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UN में भारत ने बताया था- अपने लोगों से ज्यादा दुनिया को दी कोरोना वैक्सीन, VIDEO वायरल

aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 17 मई 2021,
  • अपडेटेड 9:24 AM IST
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भारत इस समय कोरोना की दूसरी लहर की चपेट में है और पूरे देश में लोग महामारी से जूझ रहे हैं. वहीं कोरोना से बचाव के लिए देशभर में टीकाकरण भी चल रहा है. लेकिन विपक्ष कोरोना टीकाकरण को लेकर भारत सरकार पर कई सवाल उठा रहा है. कई राज्य सरकारों ने भी वैक्सीन की किल्लत की बात कही है. इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो गया है जिसमें भारतीय अधिकारी कोरोना वैक्सीन को लेकर संयुक्त राष्ट्र में बयान दे रहे हैं.

वायरल वीडियो में संयुक्त राष्ट्र में भारत के उप स्थायी प्रतिनिधि और राजदूत के. नागराज नायडू, संयुक्त राष्ट्र की आम सभा को संबोधित कर रहे हैं. इस दौरान नायडू कहते हैं कि अभी तक (26 मार्च 2021) के आंकड़ों के मुताबिक, हमने अपने देश के लोगों का जितना टीकाकरण किया है, उससे अधिक वैक्सीन की सप्लाई वैश्विक स्तर पर की है.

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एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक, नायडू ने 26 अप्रैल 2021 को संयुक्त राष्ट्र की आम सभा को संबोधित किया था. इस दौरान भारत ने यह भी चेतावनी दी थी कि वैक्सीन वितरण की असमानता इस महामारी को खत्म करने की सामूहिक वैश्विक संकल्प को हरा देगी. सबसे गरीब देशों को यह सबसे ज्यादा प्रभावित करेगा.

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भारत 'कोविड -19 टीकों के लिए समान वैश्विक पहुंच को लेकर राजनीतिक घोषणा' के आरंभकर्ताओं में से एक था, इस मुद्दे पर 180 से अधिक संयुक्त राष्ट्र सदस्य देशों का भारत ने समर्थन प्राप्त किया था.संयुक्त राष्ट्र में भारत के उप स्थायी प्रतिनिधि के. नागराज नायडू ने महासभा की अनौपचारिक बैठक में कहा कि जहां COVID-19 महामारी जारी है, वहीं साल 2021 एक सकारात्मक नोट पर शुरू हुआ, जिसमें वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय ने इस महामारी को रोकने के लिए कई टीकों की खोज की. . 

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नायडू ने बैठक में कहा था, 'जब वैक्सीन चुनौती हल हो गई है, तो अब हमें COVID-19 टीकों की उपलब्धता, पहुंच, सामर्थ्य और वितरण सुनिश्चित करने की जरूरत है. वैश्विक सहयोग की कमी और टीकों की पहुंच में असमानता सबसे गरीब देशों को प्रभावित करेगी.

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नायडू ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को बताया था कि भारत COVID-19 के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में सबसे आगे रहा है. भारत अगले छह महीनों में न केवल अपने स्वयं के फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं का टीकाकरण कर रहा है, बल्कि 70 से अधिक देशों को टीकों की आपूर्ति भी की है.

 

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नायडू ने कहा कि स्वदेशी रूप से विकसित कोवैक्सिन सहित भारत के दो टीकों को पहले ही आपातकालीन इस्तेमाल की इजाजत दे दी गई है. उन्होंने कहा था कि 30 और वैक्सीन ​​परीक्षणों के विभिन्न चरणों में हैं.

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बता दें कि भारत में फिलहाल दो कोरोना वायरस वैक्सीन का उत्पादन हो रहा है. एक कोविशील्ड है जो सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित एस्ट्राजेनेका/ऑक्सफोर्ड वैक्सीन का भारतीय संस्करण है. वहीं, Covaxin फार्मा कंपनी Bharat Biotech द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित वैक्सीन है. 

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