नीदरलैंड्स फॉरेंसिक इंस्टिट्यूट का दावा, डिक्रिप्ट कर सकते हैं ब्लैकबेरी के ईमेल्स

सिक्योर ब्लैकबेरी स्मार्टफोन पर भी खतरा मंडरा रहा है. नीदरलैंड्स फॉरेन्सिक इंस्टिट्यूट के रिसर्चर्स ने दावा किया है कि वे पीजीपी सिक्योर ब्लैकबेरी डिवाइस के ईमेल को पढ़ सकते हैं.

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मुन्ज़िर अहमद

  • नई दिल्ली,
  • 12 जनवरी 2016,
  • अपडेटेड 5:58 PM IST

सिक्योरिटी के लिए ब्लैकबेरी स्मार्टफोन दुनिया भर में मशहूर है. कई बार कंपनी पर सरकार से डेटा ना साझा करने के भी आरोप लगे हैं, पर कंपनी का मानना है कि वह अपने किसी भी यूजर का डेटा किसी के साथ शेयर नहीं कर सकती. अमेरिकी प्रेसिडेंट बराक ओबामा और व्हाइट हाउस के अधिकारी भी खास सिक्योर ब्लैकबेरी स्मार्टफोन यूज करते हैं.

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नीदरलैंड्स फॉरेंसिक इंस्टिट्यूट के रिसर्चर्स ने दावा किया है कि वे कस्टम हाई सिक्योरिटी ब्लैकबेरी डिवाइस के एन्क्रिप्टेड ईमेल्स पढ़ सकते हैं.

एनएफआई प्रेस ऑफिसर तूशा एसाद ने कहा, 'हम ब्लैकबेरी के PGP (प्रिटी गुड प्रिवेसी) डिवाइस के एन्क्रिप्टेड डेटा को हासिल कर सकते हैं'. गौरतलब है कि यह एजेंसी नीदरलैंड के क्रिमिनल केसों का फॉरेंसिक इंवेस्टिगेशन करती है.

यह खबर उन लोगों को लिए सिरदर्द बनेगी जो पीजीपी एन्क्रिप्शन वाले कस्टम ब्लैकबेरी स्मार्टफोन खरीदते हैं ताकि उनके ईमेल और मैसेज सिक्योर रहें. पर इस खुलासे के बाद पीजीपी सिक्योर ब्लैकबेरी स्मार्टफोन यूजर्स भी परेशान होंगे.

ब्लैकबेरी फोन इस दावे के साथ बेचते हैं कि ये संवेदनशील कम्यूनिकेशन के लिए बेहतर हैं क्योंकि इस फोन से दूसरों के लिए आपके ईमेल्स पढ़ना नामुमकिन है. मदरबोर्द की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इन मोबाइल के कंटेंट को डिक्रिप्ट करने के लिए लॉ इंफोर्समेंट एजेंसियों को मोबाइल फोन का फिजिकल एक्सेस जरूरी है.

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गौरतलब है कि कई बार अमेरिकी और ब्रिटिश इंटेलिजेंस एजेंसियां भी ब्लैकबेरी के सिक्योर एन्क्रिप्टेड कम्यूनिकेशन को डिक्रिप्ट नहीं कर सकी हैं.

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