दुनिया में किसी देश के पासपोर्ट की ताकत उसके नागरिकों को मिलने वाली अंतरराष्ट्रीय यात्रा की स्वतंत्रता और उसके कूटनीतिक संबंधों को दर्शाती है. लेकिन हाल ही में जारी हुई ग्लोबल पासपोर्ट रैंकिंग की नई लिस्ट ने भारतीयों को बड़ा झटका दिया है. इस नई सूची में भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है.
हेनले पासपोर्ट इंडेक्स के 20वें वर्षगांठ संस्करण के जुलाई 2026 की अपडेटेड लिस्ट में भारतीय पासपोर्ट एक स्थान और नीचे खिसक गया है. अब भारतीय पासपोर्ट की रैंक 81वें स्थान पर है. भारतीय पासपोर्टधारक 55 देशों में ही वीजा-फ्री या वीजा-ऑन-अराइवल की सुविधा हासिल कर सकते हैं.
पासपोर्ट रैंकिंग गिरने से क्या होता है
पासपोर्ट की रैंकिंग गिरने का सीधा मतलब है कि भारतीय नागरिकों के लिए विदेशों में मिलने वाली वीजा फ्री एंट्री या ऑन-अराइवल वीजा की संख्या पहले से ज्यादा सीमित हो गई है.
इस लिस्ट में भारत 81वें स्थान पर है जबकि फरवरी की सूची में ये 75वें स्थान पर था. साल की शुरुआत में सुधार के बाद फिर से इसकी रैंकिंग में गिरावट आई है.
हेनले पासपोर्ट इंडेक्स यह एडिशन बताता है कि पिछले दो दशकों में ग्लोबल ट्रैवल कितना बदल गया है.
इंडेक्स में कहा गया है कि पिछले 20 सालों में भारतीय पासपोर्ट की ताकत में कमी आई है. 2006 में यह 71वें स्थान पर था. 2021 में यह गिरकर सबसे निचले स्तर यानी 91वें स्थान पर आ गया था लेकिन बाद में इसमें फिर से सुधार हुआ.
सिंगापुर का है सबसे मजबूत पासपोर्ट
दो दशक पहले दुनिया के सबसे ताकतवर पासपोर्ट जिनमें अमेरिका, डेनमार्क और फिनलैंड शामिल थे. बिना पहले से वीजा लिए 130 जगहों पर जाने की सुविधा देते थे. आज सिंगापुर रैंकिंग में सबसे आगे है और इसके पासपोर्ट से 192 जगहों पर जाने की सुविधा मिलती है.
वहीं, संयुक्त अरब अमीरात जापान और दक्षिण कोरिया के साथ दूसरे स्थान पर है. इन सभी देशों के पासपोर्ट से 188 जगहों पर जाने की सुविधा मिलती है.
ट्रैवल का लोगों की लाइफस्टाइल का हिस्सा बनने और छोटी अंतरराष्ट्रीय यात्राओं पर भी ज्यादा खर्च करने की वजह से पर्यटन कई देशों के लिए एक अहम सेक्टर बन गया है. 2006 में टॉप 10 रैंकिंग में 26 पासपोर्ट शामिल थे. आज यह संख्या बढ़कर 38 हो गई है.
शुरुआती सालों में अमेरिका पहले स्थान पर था और ब्रिटेन तीसरे स्थान पर था. लेकिन हालिया रैकिंग में ये 10वें स्थान पर है और ब्रिटेन छठे स्थान पर है. हालांकि, अफगानिस्तान अभी भी सबसे नीचे है.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क