स्पेक्ट्रम मिलने के छह महीने के अंदर 5G ला सकती है जियो

एरिक्सन इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर नितिन बंसल ने कहा है, ‘हम भारत के लिए 5G प्रोग्राम को सपोर्ट करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और यह 2020 तक पूरा कर लिया जाएगा’

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मुन्ज़िर अहमद

  • नई दिल्ली,
  • 26 सितंबर 2018,
  • अपडेटेड 4:16 PM IST

रिलायंस जियो 4G सर्विस और आक्रामक प्लान ला कर कम समय में देश की बड़ी टेलीकॉम कंपनी बन गई है. अब तैयारी 5G की है. रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी 5G स्पेक्ट्रम मिलने के छह महीने के अंदर ही भारत में 5G सर्विस लॉन्च करेगी यानी 2020 तक कस्टमर्स तक 5G सर्विस पहुंच सकती है.

ET की एक रिपोर्ट के मुताबिक जियो के एक अधिकारी ने कहा है, ‘जियो के पास 5G- रेडी LTE नेटवर्क है और हम स्पेक्ट्रम मिलने के पांच से छह महीने के अंदर यह टेक्नॉलॉजी आधारित सर्विस लॉन्च करने में सक्षम हैं. कंपनी आक्रामक तरीके से ऑप्टिक फाइबर लगा रही है जो 5G नेटवर्क के बैकबोन के तौर पर काम करेगा’

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गौरतलब है कि 2019 के आखिर तक स्पेक्ट्रम की नीलामी होगी. हाल ही में सरकार ने भारत में 5G ट्रायल के लिए  सिस्को, सैमसंग, एरिक्सन और नोकिया के साथ पार्टनर्शिप करने की बात कही है. जबकि चीनी कंपनियां हुआवे और जीटीई को इनसे बाहर रखा गया है.

दूरसंचार मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा, हमने उच्च स्तरीय 5G कमेटी गठित की है, जो 5G के बारे में दृष्टिकोण, मिशन और लक्ष्यों को लेकर काम करेगी. दुनिया में 2020 में जब 5G टेक्नोलॉजी लागू होगी, मुझे भरोसा है कि भारत उनके साथ खड़ा रहेगा.

अधिकारियों के अनुसार सरकार 5G से जुड़ी गतिविधियों के लिये 500 करोड़ रुपये का बजट निकालने पर काम कर रही है. यह कार्य मुख्य रूप से रिसर्च और प्रोडक्ट डेवलपमेंट का होगा. 5G टेक्नोलॉजी के तहत सरकार का शहरी क्षेत्रों में 10,000 मेगाबाइट प्रति सेकेंड MBPS और ग्रामीण क्षेत्रों में 1000 MBPS की स्पीड उपलब्ध कराने का लक्ष्य है.

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