सीक्रेट, पाकिस्तान की झूठ फैक्ट्री का चेहरा...कौन है अहमद शरीफ चौधरी

पाकिस्तान के आतंकी और आतंकियों के रिश्ते अब छिपे नहीं हैं. इसका सबसे बड़ा सबूत है लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी. ये इस वक्त पाकिस्तान के DG ISPR हैं. मतलब, सेना की तरफ से मीडिया में बोलने वाला सबसे बड़ा चेहरा. वैसे तो DG ISPR का काम होता है-सेना की नीतियों को दुनिया के सामने पेश करना, लेकिन चौधरी अब एक प्रोपेगेंडा मशीन बन चुके हैं.

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 आतंकी का बेटा है पाकिस्तान की आर्मी का DG-ISPR                               (Images: File/India Today) आतंकी का बेटा है पाकिस्तान की आर्मी का DG-ISPR (Images: File/India Today)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 12 मई 2025,
  • अपडेटेड 4:54 PM IST

पाकिस्तान के आतंकी और आतंकियों के रिश्ते अब छिपे नहीं हैं. इसका सबसे बड़ा सबूत है लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी. ये इस वक्त पाकिस्तान के DG ISPR हैं. मतलब, सेना की तरफ से मीडिया में बोलने वाला सबसे बड़ा चेहरा. वैसे तो DG ISPR का काम होता है-सेना की नीतियों को दुनिया के सामने पेश करना, लेकिन चौधरी अब एक प्रोपेगेंडा मशीन बन चुके हैं.

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हाल ही में DG ISPR  ने कहा कि भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में नागरिक ठिकानों, मस्जिदों और नीलम-झेलम प्रोजेक्ट को निशाना बनाया. उन्होंने 26 नागरिकों के मारे जाने का दावा भी किया, लेकिन भारत ने हर आरोप को सबूतों के साथ नकार दिया. PIB, I&B मंत्रालय और कई फैक्ट-चेकर्स ने कहा-भारत ने सिर्फ आतंकी अड्डों को निशाना बनाया. जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों के ठिकाने ही टारगेट थे.

अब अहमद शरीफ की असल कहानी जानिए. ये कहानी बताती है कि पाकिस्तान की फौज और आतंकवाद एक ही सोच के दो नाम हैं. जैसे कीचड़ और गंदा पानी जो एक-दूसरे में घुले हुए, जिन्हें अलग करना नामुमकिन हैं और अलग देखना खुद को धोखा देना है.

ओसाम बिन लादेन से कनेक्शन

चौधरी के पिता थे-सुल्तान बशीरुद्दीन महमूद.कभी पाकिस्तान के परमाणु वैज्ञानिक रहे, लेकिन बाद में कट्टरपंथ की राह पर चल पड़े.दुनिया के सबसे खुंखार आतंकी ओसामा बिन लादेन से उनके मुलाकात का सिलसिला चल पड़ा.यहां तक की अल-कायदा को परमाणु बम बनाने की तकनीक देने की कोशिश की थी. 9/11 के बाद, 2001 में, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने उसे अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित कर दिया.

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पिता वैज्ञानिक से बन गए आतंकी

UNSC की सूची में उसका नाम दर्ज है. आरोप है—आतंकी फंडिंग, हथियार सप्लाई और तालिबान-अल-कायदा से गहरे रिश्ते हैं. महमूद ने उम्माह तमीर-ए-नौ नाम की संस्था बनाई थी, जो  दिखावे में NGO था हकीकत में आतंकियों को परमाणु और जैविक हथियारों की जानकारी देने वाला नेटवर्क था.

अमेरिका की खुफिया एजेंसियां तब हैरान रह गईं जब उन्हें पता चला -एक परमाणु वैज्ञानिक ओसामा बिन लादेन से मिल रहा है. वो उसे बम बनाने की पूरी जानकारी दे रहा था. इसके अलावा, अमेरिका के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) ने सुल्तान बशीरुद्दीन महमूद को विशेष रूप से 'ग्लोबल टेररिस्ट' घोषित किया था. OFAC ने उसका पता अल-कायदा के काबुल स्थित एक सेफहाउस के रूप में रिकॉर्ड किया था. और अब सोचिए—उसी महमूद का बेटा भारत के खिलाफ झूठा प्रचार कर रहा है. दुनिया किसकी बात मानेगी?

चौधरी बार-बार पाकिस्तान को आतंक का शिकार बताता है, लेकिन सच्चाई ये है कि उसी की रगों में वही सोच बह रही है-जिसने 9/11 जैसे हमले की नींव रखी थी. DG ISPR अहमद शरीफ चौधरी सिर्फ प्रवक्ता नहीं है।.वह पाकिस्तान की आतंकी सोच का पोस्टर बॉय है.

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